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रैपिड रेल : भूमिगत टनल और स्टेशन में यातायात का रखें विशेष ध्यान : प्रबंध निदेशक
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एनसीआरटीसी प्रबंध निदेशक ने किया मोदीपुरम से मेरठ दक्षिण तक निरीक्षण
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। अब मेरठ शहर में शुरू होने वाले भूमिगत स्टेशनों के निर्माण से पहले रविवार को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक विनय कुमार सिंह ने मोदीपुरम से लेकर मेरठ दक्षिण स्टेशन तक निरीक्षण किया। उन्होंने इस कॉरिडोर में चल रहे निर्माण कार्यों की विस्तार से जानकारी ली। सदर तहसील से शुरू होने वाले भूमिगत टनल और स्टेशन के बारे में नक्शे पर इंजीनियरों को दिशा निर्देश दिए। 15 मार्च के बाद कभी भी तहसील में भूमिगत टनल के लिए खोदाई का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि समय सीमा में प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए निर्माण की गति बढ़ाई जाए। गुणवत्ता और सुरक्षा प्रोटोकॉल में किसी भी कीमत पर कमी नहीं आने दी जाएगी। बेगमपुल पर बढ़ने से पहले उन्होंने टैंक चौराहा पर बनाए जाने वाले अप रैंप के कार्य की प्रगति को देखा। इस स्थान से ही रैपिड रेल मोदीपुरम तक एलीवेटेड चलेगी। इसके बाद उन्होंने तीन भूमिगत स्टेशनों बेगमपुल, भैसाली और मेरठ सेंट्रल के स्थलों का दौरा किया। उन्होंने चुनौतियों और जटिलताओं को समझने के लिए इंजीनियरों की एक टीम के साथ बातचीत की और क्षेत्र की टीमों द्वारा तैयार यातायात संचलन योजना को विशेष महत्व दिया ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि निर्माण के दौरान सड़क यात्रियों को कम से कम गड़बड़ी हो।
कास्टिंग यार्ड में देखी गुणवत्ता
शताब्दी नगर कास्टिंग यार्ड का निरीक्षण करते हुए गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रक्रियाओं पर चर्चा, स्टेशनों के प्रीकास्ट तत्वों की ढलाई में प्रगति आदि को देखा। उन्होंने ठेकेदारों, साइट अधिकारियों को प्रेरित किया कि वे एक ऐसी टीम का हिस्सा हैं जो भारत में अपनी तरह की पहली प्रणाली को लागू कर रही है। इसके लिए निर्माण के लिए बैरिकेड्स लगाने से पहले स्थानीय नागरिकों को न्यूनतम असुविधा सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त उपाय करने चाहिए।
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माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। अब मेरठ शहर में शुरू होने वाले भूमिगत स्टेशनों के निर्माण से पहले रविवार को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक विनय कुमार सिंह ने मोदीपुरम से लेकर मेरठ दक्षिण स्टेशन तक निरीक्षण किया। उन्होंने इस कॉरिडोर में चल रहे निर्माण कार्यों की विस्तार से जानकारी ली। सदर तहसील से शुरू होने वाले भूमिगत टनल और स्टेशन के बारे में नक्शे पर इंजीनियरों को दिशा निर्देश दिए। 15 मार्च के बाद कभी भी तहसील में भूमिगत टनल के लिए खोदाई का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि समय सीमा में प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए निर्माण की गति बढ़ाई जाए। गुणवत्ता और सुरक्षा प्रोटोकॉल में किसी भी कीमत पर कमी नहीं आने दी जाएगी। बेगमपुल पर बढ़ने से पहले उन्होंने टैंक चौराहा पर बनाए जाने वाले अप रैंप के कार्य की प्रगति को देखा। इस स्थान से ही रैपिड रेल मोदीपुरम तक एलीवेटेड चलेगी। इसके बाद उन्होंने तीन भूमिगत स्टेशनों बेगमपुल, भैसाली और मेरठ सेंट्रल के स्थलों का दौरा किया। उन्होंने चुनौतियों और जटिलताओं को समझने के लिए इंजीनियरों की एक टीम के साथ बातचीत की और क्षेत्र की टीमों द्वारा तैयार यातायात संचलन योजना को विशेष महत्व दिया ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि निर्माण के दौरान सड़क यात्रियों को कम से कम गड़बड़ी हो।
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कास्टिंग यार्ड में देखी गुणवत्ता
शताब्दी नगर कास्टिंग यार्ड का निरीक्षण करते हुए गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रक्रियाओं पर चर्चा, स्टेशनों के प्रीकास्ट तत्वों की ढलाई में प्रगति आदि को देखा। उन्होंने ठेकेदारों, साइट अधिकारियों को प्रेरित किया कि वे एक ऐसी टीम का हिस्सा हैं जो भारत में अपनी तरह की पहली प्रणाली को लागू कर रही है। इसके लिए निर्माण के लिए बैरिकेड्स लगाने से पहले स्थानीय नागरिकों को न्यूनतम असुविधा सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त उपाय करने चाहिए।
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