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रैपिड रेल : 257 मीटर लंबा होगा भैंसाली भूमिगत स्टेशन

Mon, 31 May 2021 02:24 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 31 May 2021 02:24 AM IST
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Rapid Rail: Bhainsali underground station will be 257 meters long
रैपिड रेल : 257 मीटर लंबा होगा भैंसाली भूमिगत स्टेशन
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मेरठ। रैपिड रेल कॉरिडोर के 82 किमी के दायरे में भूमिगत स्टेशन की छत बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसकी शुरुआत सदर तहसील परिसर से की गई है। इसी स्थान से लेकर रोडवेज कार्यशाला तक भूमिगत भैंसाली स्टेशन बनाया जाना है। इसके लिए एक माह से तैयारी की जा रही है। भैंसाली स्टेशन 257 मीटर लंबा और 32 मीटर चौड़ा बनाया जा रहा है। इसके लिए 121 डी-वॉल पैनल को खड़ा किया जाएगा।
डी- वाल के प्रथम पैनल के निर्माण के लिए 24 मीटर लंबे और एक मीटर चौड़े री-इफ़ोर्समेंट केज को खड़ा किया गया। इसके बाद कंक्रीट की मदद से इसे जोड़ दिया जाएगा। फिर स्टेशन के बाहरी ढांचे का निर्माण किया जाएगा। भूमिगत स्टेशन का निर्माण टॉप- डाउन प्रणाली से होगा।
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ऐसे बनाया जाता है भूमिगत स्टेशन
भूमिगत स्टेशन की ऊपरी छत बनने के बाद खोदाई करके मिट्टी निकाली जाती है। इसके बाद स्टेशन का प्रथम तल का फ्लोर बनाया जाता है। ये फ्लोर भूमिगत स्टेशन का कॉनकार्स बन जाता है। इसमें यात्रा करने वाले टिकट लेते है, सुरक्षा जांच से गुजरते हैं, एटीएम, फूड और शौचालय की सुविधा का लाभ उठाते है। इसी प्रकार भूमिगत स्टेशन के प्रथम तल के निर्माण के बाद और गहरी खोदाई की जाती है और समुचित गहराई तक खुदाई करने के बाद एक और तल का निर्माण किया जाता है। ये तल स्टेशन का प्लेटफ़ार्म लेवल होता है। इसका इस्तेमाल ट्रेन से उतरने और चढ़ने के लिए यात्री करते हैं।
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टॉप-डाउन तकनीक से ऐसे होगा काम
इस पूरी प्रक्रिया में पहले भूमिगत स्टेशन की छत, फिर कॉनकार्स लेवल और फिर अंत में प्लेटफ़ार्म लेवल तैयार किया जाता है। इसलिए इसे टॉप डाउन निर्माण तकनीक कहा जाता है। ये सब 20 -25 मीटर के गहराई में तैयार किया जाता है। किसी भी भूमिगत निर्माण के दौरान कम समय और कम जगह में जल्दी निर्माण कार्य पूरा करने के लिए टॉप- डाउन निर्माण प्रणाली ही सर्वोत्तम मानी जाती है। एनसीआरटीसी भी इसी प्रणाली के इस्तेमाल से मेरठ सेंट्रल, भैंसाली और बेगमपुल पर भूमिगत स्टेशन का निर्माण करेगा।
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