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दीक्षांत समारोह में बोले राज्यपाल, बेटों का वर्चस्व तोड़ कृषि क्षेत्र में आगे बढ़ रहीं बेटियां

Thu, 13 Sep 2018 07:26 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Updated Thu, 13 Sep 2018 07:26 PM IST
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Rani Naik says in convocation ceremony that girl students moving forward in agriculture field
दीक्षांत समारोह के लिए पहुंचे राज्यपाल राम नाईक - फोटो : अमर उजाला
उत्तर प्रदेश के राज्यपाल रामनाईक ने गुरूवार को मेरठ में सरदार वल्लभ भाई कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के 11वे दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता करते हुए कहा कि जीवन में असफलता हाथ लगने पर मायूस न हों। यह सुखद है कि पहले केवल छात्रों को ही कृषि क्षेत्र के लिए जाना जाता था। लेकिन अब बेटियां भी इस वर्चस्व को तोड़कर उपलब्धियां हासिल कर रही हैं। किसानों की आय साल 2022 तक दोगुना करना एक चुनौती है।
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अध्यक्षीय संबोधन में राज्यपाल ने 274 छात्र-छात्राओं को डिग्री और 7 को मेडल बांटे। मेडल सात में पांच लड़कियों को मिले तो राज्यपाल भी काफी खुश हुए। कहा कि प्रदेश में करीब 15 लाख 60 हजार 655 स्टूडेंट्स उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। इनमें से 7 लाख 97 हजार 646 लड़कियां है। यानी पढ़ाई के मामले में लड़कियों की संख्या अधिक हैं। बताया कि यूपी में 51 प्रतिशत संख्या छात्राओं की है। मेडल प्राप्त करने में भी लड़कियां लड़कों को पीछे छोड़ रही हैं। कुल मेडल लेने वाले स्टूडेंट्स में 65 प्रतिशत संख्या लड़कियों की है, जो शुभ संकेत है। 

2022 तक एक चुनौती
राज्यपाल के अनुसार आज हम ऐसी स्थिति में हैं कि गेहूं का निर्यात कर सकें। जबकि वर्ष 1950 में हमें गेहूं का आयात करना पड़ता था, अब तीन गुना आबादी बढ़ने पर भी हम निर्यात कर रहे हैं। प्रधानमंत्री का विजन है कि किसानों की आय 2022 तक दोगुनी की जाए। यह एक चुनौती भरा कार्य है। इस कार्य को केवल किसान और कृषि वैज्ञानिक के विचार करने से काम नहीं चलेगा। हम सब को इस बारे में सोच कर कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में हम कहां हैं और हमें कहां जाना है, इस पर विचार करना होगा। हमें कृषि में नए शोध शामिल करने होंगे। किसानों को नई तकनीक देनी होगी। संसाधनों का उचित प्रयोग करना होगा। 

यूपी प्रदेश न होता तो चौथा बड़ा देश
राज्यपाल रामनाईक ने कहा कि यूपी की यदि जनसंख्या के हिसाब से बात करें तो इससे बड़े केवल तीन देश अमेरिका, चीन और इंडोनेशिया हैं। यदि यूपी प्रदेश न होता तो यह आबादी के हिसाब से चौथा बड़ा देश होता। इसीलिए यूपी की जिम्मेदारी देश के विकास में भी अधिक होनी चाहिए। किसान और वैज्ञानिकों के प्रयास से ही आज हम गेहूं निर्यात करने की स्थिति में आए। हमें इसे समझना चाहिए। किसानों को यदि सही मार्गदर्शन मिले तो वह और अधिक आगे बढ़ सकते हैं। छात्रों की जिम्मेदारी है कि वह नवीन ज्ञान किसानों तक पहुंचाएं।  

 
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Rani Naik says in convocation ceremony that girl students moving forward in agriculture field
छात्र को सम्मानित करते राज्यपाल राम नाईक - फोटो : अमर उजाला
असफलता से हार न मानें, सीखें
छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि यह उनका पहला पड़ाव था, जो अब समाप्त हुआ। अब उन्हें दूसरे पड़ाव की ओर जाना है। आज स्पर्धा विश्वव्यापी है। स्पर्धा तेज हुई है। इस स्पर्धा में हमें आगे बने रहने के लिए कठिन परिश्रम करने होंगे। जो भी कार्य करना होगा उसे प्रमाणिकता के साथ करना होगा। उन्होंने छात्रों को सीख देते हुए कहा कि शार्ट कट का रास्ता प्रगति को रोक देता है। जीवन में असफलता जरूर आती है। लेकिन उससे हमें हिम्मत नहीं हारनी चाहिए। बल्कि उससे हमें सीखना चाहिए। गलतियों को सुधार कर हमें स्वयं का आत्म निरीक्षण करना चाहिए। इससे सुधार का मौका मिलेगा और हमें कामयाबी मिलेगी।  

सरदार पटेल ने सबसे पहले किसानों के लिए किया था आंदोलन  
राज्यपाल ने अपने संबोधन में सरदार पटेल का जिक्र करते हुए कहा कि सबसे पहले आंदोलन सरदार पटेल ने किसानों के लिए किया था। उस समय गांधी जी ने उनको यह नाम दिया था, तभी से वह सरदार पटेल हो गए थे। आज का दिन दीक्षांत समारोह के लिए इसलिए भी अहम है कि आज से गणेश जी का उत्सव शुरू हो गया है इसलिए छात्र-छात्राओं सहित सभी को गणेश उत्सव की भी बधाई। 
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इन्हें मिले पदक

राज्यपाल राम नाईक, मुख्य अतिथि आनंद कृषि विवि आनंद गुजरात के कुलपति डॉ. एनसी पटेल और कुलपति डॉ. गया प्रसाद व कुलसचिव डॉ. बीआर सिंह ने छात्र छात्राओं को डिग्री और मेडल दिए। वर्ष 2014 में बायोटेक में कुलाधिपति स्वर्ण व कुलपति स्वर्ण पदक मुजफ्फरनगर की अनम सिद्दीकी को मिला। कुलपति रजत अक्षिता अंगरिषी (मेरठ), कुलपति कांस्य निकिता देशवाल (पल्लवपुरम मेरठ) को मिला। बीएससी ऐजी में विशाल कुमार (वाराणसी) को कुलपति स्वर्ण पदक, कुलपति रजत पदक अंजली आर्य (मेरठ) और कुलपति कांस्य पदक अमनदीप (मेरठ) को दिया गया। पदक लेने के लिए कोई अपने माता-पिता तो कोई अपने भाई-बहन के साथ कृषि विवि में पहुंचे।  

ये दी गईं डिग्री
बीएससी ऐजी -120  
बीटेक बायोटेक -67  
पीएचडी - 30  
मास्टर प्रोग्राम - 57 


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