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Meerut News: आयुष्मान योग में रंगोत्सव आज, गलियों से सड़कों तक बरसेंगे रंग
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त्रिशूल, रॉकेट पिचकारियों से सजा होली का बाजार, फोटो स्रोत स्वयं
मेरठ। रंगभरी एकादशी पर शुक्रवार को भगवान को रंग चढ़ाने के साथ आयुष्मान योग में रंगोत्सव की शुरुआत होगी। इसी के साथ शहर में होली मोहल्ला में रंगों की बौछार होने लगेगी। सड़कों से लेकर गलियों तक पिचकारी छूटने लगेगी।
ज्योतिषाचार्य विनोद त्यागी ने बताया कि इस दिन शिव के गण भगवान शंकर के साथ गुलाल की होली खेलते हैं। इस साल आमलकी एकादशी पर बहुत ही शुभ योग बन रहा है। सूर्योदय से लेकर पूरा दिन आयुष्मान योग होगा जो कि बहुत ही शुभ माना जाता है। आमलकी एकादशी को आंवला एकादशी या आमली ग्यारस के रूप में भी मनाया जाता है। इस एकादशी में आंवले के पेड़ की पूजा करने के साथ ही आंवले का दान करने का भी विधान है। जिससे कई यज्ञों का फल मिलता है। इस दिन आंवला खाने से बीमारियां खत्म होती हैं।
आज भगवान नारायण के साथ शिव पार्वती पूजन
ब्याह के बाद पहली बार शिव जी गौना कराकर माता गौरा संग काशी नगरी आए थे। इंडियन काउंसिल ऑफ एस्ट्रोलॉजिकल साइंस के सचिव आचार्य कौशल वत्स ने बताया कि होली से पहले आने वाली एकादशी को रंगभरी और आमलकी एकादशी कहा जाता है। इस दिन से बनारस में बाबा विश्वनाथ को होली खेलकर इस पर्व की शुरुआत की जाती है। मान्यता है कि इसी दिन बाबा विश्वनाथ माता गौरा का गोना कराकर पहली बार काशी आए थे। ऐसे में मेरठ में भी होली उत्सव की शुरुआत हो जाती है। आज भगवान नारायण, शिव पार्वती की पूजा होगी। इस दिन आंवले के पेड़ और भगवान विष्णु की पूजा करने का विधान है। इस दिन शुभ ग्रह योगों के प्रभाव से व्रत और पूजा का पुण्य और बढ़ जाएगा।
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सूर्योदय के बाद आरंभ होगा रंगभरी एकादशी पूजन
ज्योतिषाचार्य मनीष स्वामी ने बताया कि रंगभरी एकादशी पूजन 27 फरवरी को 6 बजकर 48 मिनट से आरंभ होगा। भक्त इस समय में भगवान विष्णु, शिव और माता पार्वती की पूजा करेंगे। ब्रह्म मुहूर्त में सुबह 5 बजकर 9 मिनट से 5 बजकर 58 मिनट तक विशेष पूजा। जो लोग सुबह जल्दी उठकर जप-तप और पूजा करते हैं उनके लिए यह समय बहुत शुभ है।
करियर बाधा दूर-दूर करने के लिए आंवले के पेड़ पर चढ़ाएं जल
रंगभरी एकादशी पर करियर संबंधी बाधाओं को दूर करने के लिए आंवले के पेड़ पर जल चढ़ाएं। आचार्य कौशल वत्स ने बताया कि इसके बाद जड़ से मिट्टी लेकर उसका तिलक अपने माथे पर लगाएं। इस एक उपाय से आपकी जिंदगी में आने वाली वो सारी बाधाएं खत्म हो जाएंगी। जिसकी वजह से आप करियर में वृद्धि नहीं देख पा रहे हैं।
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ज्योतिषाचार्य विनोद त्यागी ने बताया कि इस दिन शिव के गण भगवान शंकर के साथ गुलाल की होली खेलते हैं। इस साल आमलकी एकादशी पर बहुत ही शुभ योग बन रहा है। सूर्योदय से लेकर पूरा दिन आयुष्मान योग होगा जो कि बहुत ही शुभ माना जाता है। आमलकी एकादशी को आंवला एकादशी या आमली ग्यारस के रूप में भी मनाया जाता है। इस एकादशी में आंवले के पेड़ की पूजा करने के साथ ही आंवले का दान करने का भी विधान है। जिससे कई यज्ञों का फल मिलता है। इस दिन आंवला खाने से बीमारियां खत्म होती हैं।
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आज भगवान नारायण के साथ शिव पार्वती पूजन
ब्याह के बाद पहली बार शिव जी गौना कराकर माता गौरा संग काशी नगरी आए थे। इंडियन काउंसिल ऑफ एस्ट्रोलॉजिकल साइंस के सचिव आचार्य कौशल वत्स ने बताया कि होली से पहले आने वाली एकादशी को रंगभरी और आमलकी एकादशी कहा जाता है। इस दिन से बनारस में बाबा विश्वनाथ को होली खेलकर इस पर्व की शुरुआत की जाती है। मान्यता है कि इसी दिन बाबा विश्वनाथ माता गौरा का गोना कराकर पहली बार काशी आए थे। ऐसे में मेरठ में भी होली उत्सव की शुरुआत हो जाती है। आज भगवान नारायण, शिव पार्वती की पूजा होगी। इस दिन आंवले के पेड़ और भगवान विष्णु की पूजा करने का विधान है। इस दिन शुभ ग्रह योगों के प्रभाव से व्रत और पूजा का पुण्य और बढ़ जाएगा।
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सूर्योदय के बाद आरंभ होगा रंगभरी एकादशी पूजन
ज्योतिषाचार्य मनीष स्वामी ने बताया कि रंगभरी एकादशी पूजन 27 फरवरी को 6 बजकर 48 मिनट से आरंभ होगा। भक्त इस समय में भगवान विष्णु, शिव और माता पार्वती की पूजा करेंगे। ब्रह्म मुहूर्त में सुबह 5 बजकर 9 मिनट से 5 बजकर 58 मिनट तक विशेष पूजा। जो लोग सुबह जल्दी उठकर जप-तप और पूजा करते हैं उनके लिए यह समय बहुत शुभ है।
करियर बाधा दूर-दूर करने के लिए आंवले के पेड़ पर चढ़ाएं जल
रंगभरी एकादशी पर करियर संबंधी बाधाओं को दूर करने के लिए आंवले के पेड़ पर जल चढ़ाएं। आचार्य कौशल वत्स ने बताया कि इसके बाद जड़ से मिट्टी लेकर उसका तिलक अपने माथे पर लगाएं। इस एक उपाय से आपकी जिंदगी में आने वाली वो सारी बाधाएं खत्म हो जाएंगी। जिसकी वजह से आप करियर में वृद्धि नहीं देख पा रहे हैं।