रामदेव ने क्यों कहा- PM मोदी अमेरिका जाएं तो एयरपोर्ट पर लेने आएं ट्रंप, जानिए
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देश को तरक्की के रास्ते पर ले जाना है तो हमें जातिवाद के जहर को खत्म करना होगा। इसके लिए किसी दल की नहीं बल्कि सोच की जरूरत है। वहीं, देश की ताकत ऐसी होनी चाहिए कि जब प्रधानमंत्री अमेरिका जाएं तो वहां के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप उन्हें रिसीव करने एयरपोर्ट पर आएं। ये बातें सोमवार को योग गुरु बाबा रामदेव ने कहीं।
नेताजी सुभाष जन्म दिवस समारोह समिति और पंवार वाणी फाउंडेशन की तरफ से नेताजी सुभाष चंद बोस जयंती की पूर्व संध्या पर पीएल शर्मा स्मारक भवन में कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। बाबा रामदेव ने कहा कि देश में बच्चे के 18 साल का होते ही उसके जेहन में जात-पात का जहर भर दिया जाता है। जब वो वोट देने जाता है तो उसको बताया जाता है कि अपनी जाति वाले को ही वोट देना है। यहीं से उसके मन में जातिवाद की बातें आ जाती हैं। भगवान ने मनुष्य को बिना किसी भेदभाव के बनाया है। सबको एक समान ज्ञान और सामर्थ्य दिया है। लेकिन फिर भी लोग जात-पात को मानते हैं। लोग मुझसे ही जाति पूछने लगे तो मैंने कहा कि मैं महर्षि दयानंद को पढ़कर बड़ा हुआ हूं। मैं जात-पात नहीं मानता। उन्होंने जातिवाद मानने वाले लोगों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि भइया किसी को रोटी नहीं खानी हो तो मत खाइए, हमारे यहां पतंजलि में दलित रसोइए खाना बनाते हैं।
बिग बॉस में बैठते हैं वाहियात लोग
रामदेव ने कहा कि लोग मुझसे पूछते हैं कि कपिल शर्मा के शो में क्यों गए तो मैंने कहा कि वो तो मेरा शो था। 95 प्रतिशत मैं बोला। बाबा ने कहा कि मैं जहां जाता हूं सिद्धांतो से समझौता नहीं करता। मैं देश, धर्म, सत्य और न्याय, स्वाधीनता की बात करता हूं। हां, मैं बिग बॉस में नहीं गया। वहां से तो पांच करोड़ का ऑफर भी था, कह रहे थे कि बस एक बार झलक दिखा जाओ। रामदेव ने कहा कि वहां वाहियात लोग बैठे होते हैं। बाबाओं की भी एक आचार संहिता बननी चाहिए। बिग बॉस में एक गुंडे बाबा को बिठा दिया।
देशभक्ति गीतों से गूंजा हॉल
बाबा रामदेव ने पक्तियां पढ़ी कि भगवान आर्यों को ऐसी लगन लगा दे, देश और धर्म की खातिर मिटना इन्हें सिखा दे। फिर राम-कृष्ण निकले घर-घर गली-गली से, अर्जुन-करण जैसे योद्घा रणास्थली से। भीष्म से ब्रह्मचारी और भीम महाबली से, फिर से कोई दयानंद, जैसा ऋषि दिखा दे। ऐसे हों लाल पैदा खेलें जो गोलियों से, भूमि को तृप्त कर दें। गूंजे ये देश मेरा वीरों की बोलियों से, जिसमें हों भगत सिंह, वीरों की टोलियों से। इनको वतन की खातिर फांसी पे भी हंसा दें। गीत सुनकर पूरे हॉल में तालियां का शोर सुनाई देने लगा।
देश की ताकत ऐसी हो
बाबा रामदेव ने कहा कि 80 लाख की आबादी वाले देश इजराइल के प्रधानमंत्री आते हैं तो हमारे प्रधानमंत्री, सवा सौ करोड़ लोगों के नुमाइंदे उन्हें एयरपोर्ट पर लेने जाते हैं। मुझे इसमें आपत्ति नहीं है, अतिथि देवो भव:। ये हमारी संस्कृति है। लेकिन मैं ये भी देखना चाहता हूं जब मोदी जी अमेरिका जाएं तो राष्ट्रपति ट्रंप उन्हें लेने के लिए हवाई अड्डे पर आएं। देश की ताकत ऐसी होनी चाहिए।
कवि सम्मेलन में समां बांधा
कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ कवि डॉ. हरिओम पंवार ने किया। कवि विनीत चौहान, डॉ. प्रवीण शुक्ल, दिनेश रघुवंशी, सुदीप भोला, सत्यपाल सत्यम और सुमनेश सुमन ने कविताएं सुनाईं तो तालियों का शोर सुनाई देने लगा। पंवार वाणी फाउंडेशन की तरफ से वरिष्ठ कवि डॉ. हरिओम पंवार ने स्वामी बाबा रामदेव का शॉल ओढ़ाकर सम्मान किया। कार्यक्रम में गुरुकुल प्रभात आश्रम टीकरी के कुलपति स्वामी विवेकानंद सरस्वती ने लोगों को अपना आशीर्वचन दिया। मुख्य अतिथि स्वामी बाबा रामदेव रहे। विशिष्ठ अतिथि चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एनके तनेजा और सांसद राजेंद्र अग्रवाल रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता अजय गुप्ता और स्वागत बिजेंद्र अग्रवाल ने किया। कार्यक्रम में नेताजी सुभाष जन्म दिवस समारोह समिति के महासचिव बीएन पराशर, अरुण जिंदल, अजय प्रेमी और विजय भोला की मुख्य भूमिका रही। कार्यक्रम में छोटे बच्चे ने बाबा रामदेव के सामने योग अभ्यास किया।
डॉ. हरिओम को लगा लिया गले
बाबा रामदेव ने कहा कि जब पतंजलि में गाड़ी खरीदी तो उन्हें किसी ने हरिओम पंवार की कैसेट दी। उसको सुनने के बाद पूछा कि ये कहां रहते हैं। इसके बाद से निकटता हो गई। अमेरिका दौरे के दौरान एक बात का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि मुझे भी हरिओम पंवार को हग करना है। इसके बाद उन्होंने पास बुलाकर उनको गले लगा लिया। बाबा के इस अंदाज पर हॉल में ठहाके गूंजने लगे।
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