माह रमजान: बेहद खास है आज का दिन, धरती पर उतरा था कुरान
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माह रमजान मुबारक का आखिरी अशरा (रमजान माह के आखिरी 10 दिन) शुरू हो गया है। सोमवार को इस मुबारक महीने का 21वां रोजा है। अब ईदुल फितर के पर्व की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं।
रमजान में कुछ तारीखें ऐसी हैं, जिनका खास महत्व है। इन तारीखों में एक रात हजार महीनों से भी बेहतर मानी गई है। इसी मुबारक महीने में कुरान शरीफ आसमान से जमीन पर उतरा था। रमजान के दिनों में तरावीह की नमाज में कुरान पाक सुनाया जाता है।
शहर की तमाम मस्जिदों में तरावीह में कुरान पूरा होने का सिलसिला भी अब शुरू हो जाएगा। गोला कुआं की दरियागंज मस्जिद के इमाम मौलाना जिब्राइल ने बताया कि हर मुसलमान के लिए जरूरी है कि वह इन दिनों नेक काम करे। रमजान का महीना रहमत और बरकत वाला है।
मौलाना जिब्राइल बताते हैं कि माह रमजान में 21, 23, 25, 27 और 29 तारीखें खास हैं। इन सभी तारीखों में सबसे खास रमजान की 27 तारीख को माना जाता है। क्योंकि इसी पाक तारीख को अल्लाह की तरफ से कुरान आसमान से जमीन पर उतारा गया था। शब-ए-कदर की इस आखिरी अशरे की तारीखों में तलाश की जाती है। हदीस में शब-ए-कदर की बहुत अहमियत बताई गई है।
तरावीह पूरी
मुस्लिम दारुल यतामा (मुस्लिम बच्चों का घर) खैरनगर में रविवार को 20वें रोजे को तरावीह की नमाज में कुरान पूरा हुआ। हाफिज मोहम्मद इकराम ने कुरान सुनाया। संस्था के सचिव जहीरुद्दीन ने बताया कि तरावीह की नमाज में बड़ी संख्या में लोगों ने कुरान सुना, जिसमें संस्था के अनाथ बच्चे भी शामिल रहे। हौज वाली मस्जिद के इमाम मोलाना मोहम्मद ताहिर ने दुआ कराई।
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