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Meerut News: निर्दलीय पार्षद प्रत्याशी के लिए वोट मांग रहे थे रफीक-मंजूर, वीडियो वायरल
Thu, 18 May 2023 01:41 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
Updated Thu, 18 May 2023 01:41 AM IST
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मेरठ। समाजवादी पार्टी के शहर विधायक रफीक अंसारी और पूर्व कैबिनेट मंत्री व किठौर विधायक शाहिद मंजूर नगर निकाय चुनाव में वार्ड 77 के निर्दलीय पार्षद प्रत्याशी रोशन मुस्तफा के लिए वोट मांग रहे थे। इसका अब वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वार्ड से रोशन मुस्तफा जीती हैं और सपा के सिंबल पर लड़ीं प्रत्याशी जैबुनिशां की हार हुई है।
वार्ड 77 में सपा के टिकट को लेकर शुरू से विवाद रहा था। यह महिला आरक्षित वार्ड था। इस वार्ड से जैबुनिशां और रोशन मुस्तफा दोनों सपा से टिकट मांग रहे थे। रोशन मुस्तफा का कहना था कि पहले सपा से उनका टिकट फाइनल हो गया था। बाद में उनका टिकट काटकर जैबुनिशां को दे दिया गया। जैबुनिशां का कहना था कि उनका ही टिकट फाइनल हुआ था। दोनों ने ही सपा से अपना-अपना टिकट फाइनल बताकर सिंबल के लिए कलक्ट्रेट में आवेदन किया था। सिंबल जैबुनिशां को मिला और रोशन को निर्दलीय चुनाव लड़ना पड़ा। हालांकि रोशन मुस्तफा का प्रचार शहर विधायक रफीक अंसारी और पूर्व कैबिनेट मंत्री शाहिद मंजूर कर रहे थे। वैसे भी, महापौर चुनाव में सपा की करारी हार के बाद पार्टी में अंतर्कलह शहर में चर्चा का विषय बनी हुई है।
वर्जन
मैंने जिस पार्षद प्रत्याशी का प्रचार किया था, वह निर्दलीय लड़ा जरूर, लेकिन है सपाई। उसका टिकट भी फाइनल हो गया था, बाद में काट दिया गया। उसे पार्टी से नहीं निकाला गया। वह अब भी सपाई है। पार्षद के चुनाव में एक एक वार्ड से कई-कई सपाई लड़ रहे थे। - रफीक अंसारी, शहर विधायक
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मैं जिस पार्षद प्रत्याशी के प्रचार में गया था वह पुराना सपाई है। उसका टिकट काट दिया गया था, इसलिए निर्दलीय लड़ा। वह शहर विधायक के क्षेत्र का वार्ड है। शहर विधायक ने मुझे प्रचार के लिए बुलाया था, इसलिए चला गया था। - शाहिद मंजूर, पूर्व कैबिनेट मंत्री
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वार्ड 77 में सपा के टिकट को लेकर शुरू से विवाद रहा था। यह महिला आरक्षित वार्ड था। इस वार्ड से जैबुनिशां और रोशन मुस्तफा दोनों सपा से टिकट मांग रहे थे। रोशन मुस्तफा का कहना था कि पहले सपा से उनका टिकट फाइनल हो गया था। बाद में उनका टिकट काटकर जैबुनिशां को दे दिया गया। जैबुनिशां का कहना था कि उनका ही टिकट फाइनल हुआ था। दोनों ने ही सपा से अपना-अपना टिकट फाइनल बताकर सिंबल के लिए कलक्ट्रेट में आवेदन किया था। सिंबल जैबुनिशां को मिला और रोशन को निर्दलीय चुनाव लड़ना पड़ा। हालांकि रोशन मुस्तफा का प्रचार शहर विधायक रफीक अंसारी और पूर्व कैबिनेट मंत्री शाहिद मंजूर कर रहे थे। वैसे भी, महापौर चुनाव में सपा की करारी हार के बाद पार्टी में अंतर्कलह शहर में चर्चा का विषय बनी हुई है।
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मैंने जिस पार्षद प्रत्याशी का प्रचार किया था, वह निर्दलीय लड़ा जरूर, लेकिन है सपाई। उसका टिकट भी फाइनल हो गया था, बाद में काट दिया गया। उसे पार्टी से नहीं निकाला गया। वह अब भी सपाई है। पार्षद के चुनाव में एक एक वार्ड से कई-कई सपाई लड़ रहे थे। - रफीक अंसारी, शहर विधायक
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मैं जिस पार्षद प्रत्याशी के प्रचार में गया था वह पुराना सपाई है। उसका टिकट काट दिया गया था, इसलिए निर्दलीय लड़ा। वह शहर विधायक के क्षेत्र का वार्ड है। शहर विधायक ने मुझे प्रचार के लिए बुलाया था, इसलिए चला गया था। - शाहिद मंजूर, पूर्व कैबिनेट मंत्री