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गंगाजल ट्रीटमेंट प्लांट की व्यवस्था पर उठाए सवाल
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मेरठ। गाजियाबाद से जल निगम के अधिकारियों की टीम भोले की झाल पर लगे गंगाजल ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण करने पहुंची। उसने ट्रीटमेंट प्लांट की व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।
दो सप्ताह पहले महापौर ने प्लांट का निरीक्षण कर जल निगम और नगर निगम के अधिकारियों को पत्र लिखा था। जिसमें महापौर ने अवस्थाओं का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा कि शहर की जनता को शुद्ध गंगाजल की आपूर्ति कराने के लिए जल निगम ने भोले की झाल पर 100 एमएलडी क्षमता का गंगाजल प्लांट लगाया हुआ है। हालांकि शहर को अभी 40 से 45 एमएलडी गंगाजल की ही आपूर्ति की जा रही है। इस प्लांट का संचालन निजी संस्था कर रही है। वहीं, प्लांट की मशीनें खराब होनी शुरू हो गई हैं। इतना ही नहीं भवनों पर भी सवाल उठने शुरू हो गए हैं। महापौर सुनीता वर्मा को गंगाजल ट्रीटमेंट प्लांट के निरीक्षण के दौरान कई मशीनें बंद मिली थीं। उन्होंने शहर को मिलने वाले गंगाजल के ट्रीटमेंट पर भी सवाल खड़े किए थे। इसकी शिकायत महापौर ने नगर आयुक्त और जल निगम के अधिकारियों से लिखित में की थी। वहीं, उन्होंने तत्काल सुधार किए जाने के निर्देश दिए थे। इस पर जल निगम के अधीक्षण अभियंता डीपी सिंह गाजियाबाद से भोले की झाल पर पहुंचे। उन्होंने गंगाजल ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण करने के उपरांत व्यवस्था पर सवाल खड़े किए। बताया जा रहा है कि इसकी शिकायत जल निगम के एमडी को भेजी जा रही है।
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दो सप्ताह पहले महापौर ने प्लांट का निरीक्षण कर जल निगम और नगर निगम के अधिकारियों को पत्र लिखा था। जिसमें महापौर ने अवस्थाओं का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा कि शहर की जनता को शुद्ध गंगाजल की आपूर्ति कराने के लिए जल निगम ने भोले की झाल पर 100 एमएलडी क्षमता का गंगाजल प्लांट लगाया हुआ है। हालांकि शहर को अभी 40 से 45 एमएलडी गंगाजल की ही आपूर्ति की जा रही है। इस प्लांट का संचालन निजी संस्था कर रही है। वहीं, प्लांट की मशीनें खराब होनी शुरू हो गई हैं। इतना ही नहीं भवनों पर भी सवाल उठने शुरू हो गए हैं। महापौर सुनीता वर्मा को गंगाजल ट्रीटमेंट प्लांट के निरीक्षण के दौरान कई मशीनें बंद मिली थीं। उन्होंने शहर को मिलने वाले गंगाजल के ट्रीटमेंट पर भी सवाल खड़े किए थे। इसकी शिकायत महापौर ने नगर आयुक्त और जल निगम के अधिकारियों से लिखित में की थी। वहीं, उन्होंने तत्काल सुधार किए जाने के निर्देश दिए थे। इस पर जल निगम के अधीक्षण अभियंता डीपी सिंह गाजियाबाद से भोले की झाल पर पहुंचे। उन्होंने गंगाजल ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण करने के उपरांत व्यवस्था पर सवाल खड़े किए। बताया जा रहा है कि इसकी शिकायत जल निगम के एमडी को भेजी जा रही है।
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