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पीडब्ल्यूडी का चेतावनी बोर्ड बना पुल पर आवागमन का सहारा
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जान जोखिम डालकर सोती नदी के पुल से पीडब्ल्यूडी के बोर्ड से सोती नदी पार करते ग्रामीण स्रोत संवा
हस्तिनापुर। पीडब्ल्यूडी की लापरवाही खादर क्षेत्र के हजारों ग्रामीणों पर इस समय भारी पड़ रही है। गांव कुन्हेडा के समीप कहीं गांव को जोड़ने वाले रास्ते पर अधूरा पड़ा सोती नदी का पुल निर्माण होने के बाद भी लोगों को जान जोखिम में डालने के लिए विवश कर रहा है।
गांव दबखेड़ी को जाने वाले मार्ग पर सोती नदी पर बना पुल जर्जर होने पर इसका निर्माण कार्य पीडब्ल्यूडी द्वारा कराया गया, जो तीन महीने से भी अधिक समय से चल रहा है। करीब एक सप्ताह पूर्व इस पुल का निर्माण कार्य पूरा हो गया। निर्माणाधीन पुल के लिए कई गांवों को जोड़ने वाले गांवों के लोगों के आवागमन के लिए सोती नदी के बीच से अस्थायी रास्ता बनाया गया। परंतु एक सप्ताह पूर्व हुई बारिश के कारण सोती नदी उफान पर आ गई और यह आवागमन पूरी तरह बंद हो गया। पीडब्ल्यूडी ने निर्माण पूरा होने के बाद भी पुल को शुरू नहीं किया। इसलिए आगे की ओर पड़ने वाले गांव दबखेड़ी, रठौरा कला, भोगोपुर, हरिपुर, शेरपुर नई बस्ती, हंसापुर आदि हजारों लोगों का आवागमन बाधित हो गया। अब लोग इस पुल पर दूसरी ओर लगे पीडब्ल्यूडी के चेतावनी साइन बोर्ड के सहारे जान जोखिम में डालकर सोती को पार कर रहे हैं। इस कारण यहां हादसे का अंदेशा बना हुआ है, लेकिन इसकी चिंता न तो पीडब्ल्यूडी को है और नहीं स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों को। वहीं, ग्रामीण पिछले कई दिनों से निर्माण कार्य पूरा होने के बाद पुल को सुचारू रूप से शुरू करने की मांग कर रहे हैं।
इस रास्ते से गांव की दूरी कम
इस मार्ग से दूरी कम पड़ने के कारण ग्रामीणों के आवागमन का मुख्य मार्ग यही है। इस पुल से करीब छह गांवों के लोगों का अवागमन होता है। वहीं, इसी मार्ग से छात्र-छात्राएं भी स्कूलों में पढ़ने के लिए जाते हैैं, जो पीडब्ल्यूडी के चेतावनी बोर्ड के ऊपर से जान जोखिम में डालकर गुजर रहे हैं। सरदार जीवन सिंह ने बताया कि इस मामले में प्रशासनिक अधिकारियों को भी अवगत कराया गया है। यहां कभी भी हादसा हो सकता है, परंतु कोई भी ध्यान नहीं दे रहा है।
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गांव दबखेड़ी को जाने वाले मार्ग पर सोती नदी पर बना पुल जर्जर होने पर इसका निर्माण कार्य पीडब्ल्यूडी द्वारा कराया गया, जो तीन महीने से भी अधिक समय से चल रहा है। करीब एक सप्ताह पूर्व इस पुल का निर्माण कार्य पूरा हो गया। निर्माणाधीन पुल के लिए कई गांवों को जोड़ने वाले गांवों के लोगों के आवागमन के लिए सोती नदी के बीच से अस्थायी रास्ता बनाया गया। परंतु एक सप्ताह पूर्व हुई बारिश के कारण सोती नदी उफान पर आ गई और यह आवागमन पूरी तरह बंद हो गया। पीडब्ल्यूडी ने निर्माण पूरा होने के बाद भी पुल को शुरू नहीं किया। इसलिए आगे की ओर पड़ने वाले गांव दबखेड़ी, रठौरा कला, भोगोपुर, हरिपुर, शेरपुर नई बस्ती, हंसापुर आदि हजारों लोगों का आवागमन बाधित हो गया। अब लोग इस पुल पर दूसरी ओर लगे पीडब्ल्यूडी के चेतावनी साइन बोर्ड के सहारे जान जोखिम में डालकर सोती को पार कर रहे हैं। इस कारण यहां हादसे का अंदेशा बना हुआ है, लेकिन इसकी चिंता न तो पीडब्ल्यूडी को है और नहीं स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों को। वहीं, ग्रामीण पिछले कई दिनों से निर्माण कार्य पूरा होने के बाद पुल को सुचारू रूप से शुरू करने की मांग कर रहे हैं।
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इस रास्ते से गांव की दूरी कम
इस मार्ग से दूरी कम पड़ने के कारण ग्रामीणों के आवागमन का मुख्य मार्ग यही है। इस पुल से करीब छह गांवों के लोगों का अवागमन होता है। वहीं, इसी मार्ग से छात्र-छात्राएं भी स्कूलों में पढ़ने के लिए जाते हैैं, जो पीडब्ल्यूडी के चेतावनी बोर्ड के ऊपर से जान जोखिम में डालकर गुजर रहे हैं। सरदार जीवन सिंह ने बताया कि इस मामले में प्रशासनिक अधिकारियों को भी अवगत कराया गया है। यहां कभी भी हादसा हो सकता है, परंतु कोई भी ध्यान नहीं दे रहा है।

जान जोखिम डालकर सोती नदी के पुल से पीडब्ल्यूडी के बोर्ड से सोती नदी पार करते ग्रामीण स्रोत संवा
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