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पूर्व केंद्रीय मंत्री की पत्नी पर दो दलित महिलाओं की जमीन कब्जाने का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 01 Dec 2016 01:34 PM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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मवाना तहसील के खादर क्षेत्र में पूर्व केंद्रीय मंत्री राजेश पायलट की पत्नी रमा पायलट पर दो दलित महिलाओं ने जमीन कब्जाने का आरोप लगाया है। प्राथमिक जांच में पता चला है कि उनके फार्म हाउस के कब्जे में ग्राम समाज की भूमि भी है। रमा पायलट और जिसे उन्होंने जमीन ठेके पर दी है, दोनों को नायब तहसीलदार ने नोटिस जारी किया है।
ऐसे खुला मामला
शास्त्रीनगर मेरठ निवासी शशि पत्नी यशवंत सिंह और और रमा सुमेर सिंह ने डीएम के यहां शिकायत की थी। बताया कि वे दलित जाति से हैं। खादर के गांव खरखाली में रमा पायलट और उनका कृषि फार्म है। दोनों की जमीन बराबर-बराबर स्थित है। रमा पायलट ने अपनी जमीन को मेजर सिंह पुत्र सेवा सिंह निवासी शाहपुर, मुजफ्फरनगर को ठेके पर दे रखा है। शशि और रमा ने बताया कि उनका कृषि फार्म 3.6625 हेक्टेयर का है और रमा पायलट का भी इतना ही है। लेकिन रमा पायलट ने मेजर सिंह के साथ मिलकर उनकी पूरी जमीन पर कब्जा कर रखा है। इस शिकायत के बाद तत्कालीन डीएम पंकज यादव ने 24 मई 2016 को इस जमीन की पैमाइश कर कब्जा मुक्त कराने के आदेश दिए थे।
तहसील प्रशासन ने दबाए आदेश
तत्कालीन डीएम के आदेश को तहसील प्रशासन दबाकर बैठा रहा और कोई कार्रवाई नहीं की। अमर उजाला ने पिछले दिनों सरधना तहसील में चारागाह की जमीन पर कब्जा होने और उसे बिल्डर के नाम दर्ज करने का समाचार प्रकाशित किया था। इस पर वर्तमान डीएम बी. चंद्रकला ने सभी तहसीलों को आदेश दिया कि वे अपने यहां भी इस तरह के मामले देखें और कार्रवाई करें। तब जाकर तहसील प्रशासन को होश आया और इस मामले में आनन फानन में नोटिस जारी किया गया। नायब तहसीलदार जयेंद्र सिंह ने 22 नवंबर को नोटिस जारी होना दर्शाते हुए 8 दिसंबर को रमा पायलट और मेजर सिंह को मौके पर मौजूद होने का आदेश दिया है। कहा है कि पैमाइश होगी। यदि दोनों अनुपस्थित रहे, तो उनकी गैर मौजूदगी में ही पैमाइश कराकर कार्रवाई कर दी जाएगी।
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ग्राम समाज की जमीन पर भी कब्जा
ठेकेदार मेजर सिंह, शशि और रमा की 58.6 बीघा जमीन पर खेती कर रहा है। वहीं उसने करीब 160 बीघा ग्राम समाज की जमीन भी कब्जा रखी है। नायब तहसीलदार जयेंद्र सिंह ने ग्राम समाज की जमीन पर कब्जे की बात स्वीकारते हुए कहा कि जब मौके पर जाकर जांच की गयी तो करीब 10 हेक्टेयर जमीन, जो 160 बीघा के आसपास बैठती है, उस पर भी कब्जा पाया गया। कुल 13.66 हेक्टेयर जमीन को कब्जाने का आरोप है, जिसकी कीमत करीब डेढ़ करोड़ रुपये है।
खादर में है भूमाफियाओं का राज
खादर क्षेत्र में भूमाफियाओं का राज चलता है। तहसील प्रशासन की साठगांठ से भूमाफियाओं ने ग्राम पंचायत और वन विभाग की हजाराें बीघा जमीन पर कब्जा किया हुआ है। पहले तो इस जमीन पर पैदा होने वाली फसल पर तहसील प्रशासन जुर्माना वसूली कर सरकारी खजाने में कुछ पैसा जमा भी करा देता था। लेकिन पिछले कई सालों से तो वह भी बंद है। जबकि भूमाफिया लगातार सरकारी जमीनों पर काबिज होते जा रहे हैं। इसमें कुछ ग्राम प्रधानों की भी साठगांठ होती है।
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ऐसे खुला मामला
शास्त्रीनगर मेरठ निवासी शशि पत्नी यशवंत सिंह और और रमा सुमेर सिंह ने डीएम के यहां शिकायत की थी। बताया कि वे दलित जाति से हैं। खादर के गांव खरखाली में रमा पायलट और उनका कृषि फार्म है। दोनों की जमीन बराबर-बराबर स्थित है। रमा पायलट ने अपनी जमीन को मेजर सिंह पुत्र सेवा सिंह निवासी शाहपुर, मुजफ्फरनगर को ठेके पर दे रखा है। शशि और रमा ने बताया कि उनका कृषि फार्म 3.6625 हेक्टेयर का है और रमा पायलट का भी इतना ही है। लेकिन रमा पायलट ने मेजर सिंह के साथ मिलकर उनकी पूरी जमीन पर कब्जा कर रखा है। इस शिकायत के बाद तत्कालीन डीएम पंकज यादव ने 24 मई 2016 को इस जमीन की पैमाइश कर कब्जा मुक्त कराने के आदेश दिए थे।
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तहसील प्रशासन ने दबाए आदेश
तत्कालीन डीएम के आदेश को तहसील प्रशासन दबाकर बैठा रहा और कोई कार्रवाई नहीं की। अमर उजाला ने पिछले दिनों सरधना तहसील में चारागाह की जमीन पर कब्जा होने और उसे बिल्डर के नाम दर्ज करने का समाचार प्रकाशित किया था। इस पर वर्तमान डीएम बी. चंद्रकला ने सभी तहसीलों को आदेश दिया कि वे अपने यहां भी इस तरह के मामले देखें और कार्रवाई करें। तब जाकर तहसील प्रशासन को होश आया और इस मामले में आनन फानन में नोटिस जारी किया गया। नायब तहसीलदार जयेंद्र सिंह ने 22 नवंबर को नोटिस जारी होना दर्शाते हुए 8 दिसंबर को रमा पायलट और मेजर सिंह को मौके पर मौजूद होने का आदेश दिया है। कहा है कि पैमाइश होगी। यदि दोनों अनुपस्थित रहे, तो उनकी गैर मौजूदगी में ही पैमाइश कराकर कार्रवाई कर दी जाएगी।
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ग्राम समाज की जमीन पर भी कब्जा
ठेकेदार मेजर सिंह, शशि और रमा की 58.6 बीघा जमीन पर खेती कर रहा है। वहीं उसने करीब 160 बीघा ग्राम समाज की जमीन भी कब्जा रखी है। नायब तहसीलदार जयेंद्र सिंह ने ग्राम समाज की जमीन पर कब्जे की बात स्वीकारते हुए कहा कि जब मौके पर जाकर जांच की गयी तो करीब 10 हेक्टेयर जमीन, जो 160 बीघा के आसपास बैठती है, उस पर भी कब्जा पाया गया। कुल 13.66 हेक्टेयर जमीन को कब्जाने का आरोप है, जिसकी कीमत करीब डेढ़ करोड़ रुपये है।
खादर में है भूमाफियाओं का राज
खादर क्षेत्र में भूमाफियाओं का राज चलता है। तहसील प्रशासन की साठगांठ से भूमाफियाओं ने ग्राम पंचायत और वन विभाग की हजाराें बीघा जमीन पर कब्जा किया हुआ है। पहले तो इस जमीन पर पैदा होने वाली फसल पर तहसील प्रशासन जुर्माना वसूली कर सरकारी खजाने में कुछ पैसा जमा भी करा देता था। लेकिन पिछले कई सालों से तो वह भी बंद है। जबकि भूमाफिया लगातार सरकारी जमीनों पर काबिज होते जा रहे हैं। इसमें कुछ ग्राम प्रधानों की भी साठगांठ होती है।