पंजाब पुलिस ने मेरठ के परतापुर में एक दवा बनाने की फैक्टरी पर छापा मारा। पंजाब पुलिस ने लाखों रुपये कीमत की दवाएं कब्जे में ली हैं। यह दर्द निवारक दवा है, जो पंजाब में प्रतिबंधित हैं। पुलिस ने तीन लोग हिरासत में ले लिए हैं। नारकोटिक्स विभाग की टीम और ड्रग्स इंस्पेक्टर पवन शाक्य ने देर रात तक जांच की। ड्रग्स की टीम ने भी यहां से 10 दवाओं के सैंपल लिए हैं, जिनमें कुछ नारकोटिक्स की दवा है और कुछ जनरल दवाएं हैं। इन्हें जांच के लिए लखनऊ प्रयोगशाला भेजा जाएगा।
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फैक्टरी पर छापा।
- फोटो : अमर उजाला
पंजाब पुलिस, एसओजी और नारकोटिक्स विभाग टीम ने बुधवार सुबह नशीली दवाइयों की सप्लाई मामले में छापेमारी की। खैरनगर से सप्लायर और काशी निवासी सतीश को हिरासत में लेकर परतापुर में पर्क दवा फैक्टरी पर छापा मारा। यहां से पर्क के एकाउंटेंट नीरज शर्मा को हिरासत में लिया, फिर उसके बाद मोहिद्दीनपुर स्थित एकेएस गोदाम पर छापा मारा।
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फैक्टरी पर छापा।
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने बताया कि यहां से टीम ने बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित दवाइयां और कार्टन बरामद किए। यहां महंगी प्रतिबंधित दवाइयां बनायी जाती थी, जिसकी सप्लाई पंजाब में की जाती थी। जितनी गाडियां छापेमारी में आईं उन पर लुधियाना का नंबर है। पर्क फार्मा का मालिक पीमा का सदस्य नहीं है। पंजाब पुलिस अन्य गोदामों की जानकारी जुटा रही है।
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जांच करती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
यहां बन रही पेन किलर दवा पंजाब में प्रतिबंधित
ड्रग्स इंस्पेक्टर पवन शाक्य का कहना है कि पंजाब पुलिस ट्रामाडोल नामक पेन किलर दवा की वजह से यहां आई है। इनका कहना है कि यह दवा पंजाब में प्रतिबंधित है और वहां लुधियाना में यह दवा मिली है, जिसके आधार पर पंजाब पुलिस यहां छापेमारी कर रही है। वहां के एसपी समेत करीब 30 लोग हैं।
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जांच करती टीम।
- फोटो : अमर उजाला
फैक्टरी के पास दवा बनाने का है लाइसेंस
ड्रग्स इंस्पेक्टर ने बताया कि इस फैक्टरी में और यूपी में इस दवा को बनाने की अनुमति है और इनके पास इसका लाइसेंस भी है। हालांकि इसके मालिक से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है। उनका फोन स्विच ऑफ है। साथ ही इनके यहां खरीद फरोख्त के कुछ डाक्यूमेंट्स नहीं मिले हैं। उनकी जांच की जा रही है।