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नई सड़क पर नशा मुक्ति केंद्र में जमकर हंगामा
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नई सड़क पर नशा मुक्ति केंद्र में जमकर हंगामा
मेरठ। नई सड़क स्थित नशा मुक्ति केंद्र में एक मरीज को ले जाने को लेकर हंगामा हो गया। बाद में नौचंदी पुलिस ने पहुंचकर मामला शांत किया।
हापुड़ के बाबूगढ़ छावनी थाना क्षेत्र के नली हुसैनपुर गांव निवासी मुकेश ने छोटे भाई सचिन को नशे की लत के चलते 28 दिसंबर 2020 को नौचंदी क्षेत्र के ढाका तिराहा स्थित नई दिशा नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया था। छह हजार रुपये प्रतिमाह की फीस तय हुई थी।
रविवार को दूसरा भाई देवेंद्र सचिन को लेने पहुंचा। संचालक सतीश पाल ने फीस और भर्ती कराने की रसीद मांगी। आरोप है कि देवेंद्र ने रुपये देने से मना कर दिया और रसीद नहीं होने की बात कही। इस पर संचालक ने सचिन को भेजने से मना कर दिया। मामला बढ़ने पर थाना प्रभारी जितेंद्र कुमार पहुंचे और लोगों को शांत कराया।
बाद में पता चला कि देवेंद्र बड़े भाई मुकेश को बताए बिना ही सचिन को लेने आ गया था। देवेंद्र को जमीन की रजिस्ट्री में सचिन के भी हस्ताक्षर की जरूरत है। इसलिए ले जाने का प्रयास किया गया। फोन पर मुकेश ने कहा कि वह पांच तारीख को थाने आएंगे और रुपये जमा करा देंगे। इसके बाद मामला शांत हो गया। इंस्पेक्टर नौचंदी जितेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि मामला लेन-देन और जमीन से जुड़ा था।
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मेरठ। नई सड़क स्थित नशा मुक्ति केंद्र में एक मरीज को ले जाने को लेकर हंगामा हो गया। बाद में नौचंदी पुलिस ने पहुंचकर मामला शांत किया।
हापुड़ के बाबूगढ़ छावनी थाना क्षेत्र के नली हुसैनपुर गांव निवासी मुकेश ने छोटे भाई सचिन को नशे की लत के चलते 28 दिसंबर 2020 को नौचंदी क्षेत्र के ढाका तिराहा स्थित नई दिशा नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया था। छह हजार रुपये प्रतिमाह की फीस तय हुई थी।
रविवार को दूसरा भाई देवेंद्र सचिन को लेने पहुंचा। संचालक सतीश पाल ने फीस और भर्ती कराने की रसीद मांगी। आरोप है कि देवेंद्र ने रुपये देने से मना कर दिया और रसीद नहीं होने की बात कही। इस पर संचालक ने सचिन को भेजने से मना कर दिया। मामला बढ़ने पर थाना प्रभारी जितेंद्र कुमार पहुंचे और लोगों को शांत कराया।
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बाद में पता चला कि देवेंद्र बड़े भाई मुकेश को बताए बिना ही सचिन को लेने आ गया था। देवेंद्र को जमीन की रजिस्ट्री में सचिन के भी हस्ताक्षर की जरूरत है। इसलिए ले जाने का प्रयास किया गया। फोन पर मुकेश ने कहा कि वह पांच तारीख को थाने आएंगे और रुपये जमा करा देंगे। इसके बाद मामला शांत हो गया। इंस्पेक्टर नौचंदी जितेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि मामला लेन-देन और जमीन से जुड़ा था।
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