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Meerut News: सरकारी विभागों में लगे हैं प्राइवेट वाहन, होगी जांच
Thu, 26 Sep 2024 03:21 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
Updated Thu, 26 Sep 2024 03:21 AM IST
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सहारनपुर। सरकारी विभाग ही सरकार को राजस्व नुकसान पहुंचाने में लगे हैं। अधिकांश सरकारी विभागों के कार्यालयों में निजी वाहन लगे हुए हैं। इसे लेकर झांसी के एक व्यक्ति ने ई-मेल के जरिए शिकायत की है, जिसका यहां जिलाधिकारी ने संज्ञान लेकर आरटीओ को जांच के निर्देश दिए हैं।
दरअसल, पिछले सप्ताह झांसी निवासी राहुल जैन ने सरकार के अधीन आने वाले सभी विभागों के कार्यालयों में किराए पर लिए गए कार, जीप आदि से राजस्व हानि और यातायात नियमों की अनदेखी की शिकायत की थी। इसमें बताया कि सरकारी विभागों में अनुबंध के अनुसार व्यावसायिक वाहन होने चाहिए, लेकिन अधिकतर कार्यालयों में निजी वाहनोंं का प्रयोग किया जा रहा है, जो नियम विरुद्ध है। क्योंकि निजी और व्यावसायिक वाहन के पंजीकरण में शुल्क का काफी अंतर होता है। यहीं नहीं इन प्राइवेट वाहनों पर बड़े अक्षरों में प्रदेश व भारत सरकार भी लिखा हुआ है, जो नहीं लिखा होना चाहिए।
ई-मेल के जरिए आई शिकायत काे शासन ने गंभीरता से लिया। जिलाधिकारी ने मामले का संज्ञान लेते हुए संभागीय परिवहन विभाग को निर्देश दिए ऐसे विभागों के वाहनों को चेक करें। साथ ही जिलाधिकारी ने विभागों में प्राइवेट वाहनों को व्यावसायिक में दर्ज कराने के भी निर्देश दिए। इसे लेकर संभागीय परिवहन विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है।
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- वर्जन
सरकारी विभागों में लगे निजी वाहनों को लेकर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए हैं। विभागों से कहा गया कि वह निजी वाहनों को व्यावसायिक में दर्ज कराया जाए, ताकि राजस्व का नुकसान न हो सके। - महेंद्र बाबू गुप्ता, एआरटीओ प्रशासन
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दरअसल, पिछले सप्ताह झांसी निवासी राहुल जैन ने सरकार के अधीन आने वाले सभी विभागों के कार्यालयों में किराए पर लिए गए कार, जीप आदि से राजस्व हानि और यातायात नियमों की अनदेखी की शिकायत की थी। इसमें बताया कि सरकारी विभागों में अनुबंध के अनुसार व्यावसायिक वाहन होने चाहिए, लेकिन अधिकतर कार्यालयों में निजी वाहनोंं का प्रयोग किया जा रहा है, जो नियम विरुद्ध है। क्योंकि निजी और व्यावसायिक वाहन के पंजीकरण में शुल्क का काफी अंतर होता है। यहीं नहीं इन प्राइवेट वाहनों पर बड़े अक्षरों में प्रदेश व भारत सरकार भी लिखा हुआ है, जो नहीं लिखा होना चाहिए।
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ई-मेल के जरिए आई शिकायत काे शासन ने गंभीरता से लिया। जिलाधिकारी ने मामले का संज्ञान लेते हुए संभागीय परिवहन विभाग को निर्देश दिए ऐसे विभागों के वाहनों को चेक करें। साथ ही जिलाधिकारी ने विभागों में प्राइवेट वाहनों को व्यावसायिक में दर्ज कराने के भी निर्देश दिए। इसे लेकर संभागीय परिवहन विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है।
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सरकारी विभागों में लगे निजी वाहनों को लेकर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए हैं। विभागों से कहा गया कि वह निजी वाहनों को व्यावसायिक में दर्ज कराया जाए, ताकि राजस्व का नुकसान न हो सके। - महेंद्र बाबू गुप्ता, एआरटीओ प्रशासन