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अब मेरठ-बागपत रूट पर दौड़ेंगी 72 प्राइवेट बसें, मिली हरी झंडी
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ
Updated Sat, 18 Mar 2017 11:55 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
बागपत रूट पर करीब दस साल बाद प्राइवेट बसें रोडवेज बसों के समानांतर चलेगी। आरटीए की बैठक में 72 परमिट धारकों को अपनी बसें चलाने को हरी झंडी दे दी है। साथ ही 5 नए परमिट मांग रहे आवेदकों के आवेदन अस्वीकार कर दिए।
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मेरठ-बागपत रूट पर 72 प्राइवेट बसों का संचालन 13 फरवरी 1986 से हो रहा था। लेकिन सुप्रीम कोर्ट के रिट याचिका संख्या 9332/2002 में पारित 1 जून 2007 के आदेश से समस्त परमिट निरस्त हो गए थे। आरटीए की 15 सितंबर 2010 की बैठक में बस ऑपरेटरों ने अराष्ट्रीयकृत मार्ग बालैनी-बड़ौत पर डिमांड की थी कि उन्हें बस संचालन की अनुमति दी जाए। इस पर आरटीए ने 54 बसों के संचालन की अनुमति दे दी थी। बस यूनियन ने प्रदेश सरकार से राष्ट्रीयकृत मार्ग पर बसों के संचालन की मांग की थी, जिस पर शासन ने उक्त मार्ग पर पुराने 72 परमिट धारकों को बस संचालन की अनुमति दी थी। इसके लिए शासन ने गत 14 सितंबर 2016 को अधिसूचना भी जारी कर दी थी। उक्त आदेश के खिलाफ रोडवेज ने अपनी आपत्ति आरटीए में दर्ज कराई थी। शुक्रवार को मंडलायुक्त सभागार में हुई आरटीए की बैठक में रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक एसके बनर्जी ने मंडलायुक्त आलोक सिन्हा के समक्ष पूरे मामले को रखते हुए अधिसूचना संख्या गलत होने और सुप्रीम कोर्ट द्वारा विस्थापित परमिट धारकों को दोबारा उसी रूट पर परमिट जारी नहीं करने के आदेश का हवाल दिया। लेकिन मंडलायुक्त आलोक सिन्हा ने अधिसूचना के आधार पर मेरठ-बागपत, बड़ौत, छपरौली और टांडा के लिए 72 परमिट जारी करने के अनुमति प्रदान कर दी। रोडवेज अधिकारियों को अधिसूचना के संबंध मेें शासन में अपना पक्ष रखने के लिए कहा गया। बैठक में आरटीए सचिव आरटीओ ममता शर्मा के अलावा बस यूनियनों के पदाधिकारी शामिल रहे।
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