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कासमपुर व्यापार संघ के अध्यक्ष-महामंत्री गुटों में हाथापाई, दो पक्ष पहुंचे थाने
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कासमपुर व्यापार संघ के अध्यक्ष-महामंत्री गुटों में हाथापाई, दो पक्ष पहुंचे थाने
मेरठ। कासमपुर व्यापार संघ चुनाव में नीरज पंवार की जीत के बाद शुरू हुए विवाद के बाद रविवार को ललित लाखवान गुट और नीरज पंवार गुट में हाथापाई हो गई। दोनों पक्षों में अपने समर्थकों को फोन कर बुला लिया। थाने में दोनों गुटों ने मारपीट का आरोप लगा तहरीर दी है।
ललित लाखवान पक्ष से महामंत्री प्रत्याशी रहे सुरेश लोधी ने बताया कि 21 सिंतबर को चुनाव जीतने के बाद से ही अध्यक्ष नीरज पंवार मनमानी कर रहे हैं। नीरज भाजपा युवा मोर्चा में कंकरखेड़ा मंडल अध्यक्ष भी है। सुरेश लोधी ने आरोप लगाया कि लॉकडाउन के दौरान नीरज ने पुलिस से मिलीभगत कर व्यापारियों को खूब परेशान किया। उत्पीड़न के शिकार व्यापारियों ने नया संगठन बनाने की तैयारी शुरू कर दी थी। वह कासमपुर के व्यापारियों से हस्ताक्षर करा रहे थे। इस बीच नीरज पंवार, दीपक तालियान और महेश लोधी वहां पहुंचे। उन्होंने मारपीट कर व्यापारियों द्वारा हस्ताक्षर किया गया रजिस्टर फाड़ दिया।
उधर, कासमपुर व्यापार संघ अध्यक्ष नीरज पंवार ने बताया कि बाजार में पूर्व महामंत्री सुरेश लोधी द्वारा व्यापारियों के हस्ताक्षर कराए जाने के संबंध में शिकायत मिली थी। हस्ताक्षर का व्यापारियों ने विरोध भी किया था। नीरज पंवार ने बताया कि उन्होंने ललित लाखवान और हंसराज गुंजन पक्ष के लोगों से व्यापारियों की रजमंदी के बिना हस्ताक्षर नहीं कराने को कहा था। इस पर सुरेश लोधी व उनके साथियों ने मारपीट कर दी। मामले को लेकर कंकरखेड़ा थाने में देर रात तक हंगामा चलता रहा। सीओ दौराला जितेंद्र सरगम ने बताया कि दोनों पक्ष थाने में तहरीर लेकर आए थे। हालांकि बाद में उनके बीच समझौता हो गया।
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चुनाव के बाद बढ़ा विवाद
ललित लाखवान और नीरज पंवार गुट में लंबे समय से विवाद है। 21 सितंबर 2019 को नीरज के चुनाव जीतने के बाद विवाद बढ़ गया था। नीरज को चुनाव के दौरान कंकरखेड़ा क्षेत्र के भाजपाइयों को भी समर्थन मिला। नीरज ने 330 में करीब 228 मत प्राप्त किए थे। ललित लाखवान गुट की हार से उनमें मतभेद बढ़ गए। लॉकडाउन के दौरान दोनों पक्षों में शिकायतों का दौर चला, जो विवाद का कारण बना। देर रात दोनों गुटों ने संयुक्त व्यापार संघ अध्यक्ष अजय गुप्ता और नवीन गुप्ता गुट से संपर्क का प्रयास किया।
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मेरठ। कासमपुर व्यापार संघ चुनाव में नीरज पंवार की जीत के बाद शुरू हुए विवाद के बाद रविवार को ललित लाखवान गुट और नीरज पंवार गुट में हाथापाई हो गई। दोनों पक्षों में अपने समर्थकों को फोन कर बुला लिया। थाने में दोनों गुटों ने मारपीट का आरोप लगा तहरीर दी है।
ललित लाखवान पक्ष से महामंत्री प्रत्याशी रहे सुरेश लोधी ने बताया कि 21 सिंतबर को चुनाव जीतने के बाद से ही अध्यक्ष नीरज पंवार मनमानी कर रहे हैं। नीरज भाजपा युवा मोर्चा में कंकरखेड़ा मंडल अध्यक्ष भी है। सुरेश लोधी ने आरोप लगाया कि लॉकडाउन के दौरान नीरज ने पुलिस से मिलीभगत कर व्यापारियों को खूब परेशान किया। उत्पीड़न के शिकार व्यापारियों ने नया संगठन बनाने की तैयारी शुरू कर दी थी। वह कासमपुर के व्यापारियों से हस्ताक्षर करा रहे थे। इस बीच नीरज पंवार, दीपक तालियान और महेश लोधी वहां पहुंचे। उन्होंने मारपीट कर व्यापारियों द्वारा हस्ताक्षर किया गया रजिस्टर फाड़ दिया।
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उधर, कासमपुर व्यापार संघ अध्यक्ष नीरज पंवार ने बताया कि बाजार में पूर्व महामंत्री सुरेश लोधी द्वारा व्यापारियों के हस्ताक्षर कराए जाने के संबंध में शिकायत मिली थी। हस्ताक्षर का व्यापारियों ने विरोध भी किया था। नीरज पंवार ने बताया कि उन्होंने ललित लाखवान और हंसराज गुंजन पक्ष के लोगों से व्यापारियों की रजमंदी के बिना हस्ताक्षर नहीं कराने को कहा था। इस पर सुरेश लोधी व उनके साथियों ने मारपीट कर दी। मामले को लेकर कंकरखेड़ा थाने में देर रात तक हंगामा चलता रहा। सीओ दौराला जितेंद्र सरगम ने बताया कि दोनों पक्ष थाने में तहरीर लेकर आए थे। हालांकि बाद में उनके बीच समझौता हो गया।
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चुनाव के बाद बढ़ा विवाद
ललित लाखवान और नीरज पंवार गुट में लंबे समय से विवाद है। 21 सितंबर 2019 को नीरज के चुनाव जीतने के बाद विवाद बढ़ गया था। नीरज को चुनाव के दौरान कंकरखेड़ा क्षेत्र के भाजपाइयों को भी समर्थन मिला। नीरज ने 330 में करीब 228 मत प्राप्त किए थे। ललित लाखवान गुट की हार से उनमें मतभेद बढ़ गए। लॉकडाउन के दौरान दोनों पक्षों में शिकायतों का दौर चला, जो विवाद का कारण बना। देर रात दोनों गुटों ने संयुक्त व्यापार संघ अध्यक्ष अजय गुप्ता और नवीन गुप्ता गुट से संपर्क का प्रयास किया।