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Meerut News: 100 और हिंदू बंगाली परिवारों के पुनर्वास की तैयारी

Sun, 07 Jun 2026 08:49 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 07 Jun 2026 08:49 PM IST
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Preparations underway to rehabilitate 100 more Hindu Bengali families
हस्तिनापुर का मुख्य द्वार स्रोत संवाद
पुनर्वास से वंचित हिंदू बंगाली परिवारों को बसाने की मांग, मंत्री दिनेश खटीक ने सरकार को भेजा प्रस्ताव
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संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर (मेरठ)। पूर्वी पाकिस्तान (वर्तमान बांग्लादेश) से विस्थापित होकर हस्तिनापुर पहुंचे हिंदू बंगाली परिवारों के पुनर्वास का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है। क्षेत्रीय राज्य मंत्री दिनेश खटीक ने पुनर्वास योजना से अब तक वंचित रहे करीब 100 परिवारों को भी स्थायी रूप से बसाने के लिए प्रदेश सरकार से मांग की है।
देश विभाजन के बाद वर्ष 1960 से 1969 के बीच पूर्वी पाकिस्तान से आए करीब 400 हिंदू बंगाली परिवारों को हस्तिनापुर क्षेत्र में बसाया गया था। इनमें से कुछ परिवारों को समय-समय पर देश के विभिन्न हिस्सों में पुनर्वास योजना के तहत भेज दिया गया, जबकि करीब 300 परिवार हस्तिनापुर और आसपास के क्षेत्रों में ही रह गए।
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प्रदेश में योगी सरकार के आते ही पुनर्वास की दिशा में लगातार कदम उठाए गए हैं। पूर्वी पाकिस्तान से आए 63 हिंदू बंगाली परिवारों जो हस्तिनापुर में निवास कर रहे थे उनके लिए 19 अप्रैल 2022 को स्थायी पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू की गई थी। 30 जनवरी 2026 को हस्तिनापुर के खादर क्षेत्र स्थित नंगला गोसाईं में रह रहे 99 हिंदू बंगाली परिवारों को भी कानपुर देहात में जमीन आवंटित की गई। अब तक हस्तिनापुर विधान सभा क्षेत्र में कुल 162 परिवारों को पुनर्वास योजना का लाभ मिल चुका है।
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राज्य मंत्री दिनेश खटीक ने बताया कि पूर्वी पाकिस्तान से आए अनेक परिवार दशकों से स्थायी आवास और रोजगार की समस्या से जूझ रहे थे। भाजपा सरकार ने उनकी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए पुनर्वास की प्रक्रिया आगे बढ़ाई है। उन्होंने कहा कि अभी भी करीब 100 परिवार ऐसे हैं जो योजना के लाभ से वंचित हैं। इन परिवारों के पुनर्वास के लिए सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है। शीघ्र ही सकारात्मक निर्णय की उम्मीद है।

मदन सूत मिल बंद होने के बाद बढ़ीं मुश्किलें
विस्थापित परिवारों के सामने वर्ष 1984 में मदन सूत मिल बंद होने के बाद रोजी-रोटी का संकट गहरा गया था। रोजगार के साधन खत्म होने से कई परिवार आर्थिक तंगी का सामना करते रहे। वर्षों तक उनकी समस्याओं पर कोई ठोस पहल नहीं हुई, लेकिन भाजपा सरकार ने विशेष अधिनियम के माध्यम से पात्र परिवारों को चिह्नित कर पुनर्वास योजना का लाभ देने की प्रक्रिया शुरू की।


कोट...
पूर्वी पाकिस्तान से हस्तिनापुर क्षेत्र में आए 162 परिवारों को योगी सरकार में पुनर्वास योजना का लाभ मिल चुका है। जिन परिवारों को अब तक पुनर्वास योजना का लाभ नहीं मिल सका है, उनके लिए भी सरकार से मांग की गई है। -दिनेश खटीक, राज्य मंत्री

हस्तिनापुर का मुख्य द्वार स्रोत संवाद

हस्तिनापुर का मुख्य द्वार स्रोत संवाद

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