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दिल्ली की तर्ज पर प्रदूषण रोकने की पहल

Thu, 07 Jan 2016 02:30 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ Updated Thu, 07 Jan 2016 02:30 AM IST
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Pollution prevention initiatives on the lines of Delhi
मोदीपुरम। राजधानी दिल्ली की तर्ज पर प्रदेश सरकार भी वायु प्रदूषण रोकने के लिए सख्त हो रही है। मुख्य सचिव ने प्रदूषण नियंत्रण विभाग के अलावा पुलिस और प्रशासनिक अफसरों को पत्र भेजकर कमेटी के माध्यम से कड़े कदम उठाने के लिए कहा है।
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मुख्य सचिव आलोक रंजन ने कहा है कि वाहनों की संख्या में अत्यधिक वृद्धि होने, औद्योगिकीकरण एवं निर्माण के कारण शहरों में वायु प्रदूषण के स्तर में वृद्धि हुई है।
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मेरठ में मानक से तीन गुना अधिक प्रदूषण फैल रहा है, जो ज्यादा खतरनाक है। पुलिस और प्रशासनिक महकमे के अफसरों की कमेटी बनाकर प्रदूषण रोकने के इंतजाम किए जाएं।
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सड़कों पर जो वाहन प्रदूषण फैलाता मिले या जो बिना प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र के चलता मिले, उनके खिलाफ दंडात्मक कार्यवाही के साथ उनकी पंजीयन पुस्तिका भी निलंबित कर दी जाए।

बिना जांच ही प्रमाणपत्र
वाहनों में प्रदूषण की नियमित जांच के लिए खोले गए निजी प्रदूषण जांच केंद्रों की भी शिकायत मिली हैं कि ये केंद्र प्रदूषण की जांच के बिना ही प्रमाणपत्र जारी कर रहे हैं। ऐसे केंद्रों के लाइसेंस निरस्त किए जाएं।
 
डीजल वाहनों पर प्रतिबंध
मुख्य सचिव के अनुसार जहां सार्वजनिक परिवहन वाहनों में सीएनजी ईंधन चलित वाहन संचालित हो रहे हैं, वहां आसपास के जिलों से डीजल चलित वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया जाए।

ट्रैफिक जाम से निपटें
अधिकारियों से कहा गया है कि जाम लगने से भी प्रदूषण फैलता है। इसलिए इस समस्या से निपटने के लिए सख्त कदम उठाएं। जहां निर्माण कार्य चल रहे हों, वहां धूल आदि से बचने के लिए उस क्षेत्र को कवर करने के बाद निर्माण सुनिश्चित कराएं। व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण कार्यक्रम चलाया जाए।

मुफ्त में बीमारियां
शहर में तेजी से बढ़ता प्रदूषण शहरवासियों को बीमारियां बांट रहा है। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सहायक वैज्ञानिक पवन मिश्रा का कहना है कि आरएसपीएम की मात्रा अधिक होने से सबसे अधिक सांस संबंधी रोग बढ़ रहे हैं।

सांस लेते समय वातावरण में घुले आरएसपीएम फेफड़ों में पहुंचकर वहीं जम जाते हैं। जिससे सांस लेने में दिक्कत और कैंसर जैसी बीमारी हो सकती है।

यह कमेटी कम करेगी प्रदूषण
क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी डॉ. बीबी अवस्थी का कहना है कि मुख्य सचिव के आदेश मिलने पर कमेटी का गठन किया गया है। कमेटी के माध्यम से प्रदूषण कम करने का प्रयास किया जाएगा।


कमेटी के अध्यक्ष एडीएम सिटी होंगे, जबकि संरक्षक सदस्य वे खुद हैं। अन्य सदस्यों में नगर आयुक्त, क्षेत्रीय संभागीय परिवहन अधिकारी, सीओ ट्रैफिक, जिला वन अधिकारी, एमडीए सचिव, प्रबंधक गैल गैस लिमिटेड और नगर स्वास्थ्य अधिकारी हैं।
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