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Meerut News: मेरठ-हापुड़ लोकसभा सीट

Thu, 28 Mar 2024 03:28 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 28 Mar 2024 03:28 PM IST
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politics
मेरठ-हापुड़ लोकसभा सीट
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क्या इस बार दौड़ पाएगी सपा की साइकिल

सपा कभी नहीं जीत पाई है यह सीट

अरीश रिज़वी
मेरठ। क्या सपा इस बार मेरठ-हापुड़ लोकसभा सीट पर अपनी साइकिल दौड़ा पाएगी। यह ऐसी सीट है, जिस पर सपा कभी नहीं जीती है। पिछले तीन चुनाव में से दो में तीसरे नंबर पर रही, जबकि एक चुनाव में दूसरे नंबर पर रही, मगर तब बसपा का प्रत्याशी था, सपा गठबंधन में थी। इस बार सुप्रीम कोर्ट के वकील भानु प्रताप सिंह प्रत्याशी हैं, लेकिन टिकट को लेकर अभी तक खींचतान चल रही है।

1952 में हुए लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के शहनवाज खान सांसद चुने गए जो लगातार 1962 तक मेरठ की सीट पर काबित रहे। 1967 में हुए लोकसभा चुनाव में संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी के महाराज सिंह भारती ने चुनाव जीता। 1971 में हुए लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने एक बार फिर वापसी की और शहनवाज खान एक बार फिर सांसद चुने गए। 1977 के चुनाव में जनता पार्टी के कैलाश प्रकाश चुनाव जीतकर संसद पहुंचे। 1980 और 1984 के चुनाव कांग्रेस के मोहसिना किदवई सांसद चुनी गईं। 1989 के लोकसभा चुनाव में जनता दल के हरीश पाल ने चुनाव जीता। 1991, 1996 और 1998 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने बाजी मारी और यहां से लगातार तीन बार अमर पाल सिंह सांसद बने। 1999 में भाजपा के हाथ से सीट चली गई और एक बार फिर कांग्रेस ने कब्जा जमाया। कांग्रेस के अवतार सिंह भड़ाना सांसद चुने गए। 2004 के चुनाव में ये सीट बसपा की झोली में चली गई और यहां से हाजी शाहिद अखलाक जीतकर संसद पहुंचे। 2009 के चुनाव में फिर भाजपा ने वापसी की। भाजपा के राजेंद्र अग्रवाल लगातार तीन बार चुनाव जीते। अग्रवाल 2009, 2014 और 2019 में भी सांसद बने।
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ये हैं जातिगत समीकरण

पश्चिमी यूपी की राजनीति का केंद्र बिंदु कहे जाने वाले मेरठ में दलित-मुस्लिम बहुल वोटरों का वर्चस्व है। 2019 के आंकड़ों पर नजर डालें तो यहां करीब पांच लाख 64 हजार मुस्लिम आबादी है। इसके अलावा जाटव भी इस शहर में खासा असर रखते हैं। इनकी आबादी करीब तीन लाख 15 हजार है। वाल्मीकि समाज 60 हज़ार के आसपास है। मेरठ लोकसभा सीट पर ब्राह्मण करीब सवा लाख, वैश्य करीब दो लाख, जाट करीब डेढ़ लाख के आसपास हैं। त्यागी, गुर्जर, सैनी, प्रजापति, पाल, कश्यप आदि समाज की भी खासा जोर है। चुनाव प्रभावित करने की क्षमता रखते हैं।
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