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Meerut News: एनसीआर में सक्रिय साइबर अपराध के बड़े सिंडिकेट के खुलासे के प्रयास में जुटी पुलिस
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जनपद पुलिस एनसीआर में सक्रिय साइबर अपराध के बड़ी सिंडिकेट के खुलासे के प्रयास में जुटी है। मेरठ पुलिस के अलावा सीबीआई और एटीएस को भी इस गिरोह की तलाश है। हाल ही में मेरठ पुलिस ने अवैध टेलीफोन एक्सचेंज और रविवार को मोबाइल टावरों से की गई बेस बैंड यूनिट (बीबीयू) चोरी का बड़ा खुलासा किया है। इनका इस्तेमाल न केवल साइबर ठगी में बल्कि देश विरोधी गतिविधियों में होने की आशंका है।
स्वाट टीम प्रथम और लोहियानगर पुलिस ने रविवार को पंजाब और मुरादाबाद से चोरी हुई 74 बीबीयू बरामद कर जाकिर कॉलोनी निवासी शाहरुख मलिक को गिरफ्तार किया था। पुलिस शाहरुख के चार साथियों की तलाश में जुटी है। शाहरुख के कब्जे से पुलिस ने 237 बीबीयू उपकरण बरामद किए गए हैं। इनमें दो जियो और 235 एयरटेल कंपनी के हैं। 156 कॉपर के कार्ड भी बरामद किए गए हैं। पकड़े गए बीबीयू की कीमत 15.40 करोड़ रुपये बताई गई थी।
इससे पहले मेरठ पुलिस ने लिसाड़ी गेट में सिम बॉक्स से संचालित अवैध टेलीफोन एक्सचेंज का खुलासा किया था। इसमें एटीएस ने भी मदद की। पुलिस ने लगभग एक महीने में तीन बार इस तरह के खुलासे किए हैं। कुछ दिन पहले मुजफ्फरनगर में भी अवैध टेलीफोन एक्सचेंज का खुलासा हुआ था। इसमें भी मवाना के कल्याणपुर निवासी आरोपी का नाम सामने आया था। बीबीयू के साथ पकड़ा गए आरोपी शाहरुख भी मुजफ्फरनगर के कस्बे मीरापुर के एक जनप्रतिनिधि का रिश्तेदार बताया गया है। सीबीआई ने भी तीन दिन पहले मवाना, जानीखुर्द और ब्रह्मपुरी में दबिश देकर मोहम्मद दिलशाद और मोहम्मद बिलाल नाम के आरोपी को अवैध टेलीफोन एक्सचेंज में इस्तेमाल होने वाले सिम बॉक्स मामले में गिरफ्तार किया था। इनका इस्तेमाल डिजिटल अरेस्ट जैसे अपराध में किया गया था। इससे आशंका है कि पूरे नेटवर्क के पीछे किसी एक आपराधिक सिंडिकेट का हाथ है। बीबीयू के उपकरणों का इस्तेमाल ड्रोन में भी हो सकता है। इससे न केवल साइबर ठगी बल्कि जासूसी की भी आशंका है। हालांकि इससे पहले इस तरह के खुलासे गौतमबुद्ध नगर में हो चुके हैं लेकिन पूरे नेटवर्क का खुलासा न होने के कारण इस तरह के मामले लगातार सामने आ रहे हैं।
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टावर के कर्मचारियों पर भी वारदात में शामिल होने का शक
मोबाइल टावरों से बीबीयू चोरी के संबंध में पुलिस का कहना है कि इस मामले में पूर्व कर्मचारियों के भी शामिल होने की आशंका है। इसके चलते बीबीयू लगाने का काम छोड़ चुके कर्मचारियों का भी पता लगाया जा रहा है। इनसे कई अहम जानकारियां मिल सकती हैं।
कबाड़ी और संदिग्धों से की पूछताछ
मेरठ पुलिस ने मुजफ्फरनगर और दिल्ली में गिरोह से जुड़े संदिग्धों व कबाड़ियों से पूछताछ शुरू कर दी है। दिल्ली के मुस्तफाबाद में पुलिस योजनाबद्ध ढंग से इस अपराध से जुड़े अपराधियों पर कार्रवाई की तैयारी में है। शाहरुख से पूछताछ में बिलाल नाम के आरोपी का भी नाम सामने आया है। इसकी भी पुलिस को तलाश है।
एसएसपी अविनाश पांडेय का कहना है कि दोनों मामलों की गहनता से जांच की जा रही है। पकड़े गए आरोपियों से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है। जल्द अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरे नेटवर्क के खुलासे का प्रयास किया जा रहा है।
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स्वाट टीम प्रथम और लोहियानगर पुलिस ने रविवार को पंजाब और मुरादाबाद से चोरी हुई 74 बीबीयू बरामद कर जाकिर कॉलोनी निवासी शाहरुख मलिक को गिरफ्तार किया था। पुलिस शाहरुख के चार साथियों की तलाश में जुटी है। शाहरुख के कब्जे से पुलिस ने 237 बीबीयू उपकरण बरामद किए गए हैं। इनमें दो जियो और 235 एयरटेल कंपनी के हैं। 156 कॉपर के कार्ड भी बरामद किए गए हैं। पकड़े गए बीबीयू की कीमत 15.40 करोड़ रुपये बताई गई थी।
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इससे पहले मेरठ पुलिस ने लिसाड़ी गेट में सिम बॉक्स से संचालित अवैध टेलीफोन एक्सचेंज का खुलासा किया था। इसमें एटीएस ने भी मदद की। पुलिस ने लगभग एक महीने में तीन बार इस तरह के खुलासे किए हैं। कुछ दिन पहले मुजफ्फरनगर में भी अवैध टेलीफोन एक्सचेंज का खुलासा हुआ था। इसमें भी मवाना के कल्याणपुर निवासी आरोपी का नाम सामने आया था। बीबीयू के साथ पकड़ा गए आरोपी शाहरुख भी मुजफ्फरनगर के कस्बे मीरापुर के एक जनप्रतिनिधि का रिश्तेदार बताया गया है। सीबीआई ने भी तीन दिन पहले मवाना, जानीखुर्द और ब्रह्मपुरी में दबिश देकर मोहम्मद दिलशाद और मोहम्मद बिलाल नाम के आरोपी को अवैध टेलीफोन एक्सचेंज में इस्तेमाल होने वाले सिम बॉक्स मामले में गिरफ्तार किया था। इनका इस्तेमाल डिजिटल अरेस्ट जैसे अपराध में किया गया था। इससे आशंका है कि पूरे नेटवर्क के पीछे किसी एक आपराधिक सिंडिकेट का हाथ है। बीबीयू के उपकरणों का इस्तेमाल ड्रोन में भी हो सकता है। इससे न केवल साइबर ठगी बल्कि जासूसी की भी आशंका है। हालांकि इससे पहले इस तरह के खुलासे गौतमबुद्ध नगर में हो चुके हैं लेकिन पूरे नेटवर्क का खुलासा न होने के कारण इस तरह के मामले लगातार सामने आ रहे हैं।
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टावर के कर्मचारियों पर भी वारदात में शामिल होने का शक
मोबाइल टावरों से बीबीयू चोरी के संबंध में पुलिस का कहना है कि इस मामले में पूर्व कर्मचारियों के भी शामिल होने की आशंका है। इसके चलते बीबीयू लगाने का काम छोड़ चुके कर्मचारियों का भी पता लगाया जा रहा है। इनसे कई अहम जानकारियां मिल सकती हैं।
कबाड़ी और संदिग्धों से की पूछताछ
मेरठ पुलिस ने मुजफ्फरनगर और दिल्ली में गिरोह से जुड़े संदिग्धों व कबाड़ियों से पूछताछ शुरू कर दी है। दिल्ली के मुस्तफाबाद में पुलिस योजनाबद्ध ढंग से इस अपराध से जुड़े अपराधियों पर कार्रवाई की तैयारी में है। शाहरुख से पूछताछ में बिलाल नाम के आरोपी का भी नाम सामने आया है। इसकी भी पुलिस को तलाश है।
एसएसपी अविनाश पांडेय का कहना है कि दोनों मामलों की गहनता से जांच की जा रही है। पकड़े गए आरोपियों से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है। जल्द अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरे नेटवर्क के खुलासे का प्रयास किया जा रहा है।