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यूपी: कुख्यात भूपेंद्र बाफर की कोठी सील करने के लिए पुलिस ने चस्पा किए नोटिस
Thu, 24 Dec 2020 02:14 AM IST
मेरठ ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 24 Dec 2020 02:14 AM IST
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कुख्यात भूपेंद्र बाफर
- फोटो : अमर उजाला
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कुख्यात भूपेंद्र बाफर पर अब शिकंजा कसने के लिए मुजफ्फरनगर की पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। बाफर की डिफेंस कॉलोनी की ढाई करोड़ की कोठी को सील करने के लिए पुलिस ने नोटिस चस्पा कर दिया। परिवार को तीन महीने का समय दिया गया कि वह अपने दस्तावेज कोर्ट में प्रस्तुत करें।
मुजफ्फरनगर के मंसूरपुर के गांव जौहरा निवासी एक लाख का इनामी रहे रोहित सांडू को करीब एक साल पूर्व जानसठ कोतवाली क्षेत्र के गांव सलारपुर में पुलिस टीम पर हमला कर हिरासत से छुड़ा लिया गया था। हमले में एसआई दुर्गविजय सिंह की हत्या हुई थी।
अपराधी को पुलिस कस्टडी से छुड़वा कर सुशील मूंछ की हत्या करने का प्लान भूपेंद्र बाफर था। जिसमें भूपेंद्र बाफर नामजद आरोपी बना और पुलिस ने उसे जेल भेजा था। बाद में मुजफ्फरनगर और मेरठ पुलिस ने रोहित सांडू और उसके गैंग में शामिल तीन बदमाशों को मुठभेड़ में मार गिराया था।
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एसएसपी मुजफ्फरनगर अभिषेक यादव ने बताया कि आजमगढ़ जेल में बंद भूपेंद्र बाफर पर गैंगस्टर लगाई गई और उसको तामील कराया गया। डीएम सेल्वा कुमारी जे ने सोमवार को पुलिस को बाफर की संपत्ति कुर्की के निर्देश दे दिए थे।
बुधवार सुबह सीओ जानसठ शकील अहमद, एसडीएम जानसठ अमृतपाल कौर, इंस्पेक्टर मीरापुर संतोष त्यागी और एसओ रामराज सतेंद्र नागर टीम के साथ मेरठ पहुंचे। मुजफ्फरनगर पुलिस टीम के साथ सीओ सदर देहात पूनम सिरोही और इंस्पेक्टर गंगानगर ने पॉश डिफेंस कॉलोनी में भूपेंद्र बाफर की कोठी पर सील की कार्रवाई करते हुए नोटिस चस्पा कर दिया।
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मुजफ्फरनगर के मंसूरपुर के गांव जौहरा निवासी एक लाख का इनामी रहे रोहित सांडू को करीब एक साल पूर्व जानसठ कोतवाली क्षेत्र के गांव सलारपुर में पुलिस टीम पर हमला कर हिरासत से छुड़ा लिया गया था। हमले में एसआई दुर्गविजय सिंह की हत्या हुई थी।
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अपराधी को पुलिस कस्टडी से छुड़वा कर सुशील मूंछ की हत्या करने का प्लान भूपेंद्र बाफर था। जिसमें भूपेंद्र बाफर नामजद आरोपी बना और पुलिस ने उसे जेल भेजा था। बाद में मुजफ्फरनगर और मेरठ पुलिस ने रोहित सांडू और उसके गैंग में शामिल तीन बदमाशों को मुठभेड़ में मार गिराया था।
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एसएसपी मुजफ्फरनगर अभिषेक यादव ने बताया कि आजमगढ़ जेल में बंद भूपेंद्र बाफर पर गैंगस्टर लगाई गई और उसको तामील कराया गया। डीएम सेल्वा कुमारी जे ने सोमवार को पुलिस को बाफर की संपत्ति कुर्की के निर्देश दे दिए थे।
बुधवार सुबह सीओ जानसठ शकील अहमद, एसडीएम जानसठ अमृतपाल कौर, इंस्पेक्टर मीरापुर संतोष त्यागी और एसओ रामराज सतेंद्र नागर टीम के साथ मेरठ पहुंचे। मुजफ्फरनगर पुलिस टीम के साथ सीओ सदर देहात पूनम सिरोही और इंस्पेक्टर गंगानगर ने पॉश डिफेंस कॉलोनी में भूपेंद्र बाफर की कोठी पर सील की कार्रवाई करते हुए नोटिस चस्पा कर दिया।
मेरठ पुलिस ने दिए हुए थे दो गनर
रोहित सांडू हत्याकांड में नामजद भूपेंद्र बाफर को जनपद पुलिस ने जब मेरठ से गिरफ्तार किया था। उस समय उसे मेरठ पुलिस द्वारा दो गनर दिए हुए थे। भूपेंद्र बाफर की गिरफ्तारी का उसके दोनों गनर ने विरोध कर एकबारगी पुलिस को बैरंग लौटा दिया था। जिसके बाद एसपी सिटी सतपाल ने एसएसपी मेरठ अजय साहनी से बात की, तभी जाकर उसकी गिरफ्तारी हुई थी।
उधमसिंह और योगेश भदौड़ा के बीच कराई थी सुलह
जानी क्षेत्र के गांव बाफर निवासी भूपेंद्र बाफर पहले पश्चिमी यूपी के सुशील मूंछ का करीबी था। इसी दौरान बाफर ने पश्चिमी यूपी के दो कुख्यात बदमाशों उधम सिंह व योगेश भदौड़ा के बीच सुलह कराकर उनके बीच की दुश्मनी खत्म कराई थी। कुछ समय पूर्व मेरठ में एक केबल कारोबारी की हत्या होने के बाद मूंछ व बाफर के बीच दरार आ गई थी।
इसके बाद सुशील मूंछ के दाहिने हाथ व भगतजी स्वीट्स के मालिक यशपाल राठी की मंसूरपुर में हाईवे पर हुई हत्या में भी भूपेंद्र बाफर का ही नाम आया था। बाफर द्वारा रोहित सांडू को हिरासत से छुड़ाए जाने के पीछे इसी अदावत में सुशील मूंछ की हत्या की साजिश जताई गई थी, लेकिन रोहित सांडू के तीन साथियों के साथ पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने के बाद इसका कभी खुलासा नहीं हो सका।
बाफर ने खरीदी थी कोठी, फिर सास को बेची
एसएसपी अजय साहनी ने बताया कि शातिर अपराधी भूपेंद्र बाफर ने सन 2003 में पाश डिफेंस कॉलोनी में 177 वर्ग मीटर में बनी कोठी को खरीदा था, जो कि उसकी पत्नी बालेश के नाम की थी। 2007 में कोठी भूपेंद्र बाफर की सास ओमवती को 20 लाख में बेच दी गई जोकि दोमंजिला बनी हुई है।
बताया जा रहा है कि कोठी की कीमत हाल में करीब ढाई करोड़ आंकी है। एसएसपी ने बताया कि इस कोठी में भूपेंद्र बाफर का परिवार रहता है। मुजफ्फरनगर पुलिस ने कोठी पर नोटिस चस्पा किया है और परिवार को तीन महीने का समय दिया है कि वह अपने दस्तावेज कोर्ट में दें।
रोहित सांडू हत्याकांड में नामजद भूपेंद्र बाफर को जनपद पुलिस ने जब मेरठ से गिरफ्तार किया था। उस समय उसे मेरठ पुलिस द्वारा दो गनर दिए हुए थे। भूपेंद्र बाफर की गिरफ्तारी का उसके दोनों गनर ने विरोध कर एकबारगी पुलिस को बैरंग लौटा दिया था। जिसके बाद एसपी सिटी सतपाल ने एसएसपी मेरठ अजय साहनी से बात की, तभी जाकर उसकी गिरफ्तारी हुई थी।
उधमसिंह और योगेश भदौड़ा के बीच कराई थी सुलह
जानी क्षेत्र के गांव बाफर निवासी भूपेंद्र बाफर पहले पश्चिमी यूपी के सुशील मूंछ का करीबी था। इसी दौरान बाफर ने पश्चिमी यूपी के दो कुख्यात बदमाशों उधम सिंह व योगेश भदौड़ा के बीच सुलह कराकर उनके बीच की दुश्मनी खत्म कराई थी। कुछ समय पूर्व मेरठ में एक केबल कारोबारी की हत्या होने के बाद मूंछ व बाफर के बीच दरार आ गई थी।
इसके बाद सुशील मूंछ के दाहिने हाथ व भगतजी स्वीट्स के मालिक यशपाल राठी की मंसूरपुर में हाईवे पर हुई हत्या में भी भूपेंद्र बाफर का ही नाम आया था। बाफर द्वारा रोहित सांडू को हिरासत से छुड़ाए जाने के पीछे इसी अदावत में सुशील मूंछ की हत्या की साजिश जताई गई थी, लेकिन रोहित सांडू के तीन साथियों के साथ पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने के बाद इसका कभी खुलासा नहीं हो सका।
बाफर ने खरीदी थी कोठी, फिर सास को बेची
एसएसपी अजय साहनी ने बताया कि शातिर अपराधी भूपेंद्र बाफर ने सन 2003 में पाश डिफेंस कॉलोनी में 177 वर्ग मीटर में बनी कोठी को खरीदा था, जो कि उसकी पत्नी बालेश के नाम की थी। 2007 में कोठी भूपेंद्र बाफर की सास ओमवती को 20 लाख में बेच दी गई जोकि दोमंजिला बनी हुई है।
बताया जा रहा है कि कोठी की कीमत हाल में करीब ढाई करोड़ आंकी है। एसएसपी ने बताया कि इस कोठी में भूपेंद्र बाफर का परिवार रहता है। मुजफ्फरनगर पुलिस ने कोठी पर नोटिस चस्पा किया है और परिवार को तीन महीने का समय दिया है कि वह अपने दस्तावेज कोर्ट में दें।