यूपी: 17 साल बाद सलाखों के पीछे पहुंचा 25 हजार का इनामी, पुलिस से बचने को अपनाया ये तरीका
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एसपी सिटी अखिलेश नारायण सिंह ने प्रेसवार्ता कर बताया कि मंगलवार सुबह इंस्पेक्टर ब्रह्मपुरी रघुराज सिंह ने शॉप्रिक्स मॉल के सामने 17 साल से फरार चल रहे दिनेश पुत्र विजय निवासी खट्टा थाना चांदीनगर जनपद बागपत, हाल पता मुर्गी फार्म थाना भावनपुर को गिरफ्तार कर लिया।
दिनेश रोशनपुर डोरली में भी अपने परिवार के साथ रह चुका है। प्रेम पुत्र मंगल निवासी महरौली थाना परतापुर ने तीन अक्तूबर 2002 को केस दर्ज कराया था कि उसके भाई विजय कुमार का अपहरण कर हत्या कर दी गई।
इस मामले में तीन लोगों को नामजद किया गया। एक आरोपी गिरफ्तार कर लिया, जिसे बाद में कोर्ट से दस साल की सजा हुई। दूसरे आरोपी दिनेश के घर की 2003 में कुर्की की गई। 2009 में उस पर ढाई हजार का इनाम रखा गया। बाद में 25 हजार का इनाम कर दिया गया। इस मामले का तीसरा हत्यारोपी अनुज फरार है।
नाम बदलकर कर ली शादी
दिनेश ने बताया कि हत्या के बाद पुलिस से बचने के लिए वह हरिद्वार में जाकर छह माह तक रहा। उसके बाद गढ़ रोड पर मुर्गीफार्म के पास एक ढाबा खोल लिया। नाम बदलकर उसने एक युवती से शादी कर ली। दिनेश ने बताया कि उसके दो बच्चे हैं।