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चौथी पास गैंग ने 400 मोबाइलों के बदले IMEI नंबर, सर्विलांस की काट को यूट्यूब से सीखी धांसू तकनीक

Sun, 20 Jan 2019 02:40 PM IST
दुष्यंत शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sun, 20 Jan 2019 02:40 PM IST
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police arrested a fourth pass gang has replaced the IMEI number of mobiles by learning from YouTube
पकड़े गए लुटेरे

मेरठ में सदर बाजार पुलिस ने एक बड़े अंतर्राज्यीय लुटेरा गैंग का खुलासा किया है। खास यह है कि इस गैंग में चार बदमाश हैं और चारों ही कक्षा चार तक पढ़े हैं लेकिन शातिर इतने हैं कि लूटे या चोरी हुए मोबाइल फोन का आईएमईआई नंबर मिनटों में बदलकर उसे सस्ते दामों पर बेच देते थे। पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

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एसपी सिटी रणविजय सिंह और एएसपी कैंट सतपाल सिंह ने प्रेस वार्ता में बताया कि शहर में मोबाइल फोन लूट की घटनाएं बढ़ने पर सर्विलांस और मुखबिर तंत्र एक्टिव किया गया। मुखबिर की सूचना पर इंस्पेक्टर सदर बाजार सुभाष अत्री की टीम ने पटेल नगर पुलिया से चार आरोपियों भानू उर्फ सलमान निवासी तारापुरी लिसाड़ी गेट, छोटू उर्फ कादर निवासी जली कोठी देहली गेट, इमरान उर्फ इम्मो व फिरोज उर्फ मुन्ना निवासी पूर्वा फैय्याज अली देहली गेट को गिरफ्तार किया।

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तीन लूटते थे, चौथा खपाता था
एसपी सिटी रणविजय सिंह ने बताया कि इस गैंग के तीन बदमाश भानू, छोटू और इमरान शहर में अलग-अलग इलाकों में मोबाइल फोन लूटते थे, जबकि फिरोज उर्फ मुन्ना इन मोबाइल फोनों के आईएमईआई नंबर बदलता था। दावा है कि यह गैंग 400 से ज्यादा मोबाइल के आईएमईआई नंबर बदल चुका है।

एएसपी के मुताबिक आरोपियों ने बताया कि फिरोज ने आईएमईआई नंबर बदलना सोशल साइट की एक एप से सीखा था। इस एप को एक लैपटॉप में लोड किया हुआ था। भले ही फिरोज कक्षा चार तक पढ़ा हो। लेकिन तकनीक के मामले में लैपटॉप से ऐसे आईएमईआई नंबर बदलता है, जैसे इंजीनियर लैपटॉप पर काम करता है।

सर्विलांस की काट को सीखा जरायम का तरीका
एसपी सिटी के अनुसार चारों आरोपी पूर्व में मोबाइल लूट के मामले में जेल जा चुके हैं। इन शातिरों को पता है कि चोरी या लूटे गए मोबाइल फोन को सर्विलांस सेल द्वारा आईएमईआई नंबर की सहायता से रिकवर कर लिया जाता है।

इसलिए इस गैंग के बदमाशों ने जेल से छूटने के बाद पुलिस से बचने के लिए जरायम का यह तरीका सीखा। इस गैंग का मानना था कि आईएमईआई नंबर बदलने से मोबाइल फोन एक नंबर का हो जाता है। लेकिन यहां सर्विलांस नहीं तो मुखबिर तंत्र ने इनकी कलई खोलकर रख दी। 

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बरामदगी, क्रिमिनल हिस्ट्री

विभिन्न कंपनियों के 12 मोबाइल फोन (जिनके आईएमईआई नंबर बदले गए), एक लैपटॉप मय उपकरण के बरामद किया गया। आरोपियों पर सदर, देहली गेट, कोतवाली, लालकुर्ती, नौचंदी, सिविल लाइन थानों में लूट, चोरी, धोखाधड़ी, आर्म्स एक्ट, छेड़छाड़ सहित अन्य धाराओं के एक दर्जन से ज्यादा मुकदमे दर्ज निकले हैं। ये बदमाश मेरठ से लूटे मोबाइल हरियाणा सहित अन्य राज्यों में बेचते थे, जिसकी पड़ताल की जा रही है।

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