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फर्जी हलफनामे में फंस गया पुलिस-प्रशासन
Thu, 25 Apr 2019 03:52 AM IST
Gaurav sharma
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: Gaurav sharma
Updated Thu, 25 Apr 2019 03:52 AM IST
सार
- हाईकोर्ट ने पुलिस-प्रशासन पर कार्रवाई के आदेश दिए
- 30 अप्रैल तक हाईकोर्ट में पेश करना होगा सही हलफनामा
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फर्जी हलफनामे की भूमि।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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रेडलाइट एरिया का झूठा हलफनामा देना पुलिस-प्रशासन को भारी पड़ गया। हाईकोर्ट के सामने पुलिस-प्रशासन की पोल खुल गई। जिस पर प्रदेश सरकार ने भी नाराजगी जताई है। कोर्ट ने अधिकारियों को 30 अप्रैल को पेश होकर हलफनामा प्रस्तुत करने का आदेश दिया। जिन-जिन अफसरों ने झूठा हलफनामा तैयार किया, उनके खिलाफ बड़ी कार्रवाई होनी तय हो चुकी हैं।
कबाड़ी बाजार में रेडलाइट एरिया बंद कराने के लिए हाईकोर्ट के अधिवक्ता सुनील चौधरी ने याचिका डाली थी। जिस पर मंगलवार को डीएम अनिल ढींगरा, एसपी क्राइम डॉ. बीपी अशोक, सीएमओ राजकुमार ने रेडलाइट एरिया की भौगोलिक स्थिति की जानकारी देते हलफनामा कोर्ट के सामने प्रस्तुत किया। जिस पर अधिवक्ता सुनील चौधरी ने आपत्ति जताई। नतीजा बुधवार को फिर पुलिस-प्रशासन के अधिकारी तलब हुए। बुधवार को हाईकोर्ट में फिर सुनवाई हुई। जिसमें कोर्ट के सामने साबित हो गया कि पुलिस और प्रशासन ने झूठा हलफनामा कोर्ट में पेश किया। कबूल नामा भी हुआ। जिसके बाद कोर्ट ने सही हलफनामा पेश करने के लिए 30 अप्रैल की तारीख दी।
अब गाज गिरना तय हो गया
झूठा हलफनामा तैयार करने वाले पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों पर गाज गिरना तय हो गया है। हाईकोर्ट में साफ कहा कि झूठा हलफनामा बनाने वालों अधिकारियों पर कार्रवाई के बारे में 30 अप्रैल को बताना है। पुलिस में इसको लेकर खलबली मची है। रेडलाइट एरिया में कौन-कौन निरीक्षण करने गए थे, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। सवाल उठता है कि अब अधिकारी किस पर कौन सी कार्रवाई करेंगे।
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इन्होंने बनाई थी रिपोर्ट
बताया गया कि पुलिस की तरफ से एएचटीयू के प्रभारी सीओ संजीव देशवाल व प्रशासन की ओर से जिला प्रोबेशन अधिकारी ने रेडलाइट एरिया की रिपोर्ट तैयार की थी। लेकिन अभी यह स्पष्ट नहीं है कि रिपोर्ट में झूठे साक्ष्य किसने प्रस्तुत किया। इसकी जांच पुलिस प्रशासन के अधिकारी कराने की बात कह रहे है। वहीं, पूर्व में कोर्ट में प्रस्तुत हुई रेडलाइट एरिया की रिपोर्ट की जानकारी भी जुटाई जा रही है।
कबाड़ी बाजार में रेडलाइट एरिया बंद कराने के लिए हाईकोर्ट के अधिवक्ता सुनील चौधरी ने याचिका डाली थी। जिस पर मंगलवार को डीएम अनिल ढींगरा, एसपी क्राइम डॉ. बीपी अशोक, सीएमओ राजकुमार ने रेडलाइट एरिया की भौगोलिक स्थिति की जानकारी देते हलफनामा कोर्ट के सामने प्रस्तुत किया। जिस पर अधिवक्ता सुनील चौधरी ने आपत्ति जताई। नतीजा बुधवार को फिर पुलिस-प्रशासन के अधिकारी तलब हुए। बुधवार को हाईकोर्ट में फिर सुनवाई हुई। जिसमें कोर्ट के सामने साबित हो गया कि पुलिस और प्रशासन ने झूठा हलफनामा कोर्ट में पेश किया। कबूल नामा भी हुआ। जिसके बाद कोर्ट ने सही हलफनामा पेश करने के लिए 30 अप्रैल की तारीख दी।
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अब गाज गिरना तय हो गया
झूठा हलफनामा तैयार करने वाले पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों पर गाज गिरना तय हो गया है। हाईकोर्ट में साफ कहा कि झूठा हलफनामा बनाने वालों अधिकारियों पर कार्रवाई के बारे में 30 अप्रैल को बताना है। पुलिस में इसको लेकर खलबली मची है। रेडलाइट एरिया में कौन-कौन निरीक्षण करने गए थे, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। सवाल उठता है कि अब अधिकारी किस पर कौन सी कार्रवाई करेंगे।
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इन्होंने बनाई थी रिपोर्ट
बताया गया कि पुलिस की तरफ से एएचटीयू के प्रभारी सीओ संजीव देशवाल व प्रशासन की ओर से जिला प्रोबेशन अधिकारी ने रेडलाइट एरिया की रिपोर्ट तैयार की थी। लेकिन अभी यह स्पष्ट नहीं है कि रिपोर्ट में झूठे साक्ष्य किसने प्रस्तुत किया। इसकी जांच पुलिस प्रशासन के अधिकारी कराने की बात कह रहे है। वहीं, पूर्व में कोर्ट में प्रस्तुत हुई रेडलाइट एरिया की रिपोर्ट की जानकारी भी जुटाई जा रही है।