Encounter: मुठभेड़ में ताबड़तोड़ गोलियों से गूंजा पोहल्ली, 1060 दिनों में बदमाशों को सटीक निशाने पर लगी गोली
मेरठ के कंकरखेड़ा में गुरुवार को पुलिस मुठभेड़ में हिस्ट्रीशीटर को ढेर कर दिया। पुलिस मुठभेड़ के दौरान कंकरखेड़ा का होली गांव ताबड़तोड़ गोलियों से गूंज उठा इस दौरान खेतों में भगदड़ मच गई।
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कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र की खिर्वा रोड पर गुरुवार को भी सरधना के पोहल्ली गांव से करीब एक किमी पहले खेतों पर ग्रामीण आम दिनों की तरह काम कर रहे थे। इसी बीच अचानक से गोलियां चलने की आवाज सुनाई दीं। जिससे वहां भगदड़ मच गई।
खेत से गांव की मुख्य सड़क पर जाकर देखा तो पुलिस व बदमाशों के बीच मुठभेड़ हो रही है। दोनों तरफ से कई राउंड फायरिंग हुई। गोलियों की तड़तड़ाहट से पोहल्ली गांव गूंज उठा।
मेरठ में हुईं चर्चित मुठभेड़
-26 सितंबर 2017: रुड़की रोड पर गांधी बाग के पास सदर बाजार पुलिस ने 50 हजार के इनामी मंसूर उर्फ मच्छू पहलवान निवासी बेहट, सहारनपुर को मारा।
-28 सितंबर 2017 : एसटीएफ और सरूरपुर पुलिस ने मुकीम काला के भाई वसीम काला को मारा। वसीम पर 50 हजार का इनाम था।
-30 दिसंबर 2017 : शताब्दीनगर परतापुर में 50 हजार का इनामी हसीन मोटा मारा गया।
-29 मई 2018 : दुल्हन की हत्या करने पर 50-50 हजार के इनामी हिमांशु उर्फ नरसी और धीरज की मुठभेड़ में मौत।
-04 मार्च 2018 : सरूरपुर में चश्मदीद गवाह सवित्री की हत्या में 50 हजार का इनामी सुजीत जाट ढेर हुआ।
-27 नवंबर 2018 : सरधना में 50 हजार का इनामी इरशाद निवासी नंगला रियावली रतनपुरी मुजफ्फरनगर का एनकाउंटर।
-05 मई 2019 : दौराला में एक लाख के इनामी जुबैर निवासी लिसाड़ीगेट को पुलिस ने मार गिराया।
-11 जुलाई 2019 पल्लवपुरम में एक लाख के इनामी शकील और 25 हजार के इनामी भूरा की मुठभेड़ में मौत।
-16 जुलाई 2019: दौराला में एक लाख का इनामी रविंद्र उर्फ कालिया और 50 हजार का इनामी अमित उर्फ शेरू मुठभेड़ में ढेर।
पुलिस द्वारा पहले बदमाशों को गिरफ्तार करने का प्रयास किया जाता है। जब बदमाशों द्वारा पुलिस टीम पर फायरिंग की जाती है तो जवाबी फायरिंग में मुठभेड़ हो जाती है। बदमाशों के खिलाफ सख्त कानूनी शिकंजा कसा जा रहा है। -रोहित सिंह सजवाण, एसएसपी मेरठ
नायडू के बाद साजन को लगी ठीक निशाने पर गोली
जिले में 1060 दिन बाद पुलिस की गोली ठीक निशाने पर लगी जिसमें पचास हजार रुपये का ईनामी साजन उर्फ कल्लू ढेर हो गया। इससे पहले 18 फरवरी 2020 को शक्ति नायडू को मुठभेड़ में ढेर किया था। इसके बाद कुछ और मुठभेड़ हुईं तो बदमाशों के पैरों में ही पुलिस की गोलियां लगती रहीं। हालांकि इसी जिले के गौ तस्कर अकबर बंजारा और उसके भाई शमीम बंजारा को असम में पुलिस ने मार गिराया था।
काफी दिनों से की जा रही थी तलाश
साजन की तलाश में एसओजी के साथ-साथ लालकुर्ती, गंगानगर, कंकरखेड़ा समेत कई थानों की पुलिस को एसएसपी ने लगाया हुआ था। एसओजी के अलावा कंकरखेड़ा और अन्य थानों की पुलिस ने साजन की घेराबंदी की थी। जिसके बाद साजन को पुलिस ने मुठभेड़ में ढेर कर लिया है।
एसीपी की हत्या करने की बनाई थी योजना
18 फरवरी 2020 को कंकरखेड़ा क्षेत्र में दिल्ली का मोस्ट वांटेड डेढ़ लाख का इनामी शिव शक्ति नायडू पुलिस मुठभेड़ में ढेर हुआ था। शक्ति नायडू शिव शक्ति वैष्णो धाम कालोनी में रह रहे इंस्पेक्टर और प्रॉपर्टी डीलर की हत्या करने के लिए अपने साथियों के साथ आया था। इसके अलावा दिल्ली के एसीपी ललित मोहन की भी हत्या की योजना बनाई थी।
नायडू ने सरधना क्षेत्र में फॉरच्यूनर गाड़ी लूटी थी। इसके बाद ये बदमाश कंकरखेड़ा स्थित आरके सिटी कालोनी में एक फौजी के खाली पड़े फ्लैट में रह रहे थे। कंकरखेड़ा पुलिस ने लूटी हुई फॉरच्यूनर फ्लैट के बाहर खड़ी देखी थी। जिसके बाद तत्कालीन सीओ दौराला जितेंद्र कुमार ने टीम के साथ फ्लैट की घेराबंदी की थी। उस समय बदमाश फ्लैट में मौजूद थे। पुलिस को देखकर बदमाशों ने फ्लैट के अंदर से फायरिंग की। इससे कॉलोनी में हड़कंप मच गया था।
तीस मिनट तक हुई थी फायरिंग
पुलिस और बदमाशों के बीच करीब 30 मिनट तक फायरिंग में दिल्ली के मोस्ट वांटेड बदमाश शिव शक्ति नायडू के सीने में गोली लगी थी, जबकि उसके साथी रवि उर्फ भूरा एवं अन्य मौके से भाग गए थे। फायरिंग में एक गोली सीओ की पीठ पर भी लग गई थी। शिव शक्ति नायडू पर दिल्ली से पचास हजार और मेरठ से एक लाख रुपये का इनाम घोषित था। नायडू ने अपने गैंग के हनी की कंकरखेड़ा में गोली मारकर हत्या की थी। उसके चाचा तिलक राज को भी चार गोली मारी थी। तभी से मेरठ पुलिस शिव शक्ति नायडू की तलाश में लगी हुई थी। जिसके बाद मुठभेड़ में नायडू को ढेर किया गया था।