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प्रधानमंत्री आवासीय योजना के नाम पर बड़ा गोरखधंधा, थाना सिविल लाइन में मुकदमा दर्ज
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ
Updated Tue, 21 Feb 2017 02:40 PM IST
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फूट गया भांडा
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प्रधानमंत्री आवासीय (ग्रामीण) योजना के नाम पर बड़ा गोरखधंधा सामने आया है। खेल करने वालों ने आवास दिलाने के नाम पर न केवल लोगों से 24-24 हजार रुपये ठग लिए, बल्कि डीएम कार्यालय से फर्जी पत्र भी जारी करा दिया। डीएम के निर्देश पर थाना सिविल लाइन में मुकदमा दर्ज कराया गया है। जांच शुरू हो गई है।
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ऐसे किया गया खेल
न्यू तारापुरी निवासी अमीर अहमद के मुताबिक उसकी पत्नी शमीम और साली तमन्ना निवासी समर गार्डन कालोनी से कुछ लोग मिले थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना में उनका मकान बनवा देंगे। एक फार्म भी भरवाया। बाद में फोन कर उन्हें कचहरी डाकघर के पास बुलाया और कहा कि उन्हें मकान का आवंटन हो गया है। दोनों से 24-24 हजार रुपये ले लिए। साथ ही एक पत्र दिया, जिस पर कार्यालय जिलाधिकारी कलक्ट्रेट की मुहर लगी है और प्रभारी अधिकारी कृते जिलाधिकारी के हस्ताक्षर भी हैं। पत्र में लिखा था कि उन्हें गगोल रोड परतापुर में मकान नंबर ए 4/58/2 द्वितीय तल आवंटित हो गया है। वे बाकी रकम 11- 11 हजार रुपये जमा करा दें, अन्यथा आवंटन निरस्त कर दिया जाएगा। लिखा है कि आवंटन के बाद बिजली बिल एवं गृहकर न्यूनतम देना होगा। आवास की चाबी 11 मार्च तक प्राप्त कर लें। पत्र पर पत्रांक संख्या आदि सब लिखा गया। ऊपर अशोक स्तंभ भी अंकित है, ताकि पत्र पूरी तरह सरकारी नजर आए।
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फूट गया भांडा, सिविल लाइन थाने में रिपोर्ट दर्ज
जिन लोगों ने पैसे दिए, उन्हें कुछ शक हुआ तो उन्होंने इस बाबत डीएम बी. चंद्रकला को यह पत्र दिखाया। डीएम ने साफ कहा कि यह फर्जी है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को कॉल कर मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए। अमीर अहमद की तरफ से अज्ञात लोगों के खिलाफ थाना सिविल लाइन में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया गया है। आरोपी व्यक्ति का नाम पता नहीं चल सका, जिस कारण उसके मोबाइल नंबर को एफआईआर में दर्ज किया गया है। इंस्पेक्टर सिविल लाइन विजय कुमार का कहना है कि जांच एसआई धनवीर यादव को दी गई है।
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ये है प्रधानमंत्री आवास योजना
इंदिरा आवास योजना को समाप्त कर केंद्र सरकार ने ग्रामीण क्षेत्र के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना चलाई है। इस योजना के तहत पुरानी बीपीएल सूची के आधार पर लाभार्थियों का चयन करने का प्रावधान है। अगर मेरठ की बात करें तो यहां शासन ने ही 10 हजार पात्रों की सूची भेजी थी, पर इसका सत्यापन किया गया तो मात्र एक हजार लोग पात्र पाए गए। बाकी किसी का आवास किसी अन्य योजना से बन गया था, तो कोई अन्य कारणों से अपात्र हो गया।
मकान नहीं, 1.20 लाख कैश मिलते हैं
प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी में ऑनलाइन आवेदन की आवश्यकता है, पर ग्रामीण क्षेत्र में ऑनलाइन आवेदन की कोई आवश्यकता नहीं होती। परियोजना निदेशक डीआरडीए डा. रवि किशोर त्रिवेदी के मुताबिक ग्रामीण योजना में मकान बनाकर नहीं दिया जाता है। मकान बनाने के लिए पात्र को एक लाख बीस हजार रुपये सरकार देती है। दोपहिया अथवा चौपहिया वाहन वाले, 50 हजार रुपये अथवा इससे ज्यादा की रकम के किसान क्रेडिट कार्ड वाले, दस हजार रुपये की नौकरी वाले आदि इस योजना के पात्र नहीं हैं।
योजनाओं में होते रहे हैं गड़बड़झाले
पहले भी सरकारी योजनाओं में गड़बड़झाले सामने आ चुके हैं। ‘बेटी बचाआ, बेटी पढ़ाओ’, शादी अनुदान योजना, पेंशन योजनाओं में कई बार इस तरह की शिकायतें आ चुकी हैं।
सीडीओ को करें कॉल
ठगी के मामले सामने आए हैं। ग्रामीण योजना में यदि कोई ऑनलाइन फार्म भरने को कहे या पैसे मांगे तो सीडीओ के नंबर 0121- 2664352 पर कॉल कर सूचित करें। - डा. रवि किशोर त्रिवेदी, पीडी डीआरडीए
जांच के आदेश दिए हैं
कुछ लोगों ने पीएम आवासीय योजना ग्रामीण को लेकर मुझसे शिकायत की है। फर्जी पत्र के आधार पर ठगी करना गंभीर अपराध है। अधिकारियों को जांच और सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। - बी. चंद्रकला, जिलाधिकारी