दादी-नानी दे रहीं जल बचाने का संदेश, कठपुतली से बच्चों को मिल रही वॉटर हार्वेस्टिंग की जानकारी
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जो पानी बचाएगा वो आज का महापुरुष कहलाएगा..स्कूली बच्चों को परियों के देश और जादूगर की कहानी सुनाने वाली नानी अब पानी बचाने का संदेश दे रही है। शहर के पब्लिक स्कूलों में इन दिनों कठपुतली छात्रों को पानी बचाने का संदेश दे रही है।
नाटकों में दादी-नानी बनकर छात्र एक दूसरे को जल का मोल समझा रहे हैं।सीबीएसई ने जल संरक्षण की मुहिम को छात्रों से जोड़ दिया। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने सर्कुलर जारी कर पब्लिक स्कूलों को जल संरक्षण पर काम करने का आदेश दिया है।
इसके मुताबिक विद्यालयों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग लगवाने, छात्रों के बीच विभिन्न प्रतियोगिताएं कराकर उन्हें पानी का मोल समझाने, छात्रों को विभिन्न दफ्तरों में ले जाकर वहां लगे रेन वाटर हार्वेस्टिंग की जानकारी देने, स्कूलों में हर्बल गार्डन बनवाने, बॉटनिकल प्लांट्स लगाने और पॉलीथिन का प्रयोग न करने के आदेश दिए गए हैं। बोर्ड के इस आदेश पर शहर के पब्लिक स्कूलों में इन दिनों जल संरक्षण पर अनेक गतिविधियां हो रही हैं।
इसमें विद्यार्थी जहां फैशन शो में पानी की बूंद बनकर रैंप वॉक कर रहे हैं तो नाटकों में दादी-नानी बनकर संदेश दे रहे हैं। सेंट जोंस स्कूल में जल संरक्षण समिति का गठन किया गया है। केएल इंटरनेशनल स्कूल में कक्षाओं में छात्रों को विशेष संबोधन दिया जा रहा है। वहीं सिटी वोकेशनल पब्लिक स्कूल में छात्रों को जल संरक्षण की शपथ दिलाई गई।
इस तरह बताए जा रहे जल संरक्षण के टिप्स
- ब्रश करते वक्त, नहाते वक्त बेवजह नल न चलाएं
- पानी को दोबारा करना सीखें
- ग्लास, बोतल में उतना ही पानी लें जितना पी सके, बचा हुआ पानी नाली में बहाने की बजाय गमलों में डालें या वॉशरूम के लिए एक बॉल्टी में स्टोर करें
- फ्लश टैंक में पानी की खाली बोतल डाल दें ताकि उसकी स्टोरेज क्षमता कम हो और बेवजह पानी बहने से बचे
- आरओ से निकलने वाले पानी को स्टोर कर लें
- कपड़ों के पानी को पोछे में प्रयोग करें, वाहन को पाइप के बजाय गीले कपड़े से साफ करें।
सीबीएसई कर रहा पहल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर्यावरण और जल संरक्षण के प्रति बहुत गंभीर है। मन की बात में भी पीएम कई बार प्रकृति संरक्षण की बात कह चुके हैं। पीएम के इस संदेश से छात्रों को जोड़ने के लिए सीबीएसई यह पहल कर रहा है। देशभर के स्कूलों में यह अभियान चलाए जा रहे हैं। स्कूलों में नवग्रह वाटिका, औषधीय पौधों की वाटिका, हर्बल गार्डन व रेन वाटर हार्वेटिंग के प्रोेजेक्ट होने हैं। - मनीष अग्रवाल, क्षेत्रीय अधिकारी सीबीएसई