लोकसभा चुनाव से पहले पश्चिमी यूपी में माहौल खराब करने की थी प्लानिंग, सामने आया सच
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क्या वाकई लोकसभा चुनाव 2019 से पहले पश्चिमी यूपी में माहौल खराब करने की प्लानिंग चल रही है। इसमें मामले में क्या सच्चाई है आप खुद जान लीजिए।
मेरठ के सरधना में भारी मात्रा में हथियार किसके लिए तैयार हो रहे थे, इसका स्पष्ट जवाब पुलिस के पास नहीं हैं। आरोपी भले ही लोकसभा चुनाव का हवाला दे रहे हों। लेकिन हथियारों की खेप मेरठ, मुजफ्फरनगर समेत वेस्ट के जिलों में खपाने की पुष्टि करने वाले अधिकारियों के लिए इसका असली प्रयोजन और इसके पीछे छिपे चेहरे जानने बाकी है। सवाल यह भी है कि इन हथियारों से किसको मौत के घाट उतारना था। ऐसे कई सवाल पुलिस के सामने अभी खड़े हैं।
हथियारों को कहां और किसको सप्लाई करना था, यह राज खुलना अभी बाकी है। 15 अगस्त पर सुरक्षा और लोकसभा चुनाव में अनहोनी के संकेत पुलिस ने दिए हैं। पुलिस का दावा है कि पकड़े गए आरोपियों को सिर्फ हथियार बनाने की जानकारी है। हथियार कौन सप्लाई करते हैं और उनका नेटवर्क कहां तक फैला है, इसका खुलासा जांच में होगा। हथियार सप्लाई करने वाले गैंग के बदमाशों से संपर्क हैं, इसकी जांच होनी बाकी है। एसएसपी का कहना है कि हथियारों को लोगों की हत्या करने के लिए तैयार किया जा रहा था। चुनावी सीजन में इनकी डिमांड ज्यादा होती है। इससे साफ है कि माहौल खराब करने की प्लानिंग वेस्ट यूपी के जनपदों में चल रही है।
प्रदेश भर में बनाते हैं
पुलिस के मुताबिक हथियार बनाने में जौला मुजफ्फरनगर के अहसान और नसीम माहिर हैं। अहसान ने बताया कि जौला में चार साल पहले बहुत हथियार बनते थे। लेकिन अब वहां के कारीगर प्रदेश के कई जिलों में जाकर हथियार बनाते हैं। सरधना के अलावा कई जगह हथियार बनाने का धंधा चल रहा है। जिन्हें अलग-अलग लोग संचालित कर रहे हैं।
पुराना रिकार्ड खंगाला
एडीजी प्रशांत कुमार का कहना है कि जोन में छह माह में कई जगह हथियारों की खेप पकड़ी गई है। इनका रिकॉर्ड खंगाला गया है। हथियार बनाने और सप्लाई करने वाले गिरोह का नेटवर्क कहां तक फैला है, इसकी जानकारी मिल रही है। पुलिस माहौल खराब करने वालों पर शिकंजा कसेगी।
आरोपियों की तलाश
पुलिस ने मौके से भागे प्रदीप पुत्र चंद्रपाल और अफजाल पुत्र हसन निवासी सिकंदरपुर मीरापुर मुजफ्फरनगर की तलाश में दबिश दी। लेकिन सुराग नहीं लगा। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपियों को ही पता है कि उन्हें 100 तमंचे लेकर मुजफ्फरनगर में कहां जाना था।
ससुर से सीखा बनाना
प्रेसवार्ता में आरोपी अहसान ने बताया कि तमंचा बनाना उसने अपने ससुर से सीखा था। ससुर की मौत हो चुकी है। उसके परिवार के कई लोग भी हथियार बनाते थे। अहसान ने पांच लोगों के नाम बताए हैं। उनकी तलाश में दबिश जारी है। आरोपियों ने कहा कि हथियारों की सप्लाई पुलिस और नेताओं की सेटिंग से होती है।
रिपोर्ट भेजी
पुलिस ने शासन को भेजी रिपोर्ट में कहा कि हथियारों की खेप कई जगहों पर सप्लाई कराई जा रही है। इसकी जानकारी पर सूबे के डीजीपी ओपी सिंह ने सभी जनपदों के कप्तानों से कहा है कि मामला गंभीर है। हथियार बनाने और सप्लाई करने वाले पर पुलिस पैनी नजर रखे। हथियारों के प्रति लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
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