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मेरठ : रफ्तार पकड़ रहा रैपिड रेल कॉरिडोर का कार्य, शताब्दी नगर स्टेशन से पिलर को आपस में जोड़ने का काम शुरू
Thu, 01 Jul 2021 02:42 AM IST
मेरठ ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 01 Jul 2021 02:42 AM IST
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रैपिड रेल कॉरिडोर के सबसे ऊंचे मेरठ चौराहा स्टेशन का वास्तविक डिजाइन
- फोटो : अमर उजाला
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मेरठ से दिल्ली रैपिड रेल कॉरिडोर का कार्य रफ्तार पकड़ रहा है। मेरठ में पहला बैक फीडिंग लॉन्चिंग गर्डर बुधवार को तैयार कर दिया गया। इसकी मदद से एक पिलर को दूसरे पिलर से जोड़ा जाएगा। इसे शताब्दी नगर से रिठानी के बीच बनाए गए पिलर पर स्थापित किया गया है।
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम भूमिगत और एलिवेटेड ट्रैक पर कार्य करा रहा है। दिल्ली, गाजियाबाद, मेरठ आरआरटीएस कॉरिडोर के कार्य में यह 16वां लॉन्चिंग गर्डर है। यह गर्डर रिठानी से मेरठ के उत्तरी दिशा की ओर कार्य करेगा और एलिवेटेड सेक्शन का निर्माण करेगा।
मेरठ साउथ के बाद, परतापुर, रिठानी, शताब्दी नगर और ब्रह्मपुरी एलिवेटेड स्टेशन हैं, इसके बाद कॉरिडोर भूमिगत हो जाता है। मेरठ सेंट्रल, भैंसाली और बेगमपुल का भूमिगत स्टेशन होगा। इसके बाद फिर कॉरिडोर एलिवेटेड होकर मोदीपुरम की ओर चला जाता है।
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इसलिए है खास
इस लॉन्चिंग गर्डर (तारिणी) की खास बात यह है कि इसकी लिफ्टिंग पोजीशन मूव करने वाली है। जिससे प्री-कास्ट सेगमेंट को यह नीचे से उठाने के साथ-साथ पिछले हिस्से से भी उठा लेता है, जिसे बैक फीडिंग कहते हैं। यह सेगमेंट को निर्धारित स्थान पर स्थापित करता है। जबकि ज्यादातर लांचिंग गर्डर प्री कास्ट सेगमेंट को ठीक नीचे से उठाते हैं और दूसरे सेगमेंट से जोड़ते जाते है। गर्डर तैयार होने के बाद प्री कास्ट सेग्मेंटस को बड़े ट्रकों में साइट पर लाया जाएगा।
वसुंधरा व शताब्दी नगर यार्ड में हो रहे तैयार
एनसीआरटीसी की ओर से रैपिड के पिलर्स पर रखने के लिए प्री-कास्ट सीमेंट के ब्लॉक वसुंधरा और शताब्दी नगर कास्टिंग यार्ड में बनाए जा रहे हैं। लांचिंग गर्डर तैयार होने के बाद प्री-कास्ट सीमेंट ब्लॉक को बड़े ट्रकों में रखकर साइट तक लाया जाता है।
एलिवेटेड ट्रैक तैयार करने और पिलर्स के ऊपर सीमेंट के प्री-कास्ट ब्लॉक रखने के लिए 16वां लांचिंग गार्डर लांच कर दिया गया है। रैपिड कॉरिडोर पर वायडक्ट का निर्माण दिनरात किया जा रहा है। नए लांचिंग गार्डर से काम की रफ्तार और तेज होगी। - पुनीत वत्स, सीपीआरओ, एनसीआरटीसी
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राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम भूमिगत और एलिवेटेड ट्रैक पर कार्य करा रहा है। दिल्ली, गाजियाबाद, मेरठ आरआरटीएस कॉरिडोर के कार्य में यह 16वां लॉन्चिंग गर्डर है। यह गर्डर रिठानी से मेरठ के उत्तरी दिशा की ओर कार्य करेगा और एलिवेटेड सेक्शन का निर्माण करेगा।
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मेरठ साउथ के बाद, परतापुर, रिठानी, शताब्दी नगर और ब्रह्मपुरी एलिवेटेड स्टेशन हैं, इसके बाद कॉरिडोर भूमिगत हो जाता है। मेरठ सेंट्रल, भैंसाली और बेगमपुल का भूमिगत स्टेशन होगा। इसके बाद फिर कॉरिडोर एलिवेटेड होकर मोदीपुरम की ओर चला जाता है।
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इसलिए है खास
इस लॉन्चिंग गर्डर (तारिणी) की खास बात यह है कि इसकी लिफ्टिंग पोजीशन मूव करने वाली है। जिससे प्री-कास्ट सेगमेंट को यह नीचे से उठाने के साथ-साथ पिछले हिस्से से भी उठा लेता है, जिसे बैक फीडिंग कहते हैं। यह सेगमेंट को निर्धारित स्थान पर स्थापित करता है। जबकि ज्यादातर लांचिंग गर्डर प्री कास्ट सेगमेंट को ठीक नीचे से उठाते हैं और दूसरे सेगमेंट से जोड़ते जाते है। गर्डर तैयार होने के बाद प्री कास्ट सेग्मेंटस को बड़े ट्रकों में साइट पर लाया जाएगा।
वसुंधरा व शताब्दी नगर यार्ड में हो रहे तैयार
एनसीआरटीसी की ओर से रैपिड के पिलर्स पर रखने के लिए प्री-कास्ट सीमेंट के ब्लॉक वसुंधरा और शताब्दी नगर कास्टिंग यार्ड में बनाए जा रहे हैं। लांचिंग गर्डर तैयार होने के बाद प्री-कास्ट सीमेंट ब्लॉक को बड़े ट्रकों में रखकर साइट तक लाया जाता है।
एलिवेटेड ट्रैक तैयार करने और पिलर्स के ऊपर सीमेंट के प्री-कास्ट ब्लॉक रखने के लिए 16वां लांचिंग गार्डर लांच कर दिया गया है। रैपिड कॉरिडोर पर वायडक्ट का निर्माण दिनरात किया जा रहा है। नए लांचिंग गार्डर से काम की रफ्तार और तेज होगी। - पुनीत वत्स, सीपीआरओ, एनसीआरटीसी