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वॉलेट केवाईसी की आड़ में चोरी हो रहा आपका निजी डाटा
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मेरठ। सावधान! अगर आप ऑनलाइन पेमेंट लेनदेन के लिए मोबाइल वॉलेट यूज करते हैं तो थोड़ा सचेत हो जाएं। साइबर अपराधी इन मोबाइल वॉलेट्स के नाम पर लोगों का निजी डाटा चुरा रहे हैं और उनके बैंक अकाउंट खाली कर रहे हैं। शहर में इस तरह के कई मामले सामने आए हैं जिनमें कॉल और मेसेज भेजकर लोगों को उनके मोबाइल वॉलेट की केवाईसी करने की सलाह दी जाती है और इसके बाद उनको ठगा जा रहा है। साइबर सेल के अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की कॉल आने पर किसी भी तरह की जानकारी शेयर न करें और जरूरत पड़ने पर संबंधित मोबाइल वॉलेट कंपनी के अधिकृत अधिकारी या ग्राहक सेवा केंद्र पर बात करके अपनी समस्या का समाधान कराएं।
केस नंबर-1 : मोहनपुरी निवासी सुभाष एक मोबाइल वॉलेट का प्रयोग करते हैं। पिछले दिनों उनके पास मेसेज आया कि ‘आपके वॉलेट की धनराशि कुछ समय बाद होल्ड कर दी जाएगी, इसलिए केवाईसी अपडेट कराएं।’ मेसेज के साथ नंबर भी दिया गया था। सुभाष ने तुरंत वॉलेट कंपनी से जुड़े कर्मचारी से संपर्क किया। पता चला कि मेसेज फर्जी है।
केस नंबर-2 : जेलचुंगी निवासी बुद्धप्रकाश के फोन पर भी ऐसा ही मेसेज आया। मैसेज में लिखा था कि जल्द ही आपका मोबाइल वॉलेट अकाउंट सीज कर दिया जाएगा। इससे बचने के लिए डिटेल्स अपडेट कराएं। उन्होंने उस नंबर पर संपर्क किया। युवक से बात करते वक्त बुद्धप्रकाश को शक हुआ। इसके बाद जब उन्होंने क्रॉस सवाल किए तो युवक ने फोट काट दिया।
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डाउनलोड करा रहे स्पाई एप
यह दो मामले तो सिर्फ उदाहरण मात्र हैं। शहर में ऐसे कई ऐसे मामले आए हैं जिनमें इस तरह के मेसेज और कॉल्स के जरिये लोगों की गोपनीय जानकारी जुटाने का प्रयास किया गया। साइबर एक्सपर्ट के मुताबिक इस तरह की कॉल और मैसेज करने वाले लोग मोबाइल वॉलेट यूजर को मोबाइल में कुछ एप डाउनलोड करने के लिए कहेगा। कुछ लोग इनकी बातों में आ जाते हैं और इस एप को डाउनलोड कर लेते हैं, लेकिन ये एप स्पाई एप होती हैं जो यूजर के मोबाइल का पूरा डाटा साइबर अपराधी तक पहुंचा देती हैं। इसी तरह कुछ लोग व्हाट्सएप और टेक्स्ट मेसेज पर लिंक भेजकर उसपर क्लिक करने को कहते हैं। इस लिंक पर क्लिक करते ही मोबाइल का सारा डाटा चोरी हो जाता है।
ऐसे दें साइबर अपराधियों को मात
- बैंक या मोबाइल वॉलेट कंपनी के कर्मचारी फोन पर कोई भी जानकारी नहीं लेते हैं, ऐसे फोन आने पर नजरअंदाज करें।
- मोबाइल पर संदेश मिलने की स्थिति में कंपनी के दफ्तर में जाकर संपर्क करें या ग्राहक सेवा केंद्र पर कॉल करें।
- ओटीपी किसी से भी शेयर न करें।
- व्हाट्सएप या टेक्स्ट मेसेज पर आए अनजान लिंक पर क्लिक न करें।
- बार-बार फोन आ रहे हैं तो क्षेत्रीय थाने या साइबर सेल के दफ्तर में शिकायत करें।
विवेक से काम लें यूजर्स
साइबर अपराधी ठगी के लिए नए-नए आइडिया अपना रहे हैं। मोबाइल वॉलेट की केवाईसी अपडेट की आड़ में ठगी का प्रयास भी हो रहा है। यूजर्स ऐसी स्थिति में विवेक से काम लें। थोड़े से लालच में गोपनीय जानकारी सार्वजनिक न करें। - सुभाष अत्री, प्रभारी, साइबर सेल
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केस नंबर-1 : मोहनपुरी निवासी सुभाष एक मोबाइल वॉलेट का प्रयोग करते हैं। पिछले दिनों उनके पास मेसेज आया कि ‘आपके वॉलेट की धनराशि कुछ समय बाद होल्ड कर दी जाएगी, इसलिए केवाईसी अपडेट कराएं।’ मेसेज के साथ नंबर भी दिया गया था। सुभाष ने तुरंत वॉलेट कंपनी से जुड़े कर्मचारी से संपर्क किया। पता चला कि मेसेज फर्जी है।
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केस नंबर-2 : जेलचुंगी निवासी बुद्धप्रकाश के फोन पर भी ऐसा ही मेसेज आया। मैसेज में लिखा था कि जल्द ही आपका मोबाइल वॉलेट अकाउंट सीज कर दिया जाएगा। इससे बचने के लिए डिटेल्स अपडेट कराएं। उन्होंने उस नंबर पर संपर्क किया। युवक से बात करते वक्त बुद्धप्रकाश को शक हुआ। इसके बाद जब उन्होंने क्रॉस सवाल किए तो युवक ने फोट काट दिया।
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डाउनलोड करा रहे स्पाई एप
यह दो मामले तो सिर्फ उदाहरण मात्र हैं। शहर में ऐसे कई ऐसे मामले आए हैं जिनमें इस तरह के मेसेज और कॉल्स के जरिये लोगों की गोपनीय जानकारी जुटाने का प्रयास किया गया। साइबर एक्सपर्ट के मुताबिक इस तरह की कॉल और मैसेज करने वाले लोग मोबाइल वॉलेट यूजर को मोबाइल में कुछ एप डाउनलोड करने के लिए कहेगा। कुछ लोग इनकी बातों में आ जाते हैं और इस एप को डाउनलोड कर लेते हैं, लेकिन ये एप स्पाई एप होती हैं जो यूजर के मोबाइल का पूरा डाटा साइबर अपराधी तक पहुंचा देती हैं। इसी तरह कुछ लोग व्हाट्सएप और टेक्स्ट मेसेज पर लिंक भेजकर उसपर क्लिक करने को कहते हैं। इस लिंक पर क्लिक करते ही मोबाइल का सारा डाटा चोरी हो जाता है।
ऐसे दें साइबर अपराधियों को मात
- बैंक या मोबाइल वॉलेट कंपनी के कर्मचारी फोन पर कोई भी जानकारी नहीं लेते हैं, ऐसे फोन आने पर नजरअंदाज करें।
- मोबाइल पर संदेश मिलने की स्थिति में कंपनी के दफ्तर में जाकर संपर्क करें या ग्राहक सेवा केंद्र पर कॉल करें।
- ओटीपी किसी से भी शेयर न करें।
- व्हाट्सएप या टेक्स्ट मेसेज पर आए अनजान लिंक पर क्लिक न करें।
- बार-बार फोन आ रहे हैं तो क्षेत्रीय थाने या साइबर सेल के दफ्तर में शिकायत करें।
विवेक से काम लें यूजर्स
साइबर अपराधी ठगी के लिए नए-नए आइडिया अपना रहे हैं। मोबाइल वॉलेट की केवाईसी अपडेट की आड़ में ठगी का प्रयास भी हो रहा है। यूजर्स ऐसी स्थिति में विवेक से काम लें। थोड़े से लालच में गोपनीय जानकारी सार्वजनिक न करें। - सुभाष अत्री, प्रभारी, साइबर सेल