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प्रतिमा लगाने के मामले में दो जातियों के लोग आमने-सामने, तनाव को देखते हुए गांव में पुलिस तैनात
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सरूरपुर। गांव डाहर में आंबेडकर भवन के बाहर खाली जमीन पर प्रतिमा लगाने को लेकर दो जातियों के लोग आमने-सामने आ गए। पुलिस ने विवादित जमीन से प्रतिमा हटवाकर आंबेडकर भवन में रखवा दी। एक पक्ष ने आंबेडकर भवन के बरामदे से भी प्रतिमा हटवाने की मांग की तो दूसरे पक्ष के लोग आंबेडकर पार्क में जमा हो गए। पुलिस ने लोगों को समझाकर शांत किया। शाम के समय एक बार फिर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। पुलिस ने प्रतिमा को पुराने स्थल पर रखवाकर मामला शांत किया। गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस तैनात की गई है।
गांव डाहर के प्रधान हरपति ने बताया कि गांव के बाहरी छोर पर आंबेडकर पार्क बनाया जा रहा है। निर्माणाधीन भवन के बरामदे में डाॅ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा रखी हुई है। सोमवार को प्रतिमा के साथ गांव में झांकी का आयोजन किया गया। लोगों ने रात के समय प्रतिमा आंबेडकर भवन के बाहर खाली जमीन पर स्थापित कर दी। जबकि दूसरे पक्ष ने जमीन पर मामला कोर्ट में विचाराधीन होने के चलते विरोध किया। साथ ही बिना अनुमति प्रतिमा स्थापित करने की बात कही। इस पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर प्रतिमा को बरामदे में रखवा दिया। लेकिन रात में मामला फिर तूल पकड़ गया। वाल्मीकि समाज के लोगों की भीड़ आंबेडकर पार्क में जमा हो गई।
आरोप है कि डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा को दूसरे समाज के लोग आंबेडकर भवन से हटवाने की मांग कर रहे हैं। हालांकि, मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाकर मामला शांत कर दिया। गांव में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए पुलिस तैनात कर दी गई है।
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थानाध्यक्ष अजय शुक्ला का कहना है कि प्रतिमा पुराने स्थल पर ही रखवा दी गई है। दोनों पक्षों को समझाकर शांत कर दिया गया है। गांव में तनाव की कोई बात नहीं है।
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गांव डाहर के प्रधान हरपति ने बताया कि गांव के बाहरी छोर पर आंबेडकर पार्क बनाया जा रहा है। निर्माणाधीन भवन के बरामदे में डाॅ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा रखी हुई है। सोमवार को प्रतिमा के साथ गांव में झांकी का आयोजन किया गया। लोगों ने रात के समय प्रतिमा आंबेडकर भवन के बाहर खाली जमीन पर स्थापित कर दी। जबकि दूसरे पक्ष ने जमीन पर मामला कोर्ट में विचाराधीन होने के चलते विरोध किया। साथ ही बिना अनुमति प्रतिमा स्थापित करने की बात कही। इस पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर प्रतिमा को बरामदे में रखवा दिया। लेकिन रात में मामला फिर तूल पकड़ गया। वाल्मीकि समाज के लोगों की भीड़ आंबेडकर पार्क में जमा हो गई।
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आरोप है कि डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा को दूसरे समाज के लोग आंबेडकर भवन से हटवाने की मांग कर रहे हैं। हालांकि, मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाकर मामला शांत कर दिया। गांव में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए पुलिस तैनात कर दी गई है।
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थानाध्यक्ष अजय शुक्ला का कहना है कि प्रतिमा पुराने स्थल पर ही रखवा दी गई है। दोनों पक्षों को समझाकर शांत कर दिया गया है। गांव में तनाव की कोई बात नहीं है।