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Meerut News: मासिक पास दिखाने पर भी यात्री को बीच रास्ते रोडवेज बस से उतारा, परिचालक पर अभद्रता का आरोप

Fri, 18 Sep 2026 09:50 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 18 Sep 2026 09:50 PM IST
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Passenger made to disembark mid-journey despite showing monthly pass; conductor accused of misconduct.Passenger made to disembark mid-journey despite showing monthly pass; conductor accused of misconduct.
नोट- हाथरस और अलीगढ़ के लिए भी ध्यानार्थ
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हाथरस डिपो की बस में लिखे एआरएम का मोबाइल नंबर अधूरा

रोडवेज अधिकारियों की कार्यप्रणाली और व्यवस्थाओं पर उठे सवाल
फोटो समाचार
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। रोडवेज बसों में यात्रियों के साथ अभद्रता के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। ताजा मामला हाथरस डिपो की बस (संख्या यूपी 78एलएन 0469) का है। यात्रियों का आरोप है कि बस परिचालक ने मासिक पास को मानने से इन्कार कर दिया। यात्री को बीच में ही उतार दिया। विरोध करने पर यात्री से अभद्रता की। यात्रियों ने परिचालक पर नशे में होने के भी आरोप लगाए। बस में लिखा एआरएम का मोबाइल नंबर भी अधूरा था।
मेरठ निवासी यात्री ओमपाल सिंह बुलंदशहर में एक विभाग में इंजीनियर हैं। उनके मुताबिक, उन्होंने सोहराबगेट डिपो से बुलंदशहर तक का सफर करने के लिए 18 अगस्त से 17 सितंबर तक का मासिक पास बनवाया था। जिस पर प्रतिदिन रोडवेज बस में यात्रा कर रहे थे। बृहस्पतिवार को सायं 7:15 बजे बुलंदशहर से मेरठ आने के लिए हाथरस डिपो की बस में यात्रा शुरू की। बुलंदशहर से कुछ ही दूर पहुंचने पर जब बस परिचालक को मासिक पास दिया तो परिचालक ने मासिक पास को एक्सपायर बताते हुए टिकट लेने की बात कही। जबकि पास की अंतिम तिथि 17 सितंबर की मध्यरात्रि 12 बजे तक वैधता थी।
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परिचालक ने पास को वैध नहीं माना और टिकट न लेने पर बस से उतार देने की धमकी दी। यात्री का कहना है कि बस में लिखे रोडवेज के एआरएम का मोबाइल नंबर अधूरा मिला। इसके अलावा आरएम और एसएम के मोबाइल नंबर लिखे थे। जिनमें से आरएम का मोबाइल नंबर मिलाकर परिचालक से बात भी कराई, लेकिन परिचालक ने उनकी बात भी मानने से इन्कार कर दिया। यात्री का आरोप है कि परिचालक नशे की हालत में था, जो सभी यात्रियों से अभद्रता कर रहा था। यात्री का आरोप है कि परिचालक ने उन्हें हापुड़ के निकट बीच रास्ते में ही उतार दिया। जैसे-तैसे वह मेरठ अपने घर पहुंचे।
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बस में लिखे अधिकारियों के फोन उठते ही नहीं
यात्री ओमपाल सिंह का कहना है कि बस में परिचालक या चालक के व्यवहार को लेकर तत्काल शिकायत करने की प्रभावी व्यवस्था होनी चाहिए। जो इस बस में उचित नहीं थी। जब अधिकारी के नंबर अधूरे हों या शिकायत के समय फोन ही न उठे तो यात्री अपनी समस्या किसके सामने रखें, यह सवाल बना हुआ है। यात्रियों ने मामले की जांच कराकर दोषी परिचालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

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वर्जन-
यात्री के मोबाइल से मुझे रात में फोन आया था। हमने परिचालक से भी बात की थी। उसमें सामने आया कि उनकी एमएसटी की वैधता 17 सितंबर को रात 12 बजे खत्म हो रही थी, लेकिन उनको मासिक पास में मिलने वाली यात्रा ट्रिप 36 पूरी हो चुकी थी। इसलिए उनको एमएसटी से यात्रा कराया जाना संभव नहीं था। उन्होंने जो परिचालक पर अन्य आरोप लगाए हैं उनकी जांच करा ली जाएगी। गाड़ी में लिखे मोबाइल नंबर ठीक कराए जाएंगे। सतेंद्र कुमार वर्मा, क्षेत्रीय प्रबंधक रोडवेज, अलीगढ़।
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