मौसम की मार, सेहत पर वार, जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में ओपीडी पांच हजार के पार
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मेडिकल कॉलेज में सबसे ज्यादा मरीज मेडिसिन विभाग में आए हैं, क्योंकि उसमें सभी सामान्य रोगों से संबंधित मरीजों को देखा जाता है, मगर विशेषज्ञों के पास आने वाले मरीजों में सबसे ज्यादा त्वचा रोगों के आए हैं। इन मरीजों को सबसे ज्यादा फंगल इंफेक्शन और झुलसी त्वचा के मरीजों की है। त्वचा रोग विशेषज्ञ का मानना है कि ज्यादा गर्मी में पसीना ज्यादा आता है, जिससे शरीर की त्वचा खराब होने लगती है।
झुलसी त्वचा में आसानी से फंगल इंफेक्शन हो जाता है। जो लोग चुस्त या सिंथेटिक कपड़े पहनते हैं उन्हें यह समस्या अधिक होती है। दूसरी तरफ, गर्मी की मार बच्चों को बीमार कर रही है। गर्मी सहन नहीं कर पाने के कारण बच्चे उल्टी, दस्त और बुखार की चपेट में आ रहे हैं। इससे शरीर में पानी की कमी हो रही है। ज्यादा ठंडा पानी पीने से खांसी की शिकायत भी हो रही है।
इस तरह बरतें सावधानी
हर रोज जरूर नहाएं, दिन में दो बार नहाएं तो और बेहतर
जूस और अन्य तरल पदार्थों का सेवन ज्यादा करें
ज्यादा से ज्यादा सादा पानी पिएं
ढीले-ढाले और सूती कपड़े पहनें
जरूरी न हो तो धूप में जाने से बचें
बच्चों के लिए यह सावधानी
गर्मी में बच्चों को बाहर जाने से रोकें।
पानी की कमी लगी तो ओआरएस का घोल पिलाएं।
गरिष्ठ और पुरानी फ्रीज में रखा खाना न खिलाएं।
दोबारा गर्म कर बासी खाने को न दें।
छह माह तक के बच्चे को मां का दूध ही पिलाएं।
बच्चे के बीमार होने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें।