यूपी: दौड़ लगा रहे तीन युवकों को अज्ञात वाहन ने मारी टक्कर, एक की मौत
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मेरठ से सटे खरखौदा में बुधवार तड़के हापुड़ रोड़ पर सड़क पर दौड़ लगा रहे तीन युवकों को अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी जिसमें तीनों गंभीर रुप से घायल हो गये। पहले तीनों को हापुड के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया लेकिन एक की हालत गंभीर होने के कारण उसे मेरठ रैफर कर दिया गया। यहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। परिजनों ने बिना कार्रवाई के ही शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
गांव कैली निवासी नईम 18 वर्ष पुत्र जफर, केशव पुत्र पप्पू शर्मा, कृष्णा पुत्र राकेश सभी फौज व उत्तर प्रदेश पुलिस के फिजिकल की तैयारी कर रहे थे। जिसके लिये इनके साथ गांव कैली के ही कई अन्य युवक प्रति दिन करीब पांच किलोमीटर की दौड़ लगा रहे थे। गांव कैली के करीब दर्जनभर युवक पहले राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माणाधीन बाईपास पर दौड़ की तैयारी करते थे लेकिन बुधवार को ये तीनों बाइपास पर न जाकर हापुड़ रोड़ पर दौड़ने के लिये चल दिये।
तड़के करीब 4 बजे केवल ये तीनों ये तीनों की दौड़ के लिये गये थे। तीनों कैली बस स्टैंड़ से हापुड़ की ओर को दौड़ लगाने लगे। जैसे ही तीनों गांव कैली के बाहर की ओर बने बाबा जाहरवीर मंदिर के पास पहुंचे तो पीछे से आ रहे अज्ञात वाहन ने तीनों को टक्कर मार दी जिसमें तीनों गंभीर रूप से घायल हो गये। सूचना पर ग्रामीण व परिजना भी मौके पर पहुंच गये। जिसमें परिजनों व ग्रामीणों ने तीनों को पहले हापुड़ के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया।
नईम की हालत गंभीर होने के कारण उसे मेरठ के लिये रैफर कर दिया गया। जहां कुछ समय बाद ही नईम ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। उधर दोनों घायलों का उपचार चल रहा है। वहीं परिजनों ने पुलिस से कार्रवाई करने से भी इंकार कर दिया तथा बुधवार को गांव में ही शव को सुपुर्दे खाक कर दिया।
पिता के अरमान रह गये अधूरे
पिता जफर पुत्र खुर्शेद के अनुसार कोई पैत्रक कृषि भूमि न होने के कारण वह साइकिल रिपेयरिंग का काम ही करता है। उसी के सहारे परिवार का पालन पोषण कर रहा है। बड़ा बेटा जो कि शादी शुदा है तथा दिल्ली के एक प्राइवेट कपंनी में नौकरी करता है। मंझला बेटा स्नाक की पढ़ाई करने के साथ साथ अपने पिता के कार्य में भी हाथ बटाता है।
वहीं सबसे छोटा बेटा नईम जिसमें कि इसी सत्र में इंटर की परीक्षा दी थी तथा वह पुलिस व फोर्स की तैयारी के लिये फिजिकल की तैयारी कर रहा था। लेकिन हादसे में बेटे की मौत के बाद सभी अरमान अधूरे रहे गए।
इस मामले में पुलिस को कोई सूचना नहीं दी है और न ही इस मामले में कोई तहरीर दी है। हांलाकि हादसे की सूचना पर बाद में एक दरोगा अस्पताल जरुर गये थे। -अलोक कुममार सिंह, सीओ किठौर।