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डेढ़ लाख लोगों ने एक साथ किया सामूहिक सूर्य नमस्कार
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सीसीएसयू में आयोजित योग शिविर में शामिल कुलपति प्रोफेसर संगीता शुक्ला व अन्य अतिथिगण
मेरठ। अंतराष्ट्रीय योग दिवस पर चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ में चल रहे वन अर्थ वन हेल्थ थीम पर सात दिवसीय योग शिविर का शनिवार को समापन समारोह हो गया। विशेष अभियान के तहत सीसीएसयू परिसर और संबद्ध महाविद्यालयों सहित अलग-अलग स्थलों पर एक साथ एक समय पर करीब डेढ़ लाख लोगों ने सूर्य नमस्कार किया। वर्चुअल रूप से भी काफी संख्या में लोग जुड़े। सीसीएसयू में हुए समापन समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के संबोधन को बड़ी स्क्रीन के माध्यम से प्रसारित किया गया।
सीसीएसयू एवं क्रीड़ा भारती के तत्वावधान में सात दिवसीय योग शिविर लगाया गया। इसमें देश के साथ ही विदेश के लोगों की भी भागीदारी रही। बड़ी संख्या में एक साथ सूर्य नमस्कार का प्रदर्शन अनूठा और प्रेरणादायक रहा। इससे पहले समारोह का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ हुआ। योगगुरु स्वामी कर्मवीर महाराज ने गायत्री मंत्र का सस्वर पाठ कराया। उन्होंने योग के शारीरिक, मानसिक और आत्मिक लाभों पर प्रकाश डाला।
उन्होंने प्रधानमंत्री के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि दैनिक भोजन में 10 प्रतिशत तेल का प्रयोग कम करते हुए दिनचर्या में योग और प्राणायाम को शामिल करें। उन्होंने कहा कि स्वस्थ योग एक साधना है। यह मन को स्थिर कर आत्मा से जुड़ने का मार्ग प्रशस्त करती है। जब मन शांत होता है, तभी योग की वास्तविक यात्रा आरंभ होती है। उन्होंने प्रकृति और आयुर्वेद का महत्व बताया। थायराइड की समस्या से ग्रस्त लोगों के लिए उन्होंने बहेड़ा के प्रयोग और मोरिंगा चूर्ण के सेवन की सलाह दी। साथ ही उन्होंने ब्रेड जैसे प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों से दूर रहने का आह्वान किया। कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला ने योग के महत्व पर विचार व्यक्त करते हुए कहा- योग एक संपूर्ण जीवन शैली है, जो व्यक्ति को न केवल मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ बनाता है, बल्कि उसकी कार्यक्षमता और एकाग्रता भी बढ़ाता है।
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सीसीएसयू एवं क्रीड़ा भारती के तत्वावधान में सात दिवसीय योग शिविर लगाया गया। इसमें देश के साथ ही विदेश के लोगों की भी भागीदारी रही। बड़ी संख्या में एक साथ सूर्य नमस्कार का प्रदर्शन अनूठा और प्रेरणादायक रहा। इससे पहले समारोह का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ हुआ। योगगुरु स्वामी कर्मवीर महाराज ने गायत्री मंत्र का सस्वर पाठ कराया। उन्होंने योग के शारीरिक, मानसिक और आत्मिक लाभों पर प्रकाश डाला।
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उन्होंने प्रधानमंत्री के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि दैनिक भोजन में 10 प्रतिशत तेल का प्रयोग कम करते हुए दिनचर्या में योग और प्राणायाम को शामिल करें। उन्होंने कहा कि स्वस्थ योग एक साधना है। यह मन को स्थिर कर आत्मा से जुड़ने का मार्ग प्रशस्त करती है। जब मन शांत होता है, तभी योग की वास्तविक यात्रा आरंभ होती है। उन्होंने प्रकृति और आयुर्वेद का महत्व बताया। थायराइड की समस्या से ग्रस्त लोगों के लिए उन्होंने बहेड़ा के प्रयोग और मोरिंगा चूर्ण के सेवन की सलाह दी। साथ ही उन्होंने ब्रेड जैसे प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों से दूर रहने का आह्वान किया। कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला ने योग के महत्व पर विचार व्यक्त करते हुए कहा- योग एक संपूर्ण जीवन शैली है, जो व्यक्ति को न केवल मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ बनाता है, बल्कि उसकी कार्यक्षमता और एकाग्रता भी बढ़ाता है।
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