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बीमारी के बावजूद धरने में शामिल हुए थे ओमप्रकाश, शिक्षक राजनीति में आधी सदी तक कायम रखा दबदबा
Sun, 17 Jan 2021 01:59 AM IST
मेरठ ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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Published by: मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 17 Jan 2021 01:59 AM IST
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om prakash sharma
- फोटो : amar ujala
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शिक्षक राजनीति में आधी सदी तक दबदबा कायम रखने वाले ओम प्रकाश शर्मा बीमारी के बावजूद शनिवार को जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय पर माध्यमिक शिक्षक संघ के धरने में शामिल हुए थे। इस दौरान उन्होंने प्रदेश सरकार के डिग्री कॉलेजों के निजीकरण के प्रस्ताव पर आक्रोश जताते हुए एमएलसी न होने पर अफसोस जाहिर किया था। कहा, वह शिक्षक हितों के लिए हमेशा लड़ते रहेंगे। इस मौके पर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन में मृतक आश्रित कोटे में नियुक्ति मामले को अति शीघ्र निस्तारित लंबित पेंशन प्रकरणों को शीघ्र ही डीडीआर में भेजने की मांग को उठाया।
शर्मा ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी, अटल बिहारी वाजपेयी और पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव आदि के साथ मंच साझा किया था। माध्यमिक शिक्षक संघके प्रदेश अध्यक्ष शर्मा की जीवटता ही थी कि आखिरी दम तक शिक्षक हितों को लेकर हुंकार भरते रहे। शिक्षकों के मुद्दों पर कई बार उनका सरकार से टकराव हुआ मगर हर बार भारी पड़े।
सूरजकुंड श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार आज
शर्मा मूल रूप से बागपत जिले के सूजती गांव के रहने वाले थे। काफी अरसे से मेरठ के शास्त्री नगर स्थित बी ब्लाक में रह रहे थे। 1954 में उन्होंने खरखौदा स्थित जनता इंटर कालेज से बतौर शिक्षक काम शुरू किया और 1993 में रिटायर हुए थे। उनका अंतिम संस्कार रविवार को सूरजकुंड श्मशान घाट पर किया जाएगा।
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अंतिम यात्रा एक बजे शास्त्री नगर स्थित घर से सूरजकुंड के लिए चलेगी। प्रगतिशील शिक्षक एसोसिएशन के अध्यक्ष नित्यानंद शर्मा, सपा पार्षद दल के पूर्व नेता अफजाल सैफी, राष्ट्रीय लोकदल के संगठन महामंत्री डॉ. राजकुमार सांगवान ने शर्मा की मौत पर दुख जताया है।
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शर्मा ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी, अटल बिहारी वाजपेयी और पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव आदि के साथ मंच साझा किया था। माध्यमिक शिक्षक संघके प्रदेश अध्यक्ष शर्मा की जीवटता ही थी कि आखिरी दम तक शिक्षक हितों को लेकर हुंकार भरते रहे। शिक्षकों के मुद्दों पर कई बार उनका सरकार से टकराव हुआ मगर हर बार भारी पड़े।
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सूरजकुंड श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार आज
शर्मा मूल रूप से बागपत जिले के सूजती गांव के रहने वाले थे। काफी अरसे से मेरठ के शास्त्री नगर स्थित बी ब्लाक में रह रहे थे। 1954 में उन्होंने खरखौदा स्थित जनता इंटर कालेज से बतौर शिक्षक काम शुरू किया और 1993 में रिटायर हुए थे। उनका अंतिम संस्कार रविवार को सूरजकुंड श्मशान घाट पर किया जाएगा।
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अंतिम यात्रा एक बजे शास्त्री नगर स्थित घर से सूरजकुंड के लिए चलेगी। प्रगतिशील शिक्षक एसोसिएशन के अध्यक्ष नित्यानंद शर्मा, सपा पार्षद दल के पूर्व नेता अफजाल सैफी, राष्ट्रीय लोकदल के संगठन महामंत्री डॉ. राजकुमार सांगवान ने शर्मा की मौत पर दुख जताया है।