ओमिक्रॉन ने धीमी की उद्योगों की रफ्तार: कंटेनर की उपलब्धता, कच्चे माल की कीमतों में उछाल से भी प्रभावित हो रहा निर्यात
ओमिक्रॉन के लेकर पूर्व अनुमान लगाया गया है। यूरोपियन देशों के साथ अफ्रीका में इसका प्रभाव दिखने लगा हैं। ऐसे में विभिन्न वस्तुओं के आर्डर प्रभावित होने शुरू हो गए हैं। उद्यमियों को जीएसटी रिफंड मिलने में खासी समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
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कोविड के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन ने उद्योगपति और व्यापारियों की चिंता बढ़ दी है। व्यापारियों का कहना है कि बाजार में तेजी से गिरावट आ रही है। ऐसे में डिमांड भी प्रभावित हुई है। स्पोर्ट्स से लेकर प्लास्टिक और हैंडलूम का निर्यात घट रहा है। कंटेनर की उपलब्धता, कच्चे माल की कीमतों में उछाल और ओमिक्रॉन, ये तीन मुख्य कारण एक्सपोर्ट पर प्रभाव डाल रहे हैं। ओडीओपी के अंतर्गत आने वाले स्पोर्ट्स गुड्स की मांग भी विदेशों में स्थिर हो गई है।
आईआईए मेरठ के चेयरमैन सुमनेश अग्रवाल ने बताया कि एमईआईएस (या रिबेट) पहले पांच प्रतिशत सरकार से मिलता था। इसे खत्म कर अब आरओडीईपी .75 प्रतिशत ही दिया जा रहा है। इसके साथ ही माल भाड़ा बढ़ गया है। कंटेनर की उपलब्धता के साथ कीमतों में भी उछाल आ गया है। ऐसे में कई देशों ने शिपमेंट रोक दिए हैं।
कोविड की दूसरी लहर के बाद पहले ही शहर से निर्यात एक हजार करोड़ से घटकर 700 करोड़ पर आ गया है। आईआईए के डिविजनल चेयरमैन अनुराग अग्रवाल ने कहा कि ओडीओपी के साथ हैंडलूम, कार्पेट, ऑटोमोबाइल उपकरण भी की मांग प्रभावित हो रही है।
वेस्टर्न यूपी चैंबर ऑफ कामर्स के अध्यक्ष रामकुमार गुप्ता ने बताया कि डब्लूएचओ के द्वारा जो भी पूर्व अनुमान लगाया गया, वह सही रहा है। इस बार ओमिक्रॉन के लेकर पूर्व अनुमान लगाया गया है। यूरोपियन देशों के साथ अफ्रीका में इसका प्रभाव दिखने लगा है। ऐसे में विभिन्न वस्तुओं के आर्डर प्रभावित होने शुरू हो गए हैं। रोडवेज चैंबर ऑफ कामर्स के अध्यक्ष रवि प्रकाश अग्रवाल ने कहा कि उद्यमियों को जीएसटी रिफंड मिलने में खासी समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
यह हैं इंपोर्ट आइटम
आस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और न्यूजीलैंड से इंग्लिश विलो, केमिकल, फूड प्रोडक्ट्स, फर्नीचर, इलेक्ट्रानिक्स, इलेक्ट्रिक इक्विपमेंट, ड्राई फ्रूट, इंजीनियरिंग आइटम।
ये हैं एक्सपोर्ट होने वाले आइटम
स्पोर्ट्स गुड्स, हैंडीक्राफ्ट, हैंडलूम, कारपेट, मशीन पार्ट्स, इंजीनियरिंग इक्विपमेंट, ट्रैक्टर, ऑटोमोबाइल पार्ट्स आदि।
व्यापार भी हो रहा प्रभावित
संयुक्त व्यापार संघ अध्यक्ष नवीन गुप्ता ने बताया कि गार्मेंट्स, फुटवियर, इलेक्ट्रानिक्स, इलेक्ट्रिक और ऑटोमोबाइल की डिमांड घटी है। बाजार में दीपावली के समय काफी तेजी आ गई है। अब विवाह सीजन के बाद भी बाजार स्थिर हो गया है। हालांकि व्यापारी नव वर्ष की तैयारी कर रहे हैं।