फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Officials of Suresh group started to disperse only after taking oath

शपथ ग्रहण के दौरान लगा झटका, छिटकने लगे सुरेश गुट के पदाधिकारी, ये बना विवाद का मुख्य कारण

Thu, 25 Jun 2020 11:22 AM IST
मेरठ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: मेरठ ब्यूरो Updated Thu, 25 Jun 2020 11:22 AM IST
विज्ञापन
Officials of Suresh group started to disperse only after taking oath
मेरठ पुलिस - फोटो : अमर उजाला

कासमपुर व्यापार संघ में तोड़फोड़ कर सुरेश लोधी पक्ष द्वारा खड़े किए नए संगठन को पहले ही दिन उसके मुख्य संरक्षक राजकुमार सौदे ने खारिज कर दिया। इसके बाद इस पद का दायित्व मोहनलाल कदम को सौंपा गया। वहीं, पुलिस को देख कार्यकारिणी की घोषणा के दौरान एकत्र करीब 70 व्यापारी कार्यक्रम छोड़ अपने प्रतिष्ठानों के लिए लौट गए।

विज्ञापन


कासमपुर व्यापार संघ को तोड़कर नया संगठन खड़ा करने पर सुरेश लोधी एवं ललित लखवाना गुट को पहले ही दिन शपथ ग्रहण के दौरान झटका लगा। इसके मुख्य संरक्षक राजकुमार सौदे ने स्पष्ट किया कि सुरेश लोधी के संगठन से उनका कोई लेना-देना नहीं है। यह बयान तब आया जब सुरेश लोधी ने 70 से अधिक व्यापारियों के बीच नई कार्यकारिणी घोषित की। वहीं, उन्होंने आनन-फानन में पदाधिकारियों की सहमति से मोहनलाल कदम को मुख्य संरक्षक घोषित किया। उधर, पुलिस ने सुरेश लोधी के आवास कासमपुर गली-6 पर पहुंचकर आपत्ति जताई। वहीं, व्यापारी अपने प्रतिष्ठानों पर लौट गए। कार्यक्रम के बाद सुरेश लोधी पक्ष ने व्यापारियों के प्रतिष्ठानों पर जाकर मिठाई बांटी।
विज्ञापन


कासमपुर व्यापार संघ नाम से नहीं होंगे दो संगठन
कासमपुर व्यापार संघ निर्वाचित अध्यक्ष नीरज पंवार ने इसे व्यापारियों की जीत बताया है। उन्होंने कहा कि कासमपुर व्यापार संघ के टुकड़े कोई भी व्यापारी स्वीकार नहीं करेगा। इस संबंध में कैंट विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल से गुहार लगाई थी परंतु सुरेश लोधी गुट नहीं माना। अब संयुक्त व्यापार संघ महामंत्री दलजीत सिंह ने भी संगठन के अस्तित्व को अस्वीकार कर दिया है। ऐसे में सुरेश लोधी गुट के संगठन का कोई अस्तित्व नहीं रह गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


यह भी पढ़ें: किसान बन खेतों में फावड़ा चला रहे अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीकी, पहचानना मुश्किल

ये बना विवाद का मुख्य कारण
सुरेश लोधी ने बताया कि एक संगठन पदाधिकारी ने उसके व्हाट्स एप ग्रुप पर उसके परिवार के लिए आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। लॉकडाउन के दौरान व्यापारियों का उत्पीड़न किया गया। इसके चलते व्यापारियों में भारी रोष है और अब कासमपुर में नया संगठन खड़ा किया है।

कासमपुर की राजनीति का केंद्र कुछ भाजपाई
कासमपुर में चल रही जोड़तोड़ का केंद्र कंकरखेड़ा के कुछ भाजपा नेता हैं। सुरेश लोधी और नीरज पंवार दोनों को ही कंकरखेड़ा के दो वरिष्ठ भाजपा नेताओं का समर्थन प्राप्त हैं। जिसके चलते अन्य व्यापारिक संगठन और भाजपाई इस मामले में हस्तक्षेप करने से कतरा रहे हैं। साथ ही संयुक्त व्यापार संघ के पदाधिकारी भी इस मामले में स्पष्ट बयान देने के लिए तैयार नहीं हैं।

कासमपुर व्यापार नीरज गुट की बैठक
कासमपुर व्यापार संघ के अध्यक्ष नीरज पंवार पैनल की बैठक में नई कार्यकारिणी बनाए जाने की निंदा की गईं। नीरज पंवार ने कहा कि कासमपुर व्यापार संघ के दो टुकड़े करने का निर्णय पूर्ण रूप से षड्यंत्र है। उक्त संगठन अवैध व फर्जी है। संयुक्त व्यापार संघ अध्यक्ष नवीन गुप्ता तथा अध्यक्ष अजय गुप्ता एवं महामंत्री सरदार दलजीत ने पूर्ण रूप से नए संगठन को अवैध बताया है। उन्होंने कहा कि कासमपुर व्यापार संघ के नाम से दूसरा संगठन नहीं बनाया जा सकता है। इस दौरान महामंत्री दीपक चौधरी, कोषाध्यक्ष महेश लोधी, भाजपा नेता संजीव मंगवाना, सर्वजीत, प्रमोद यादव, ललित सोनकर, हरजीत सिंह, लता पंत, शुभा राणा, सुभाष बंगाली आदि रहे।

नोट- इन खबरों के बारे आपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।

शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें


https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed