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चिंदौड़ी में ग्राम सभा की जमीन पर कब्जा, आदेश पर कार्रवाई नहीं
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संवाद न्यूज एजेंसी
रोहटा। गांव चिंदौड़ी में ग्राम सभा की भूमि पर कब्जे का मामला प्रशासनिक अनदेखी के चलते गंभीर रूप लेता जा रहा है। आरोप है कि ग्राम सभा की जमीन पर अवैध कब्जा कर रखा है। एडीएम प्रशासन और इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा बेदखली के स्पष्ट आदेश दिए जाने के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई।
ग्रामीणों के अनुसार, गांव निवासी एक व्यक्ति ने इस जमीन पर अवैध रूप से निर्माण कर लिया है और उसे खाली करने से इन्कार कर रहे हैं। शिकायतकर्ता द्वारा तहसील स्तर पर शिकायत की गई, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर लीपापोती कर दी गई। इसके बाद मामले को अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) के समक्ष उठाया गया, जिन्होंने सुनवाई के बाद बेदखली के आदेश पारित किए। एडीएम प्रशासन के आदेश के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर की, लेकिन कोर्ट ने एडीएम के आदेश को सही ठहराते हुए जिला प्रशासन को निर्देशित किया कि विवादित भूमि को कब्जामुक्त कराकर ग्राम सभा को सौंपी जाए। इसके बावजूद जिला प्रशासन और पुलिस की ओर से अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। आरोप है इस मामले की शिकायत प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, मंडलायुक्त और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों तक की जा चुकी है। ग्रामीणों ने प्रशासन की निष्क्रियता पर सवाल उठाते हुए मांग की है कि उच्च न्यायालय और एडीएम के आदेशों का तत्काल पालन कराते हुए ग्राम सभा की संपत्ति को कब्जे से मुक्त कराया जाए।
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रोहटा। गांव चिंदौड़ी में ग्राम सभा की भूमि पर कब्जे का मामला प्रशासनिक अनदेखी के चलते गंभीर रूप लेता जा रहा है। आरोप है कि ग्राम सभा की जमीन पर अवैध कब्जा कर रखा है। एडीएम प्रशासन और इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा बेदखली के स्पष्ट आदेश दिए जाने के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई।
ग्रामीणों के अनुसार, गांव निवासी एक व्यक्ति ने इस जमीन पर अवैध रूप से निर्माण कर लिया है और उसे खाली करने से इन्कार कर रहे हैं। शिकायतकर्ता द्वारा तहसील स्तर पर शिकायत की गई, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर लीपापोती कर दी गई। इसके बाद मामले को अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) के समक्ष उठाया गया, जिन्होंने सुनवाई के बाद बेदखली के आदेश पारित किए। एडीएम प्रशासन के आदेश के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर की, लेकिन कोर्ट ने एडीएम के आदेश को सही ठहराते हुए जिला प्रशासन को निर्देशित किया कि विवादित भूमि को कब्जामुक्त कराकर ग्राम सभा को सौंपी जाए। इसके बावजूद जिला प्रशासन और पुलिस की ओर से अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। आरोप है इस मामले की शिकायत प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, मंडलायुक्त और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों तक की जा चुकी है। ग्रामीणों ने प्रशासन की निष्क्रियता पर सवाल उठाते हुए मांग की है कि उच्च न्यायालय और एडीएम के आदेशों का तत्काल पालन कराते हुए ग्राम सभा की संपत्ति को कब्जे से मुक्त कराया जाए।
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