मेरठ में 75 दिन बाद खुली फैक्टिरयां: कहीं फुंकी मोटर, कहीं 5 रुपये का बोल्ट न मिलने से ठप हुई लाखों की मशीन
- 5 रुपये के नट ने 4 दिन से रोकी लाखों की मशीन
- मशीन, मोटर पार्ट्स की दुकानें बंद, नहीं मिल रहे मेकेनिक, कैसे शुरू हो उत्पादन
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विस्तार
75 दिन से बंद पड़ी मशीनों को चलाना एक भारी मुसीबत है। क्योंकि न तो मिस्त्री मिल रहे हैं, न ही हार्डवेयर की दुकानें खुली हैं। मशीन, मोटर पार्ट्स का सामान नहीं मिल रहा।
छोटे-छोटे नट, पार्ट्स, औजार भी नहीं मिल रहे, जिसकी वजह से फैक्टरियों में उत्पादन शुरू नहीं हो पा रहा। लगभग हर फैक्टरी में यही समस्या आ रही है। शहर में बच्चा पार्क, खैरनगर, बागपत रोड, कबाड़ी बाजार, सदर में मुख्य रूप से हार्डवेयर व मशीन पार्ट्स की दुकानें हैं। जहां से रोजाना लाखों रुपये का कारोबार मशीनों के पार्ट्स का होता है। जिला प्रशासन ने अभी तक बाजारों को खोलने की अनुमति नहीं दी है, इसकी वजह से उद्यमी परेशान है।
केस-एक
फैक्टरी खुली, नट नहीं मिलने से उत्पादन ठप
परतापुर में हरिओम इंडस्ट्री के संचालक सतेंद्र शर्मा ने बताया कि पहले फेज में ही फैक्टरी खुलने की अनुमति मिल गई। फैक्टरी खोलकर काम शुरू किया तो ग्राइंडर का नट टूट गया। हाइड्रोलिक और एलिवेटर बनाते हैं। ग्राइंडर में नट लगता है, जिससे वह चलता है। इस नट के बिना ग्राइंडर चल ही नहीं सकता।
छह घंटे तक दूसरे नट लगाकर काम बनाने की कोशिश मिस्त्री ने की। मिस्त्री ने मेहनताना भी दोगुना लिया, लेकिन समस्या हल नहीं हुई। नट नहीं मिलने की वजह से काम नहीं कर सकते। इस नट की कीमत 5 रुपये है जो हार्डवेयर की दुकानों पर मिलता है। बाजार बंद है, इसलिए कहीं नट नहीं मिला। चार दिन से परेशान हैं।
केस-दो
दोगुना मेहनताना दिया फिर भी मोटर खराब
दुपहिया व चार पहिया वाहनों के कलपुर्जे बनाने वाले विकास साहनी की इंडस्ट्रियल एरिया में फैक्ट्री है। उन्होंने बताया पहले तो अनुमति के लिए जूझते रहे। अनुमति मिली तो फैक्टरी में काम शुरू करने पहुंचे तो मोटर फुंक गई।
अचानक से लॉकडाउन हुआ तो मशीनों का मेंटेनेंस नहीं कर पाए। रखरखाव ढंग से नहीं हो पाया। जब दोबारा मशीनें चालू कर रहे हैं तो उनमें कई कमी निकल रही हैं। इसलिए मशीन की मोटर खराब हो गई। दो घंटे में मिस्त्री खोजा, उसने भी दोगुने पैसे लिए लेकिन काम नहीं बना।
केस-तीन
मिक्सर की फुंकी मोटर
मेजर ध्यानचंद नगर इंडस्ट्रियल एरिया में रबर प्रोडक्ट बनाने वाले उद्यमी अनिल पुंडीर फैक्टरी संचालन की अनुमति के बाद शुक्रवार को जब फैक्टरी पहुंचे तो सारा दिन लगाने के बाद भी कम शुरू नहीं हुआ।
उन्होंने बताया कि लॉकडाउन में मिक्सर बंद था, उसमें रबड़ जम गई है। मिक्सर चलाने का प्रयास किया तो मोटर फुंक गई। अब न तो नई मोटर आ सकती है, न इस मोटर को सुधार सकते हैं। मोटर मैकेनिक नहीं मिल रहे। बिना मिक्सर चलाए काम शुरू नहीं हो सकता।
केस-चार
जुगाड़ भी नहीं आया काम
वाहनों के सेल्फ और स्विच बनाने की फैक्टरी के संचालक विकास जैन की भी यही कहानी है। उन्होंने बताया कि मशीन में रबर की बेल्ट लगती है। इसी से मशीन का संचालन होता है। काम शुरू करने के लिए जब मशीन चलाई तो रबर टूट गई। भले ही 10 रुपये की रबर है, लेकिन पूरी मशीन उसी से चलती है। बाजार बंद है, रबर नहीं मिली। जुगाड़ से काम चलाने का सोचा, लेकिन वह भी फेल हो गया।