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11 साल में मरीजों की संख्या दोगुनी
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11 साल में मरीजों की संख्या दोगुनी
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। सरकार ने कैबिनेट की बैठक में बेड के अनुसार स्वास्थ्यकर्मी बढ़ाने का प्रस्ताव पारित किया है। सरकारी अस्पतालों का हाल देखे तो जिला बनने के बाद 11 साल में मरीजों की संख्या लगभग दोगुनी हो गई, जबकि स्वीकृत पदों के मुकाबले चिकित्सक एक-तिहाई ही तैनात है। पैरा मेडिकल स्टाफ की संख्या भी स्वीकृत पदों के मुकाबले काफी कम है। विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी के चलते गंभीर रोगों से पीड़ित मरीजों को परेशानी उठानी पड़ती है। जिला मुख्यालय की सीएचसी शामली की बात करें तो यहां भी कई प्रमुख चिकित्सकों के पद खाली है। यहां आने वाले गंभीर घायलों को हायर सेंटर रेफर करना पड़ता है।
28 सितंबर 2011 को शामली जिला बना था। जिला बनने के बाद लोगों को चिकित्सकों व कर्मियों की तैनाती होने पर स्वास्थ्य सेवाओं का समुचित लाभ व उपचार की उम्मीद जागी थी, लेकिन अभी भी स्थिति लगभग जस की तस है। 11 साल में मरीजों की संख्या लगभग दोगुनी हुई है। 11 साल पहले सीएचसी में ओपीडी में करीब 500 मरीज आते थे। अब मरीजों की संख्या एक हजार से ज्यादा रहती है। यहीं हाल जिले की अन्य सीएचसी व पीएचसी की है। मरीजों की बढ़ती संख्या के मुकाबले चिकित्सकों की संख्या कम है।
विशेषज्ञ चिकित्सकों के पद खाली
सीएचसी शामली में कई विशेषज्ञ चिकित्सकों के पद खाली हैं जबकि कई चिकित्सक संविदा पर रखे गए हैं। इस समय सीएचसी में सर्जन, निश्चेतक, नेत्र सर्जन, फिजिशियन और स्त्री रोग विशेषज्ञ जैसे महत्वपूर्ण चिकित्सकों के पद खाली है। दंत रोग विशेषज्ञ, दो महिला चिकित्सक व फिजीशियन को संविदा पर नियुक्त हैं। इस समय चिकित्साधीक्षक, ईएनटी विशेषज्ञ, पैथोलोजिस्ट, बाल रोग विशेषज्ञ समेत करीब छह चिकित्सकों की तैनाती है।
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वर्जन...
सीएचसी में पिछले सालों के मुकाबले मरीजों की संख्या बढ़ी है। सीएचसी पर नियुक्त चिकित्सकों द्वारा सभी मरीजों को बेहतर उपचार और दवा उपलब्ध कराई जा रही है।
डॉ. रामनिवास, चिकित्साधीक्षक
जिले में चिकित्सकों की स्थिति
पद नाम स्वीकृत पद कार्यरत रिक्त पद
एलोपैथिक चिकित्सक 83 28 55
आयुष चिकित्सक 14 02 12
जिला मलेरिया अधिकारी 01 01 00
सहायक मलेरिया अधिकारी 05 00 05
मलेरिया निरीक्षक 05 03 02
चीफ फार्मासिस्ट 07 05 02
फार्मासिस्ट 46 46 00
उपचारिका 22 10 12
स्वास्थ्य पर्यवेक्षक महिला 26 17 09
स्वास्थ्य कार्यकर्ता महिला 158 59 99
स्वास्थ्य पर्यवेक्षक पुुरुष 41 07 34
स्वास्थ्य कार्यकर्ता पुरुष 65 01 64
स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी 07 01 06
एक्स-रे टेक्नीशियन 08 02 06
डेंटल सर्जन 06 06 00
डेंटल हाईजिनिष्ट 07 03 04
नेत्र परीक्षण अधिकारी 07 04 03
वार्ड ब्वाय 42 22 20
वार्ड आया 10 04 06
ओटीए 07 01 06
एनएमए 05 00 05
एनएमएस 05 01 04
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संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। सरकार ने कैबिनेट की बैठक में बेड के अनुसार स्वास्थ्यकर्मी बढ़ाने का प्रस्ताव पारित किया है। सरकारी अस्पतालों का हाल देखे तो जिला बनने के बाद 11 साल में मरीजों की संख्या लगभग दोगुनी हो गई, जबकि स्वीकृत पदों के मुकाबले चिकित्सक एक-तिहाई ही तैनात है। पैरा मेडिकल स्टाफ की संख्या भी स्वीकृत पदों के मुकाबले काफी कम है। विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी के चलते गंभीर रोगों से पीड़ित मरीजों को परेशानी उठानी पड़ती है। जिला मुख्यालय की सीएचसी शामली की बात करें तो यहां भी कई प्रमुख चिकित्सकों के पद खाली है। यहां आने वाले गंभीर घायलों को हायर सेंटर रेफर करना पड़ता है।
28 सितंबर 2011 को शामली जिला बना था। जिला बनने के बाद लोगों को चिकित्सकों व कर्मियों की तैनाती होने पर स्वास्थ्य सेवाओं का समुचित लाभ व उपचार की उम्मीद जागी थी, लेकिन अभी भी स्थिति लगभग जस की तस है। 11 साल में मरीजों की संख्या लगभग दोगुनी हुई है। 11 साल पहले सीएचसी में ओपीडी में करीब 500 मरीज आते थे। अब मरीजों की संख्या एक हजार से ज्यादा रहती है। यहीं हाल जिले की अन्य सीएचसी व पीएचसी की है। मरीजों की बढ़ती संख्या के मुकाबले चिकित्सकों की संख्या कम है।
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विशेषज्ञ चिकित्सकों के पद खाली
सीएचसी शामली में कई विशेषज्ञ चिकित्सकों के पद खाली हैं जबकि कई चिकित्सक संविदा पर रखे गए हैं। इस समय सीएचसी में सर्जन, निश्चेतक, नेत्र सर्जन, फिजिशियन और स्त्री रोग विशेषज्ञ जैसे महत्वपूर्ण चिकित्सकों के पद खाली है। दंत रोग विशेषज्ञ, दो महिला चिकित्सक व फिजीशियन को संविदा पर नियुक्त हैं। इस समय चिकित्साधीक्षक, ईएनटी विशेषज्ञ, पैथोलोजिस्ट, बाल रोग विशेषज्ञ समेत करीब छह चिकित्सकों की तैनाती है।
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सीएचसी में पिछले सालों के मुकाबले मरीजों की संख्या बढ़ी है। सीएचसी पर नियुक्त चिकित्सकों द्वारा सभी मरीजों को बेहतर उपचार और दवा उपलब्ध कराई जा रही है।
डॉ. रामनिवास, चिकित्साधीक्षक
जिले में चिकित्सकों की स्थिति
पद नाम स्वीकृत पद कार्यरत रिक्त पद
एलोपैथिक चिकित्सक 83 28 55
आयुष चिकित्सक 14 02 12
जिला मलेरिया अधिकारी 01 01 00
सहायक मलेरिया अधिकारी 05 00 05
मलेरिया निरीक्षक 05 03 02
चीफ फार्मासिस्ट 07 05 02
फार्मासिस्ट 46 46 00
उपचारिका 22 10 12
स्वास्थ्य पर्यवेक्षक महिला 26 17 09
स्वास्थ्य कार्यकर्ता महिला 158 59 99
स्वास्थ्य पर्यवेक्षक पुुरुष 41 07 34
स्वास्थ्य कार्यकर्ता पुरुष 65 01 64
स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी 07 01 06
एक्स-रे टेक्नीशियन 08 02 06
डेंटल सर्जन 06 06 00
डेंटल हाईजिनिष्ट 07 03 04
नेत्र परीक्षण अधिकारी 07 04 03
वार्ड ब्वाय 42 22 20
वार्ड आया 10 04 06
ओटीए 07 01 06
एनएमए 05 00 05
एनएमएस 05 01 04