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Meerut News: अब गाय के गोबर से बनेगा दीवारों का पेंट, कम होंगे कीट-मच्छर
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- ईको फ्रेंडली पेंट भी बाजार में आया, इसमें न महक, न ही किसी धातु का प्रयोग
- त्योहारी सीजन में डेढ़ माह में बाजार में हुआ 36 करोड़ का पेंट कारोबार
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। एक दशक पहले तक गांवों और कस्बों में गाय के गोबर से चौक, रसोई की दीवारों को लीपा जाता था। गाय के गोबर से लिपाई के बाद कीट और मच्छर बहुत कम आते थे। इसी तर्ज पर कुछ कंपनियां अब गाय के गोबर से युक्त पेंट लांच करने जा रही हैं। इंडियन पेंट ट्रेड एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव कुमार गुप्ता ने बताया कि रिसर्च और डेवलपमेंट के साथ कुछ कंपनियों ने बाजार में सेंपल उतारकर मार्केट में मांग का जायजा लिया हैं। नए वर्ष 2025 की शुरुआत में ऐसे पेंट बाजार में आसानी से उपलब्ध होंगे।
वहीं, कचहरी रोड पर पेंट विक्रेता प्रखर गुप्ता ने बताया कि कई कंपनियों ने ईको फ्रेंडली पेंट भी लांच किए हैं। इस तरह के पेंट में किसी भी तरह की गंध नहीं होती है। पेंट निर्माण में धातु का भी प्रयोग नहीं किया जाता है। ऐसे में यह पेंट वातावरण के लिए पूरी तरह सुरक्षित है। उन्होंने बताया कि 10 गुना 10 के कमरे को पेंट करने में करीब 10 हजार रुपये तक का खर्च आता है।
दिल्ली रोड के पेंट कारोबारी राजीव किरन ने बताया कि बारिश के कारण सीजन देर से शुरू हुआ। इसके बाद भी शहर के 195 पेंट व्यापारियों ने 36 करोड़ से अधिक का कारोबार किया है। लोग दीपावली से पहले और बाद तक घरों में पेंट कराते हैं। बीते वर्ष 2023 में 25 करोड़ का कारोबार था। अभी कारोबार और बढ़ेगा। रिटेल काउंटर इस समय पूरी तरफ फुल चल रहे हैं।
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वेल्वेट टच पेंट की भी मांग
- इंडियन पेंट ट्रेड एसोसिएशन के राष्ट्रीय महामंत्री अशोक कुमार माहेश्वरी ने बताया कि वेलवेट टच पेंट, प्लास्टिक पेंट के बाद अब मेटेलिक पेंट थिनर बेस के साथ प्रयोग किए जा रहे हैं। इसकी ऑटोमेटिक मशीन भी बाजार में आ गई है। घरों में सीलन को देखते हुए लोग फाटर प्रूफ केमिकल के बाद टेक्चर पेंट दीवार और छतों पर लगवा रहे हैं।
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- त्योहारी सीजन में डेढ़ माह में बाजार में हुआ 36 करोड़ का पेंट कारोबार
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। एक दशक पहले तक गांवों और कस्बों में गाय के गोबर से चौक, रसोई की दीवारों को लीपा जाता था। गाय के गोबर से लिपाई के बाद कीट और मच्छर बहुत कम आते थे। इसी तर्ज पर कुछ कंपनियां अब गाय के गोबर से युक्त पेंट लांच करने जा रही हैं। इंडियन पेंट ट्रेड एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव कुमार गुप्ता ने बताया कि रिसर्च और डेवलपमेंट के साथ कुछ कंपनियों ने बाजार में सेंपल उतारकर मार्केट में मांग का जायजा लिया हैं। नए वर्ष 2025 की शुरुआत में ऐसे पेंट बाजार में आसानी से उपलब्ध होंगे।
वहीं, कचहरी रोड पर पेंट विक्रेता प्रखर गुप्ता ने बताया कि कई कंपनियों ने ईको फ्रेंडली पेंट भी लांच किए हैं। इस तरह के पेंट में किसी भी तरह की गंध नहीं होती है। पेंट निर्माण में धातु का भी प्रयोग नहीं किया जाता है। ऐसे में यह पेंट वातावरण के लिए पूरी तरह सुरक्षित है। उन्होंने बताया कि 10 गुना 10 के कमरे को पेंट करने में करीब 10 हजार रुपये तक का खर्च आता है।
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दिल्ली रोड के पेंट कारोबारी राजीव किरन ने बताया कि बारिश के कारण सीजन देर से शुरू हुआ। इसके बाद भी शहर के 195 पेंट व्यापारियों ने 36 करोड़ से अधिक का कारोबार किया है। लोग दीपावली से पहले और बाद तक घरों में पेंट कराते हैं। बीते वर्ष 2023 में 25 करोड़ का कारोबार था। अभी कारोबार और बढ़ेगा। रिटेल काउंटर इस समय पूरी तरफ फुल चल रहे हैं।
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वेल्वेट टच पेंट की भी मांग
- इंडियन पेंट ट्रेड एसोसिएशन के राष्ट्रीय महामंत्री अशोक कुमार माहेश्वरी ने बताया कि वेलवेट टच पेंट, प्लास्टिक पेंट के बाद अब मेटेलिक पेंट थिनर बेस के साथ प्रयोग किए जा रहे हैं। इसकी ऑटोमेटिक मशीन भी बाजार में आ गई है। घरों में सीलन को देखते हुए लोग फाटर प्रूफ केमिकल के बाद टेक्चर पेंट दीवार और छतों पर लगवा रहे हैं।