अब मुख्यमंत्री तक पहुंचेंगे रिश्वत मांगने के ऑडियो-वीडियो, अफसर करेंगे जांच
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अब रिश्वत की ऑडियो और वीडियो मुख्यमंत्री ऑफिस तक पहुंचेंगी। समन्वित शिकायत निवारण प्रणाली (आईजीआरएस) पोर्टल में अब एंटी करप्शन पोर्टल भी शुरू किया गया है। पहली बार भ्रष्टाचार से संबंधित ऑडियो और वीडियो को पोर्टल पर भेजा जा सकेगा। इसके तहत जहां इसकी शासन से निगरानी होगी तो उनकी सुनवाई होकर संबंधित जिले के अफसर जांच करेंगे।
आईजीआरएस पोर्टल जनसमस्याओं की सुनवाई के लिए बना है। भाजपा सरकार ने अब पहली बार पोर्टल पर एंटी करप्शन पोर्टल भी शुरू कर दिया है। अब सरकार भ्रष्टाचार पर कार्रवाई के लिए कोई भी कोर कसर नहीं छोड़ना चाहती है। रिश्वत लेने की वीडियो या मांगने की ऑडियो यदि एंटी करप्शन पोर्टल पर पहुंची तो उस पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। यही नहीं पीड़ित व्यक्ति के द्वारा जो भी शिकायत की जाएगी, उसे अपने आवेदन पर होनी वाली जांच और रिपोर्ट का स्टेटस भी पता चल सकेगा।
अभी मौजूदा हालात
अभी तक मारपीट, घरेलू विवाद, जमीनी विवाद, संबंधित केस में पुलिस द्वारा कार्रवाई न करना और पुलिस द्वारा नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी न करने संबंधी शिकायतें सबसे ज्यादा पोर्टल पर पहुंचती थीं। साल 2017 में प्रदेश में भाजपा की सरकार बनी तो खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एंटी भूमाफिया को लेकर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। पोर्टल पर शिकायतों की संख्या बढ़ी और उनका निस्तारण किया गया। प्रत्येक माह मुख्यमंत्री वीडियो कांफ्रेंसिंग से आईजीआरएस पर रिपोर्ट मांगते हुए आवश्यक दिशा निर्देश देते हैं।
जिले की होती है समीक्षा
आईजीआरएस में आने वाली शिकायतों की पूरे प्रदेश में प्रत्येक माह समीक्षा की जाती है। जिन विभागों से समस्याओं का निस्तारण नहीं होता है उनमें अफसरों को कड़ी फटकार लगती है। अफसरों का दावा है कि मई और जून माह में मेरठ में सौ फीसदी शिकायतों का निस्तारण किया गया है।
अभी कोई वीडियो नहीं
आईजीआरएस में तैनात एक्सपर्ट बृजेश कुमार ने बताया कि एक जनवरी 2018 से एक अगस्त तक इस साल आईजीआरएस पोर्टल पर मेरठ से 12,558 शिकायतें पहुंची हैं। इनमें से 12031 शिकायतों का निस्तारण कर दिया गया है। बाकी जो शिकायतें बची हैं उनके निस्तारण की प्रक्रिया चल रही है। एक माह से पहले हर हाल में निस्तारण किया जाता है। आईजीआरएस में अभी तक भ्रष्टाचार से संबंधित कोई ऑडियो- वीडियो नहीं आयी है।
शासन लेता है सीधे संज्ञान
आईजीआरएस में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, एंटी भूमाफिया पोर्टल पहले से चल रहे थे। वहीं, अब एंटी करप्शन पोर्टल भी शुरू हो चुका है। जहां सीधे शासन इन शिकायतों पर संज्ञान लेता है। सचिव से यह शिकायतें जांच के लिए डीएम और एसएसपी को पहुंचती है। जिसके बाद संबंधित विभाग के अधिकारी जांच कर रिपोर्ट भेजते हैं।
गंभीरता से होगी जांच
भ्रष्टाचार से संबंधित जो ऑडियो या वीडियो पोर्टल पर मिलेंगी उनकी फेस और साक्ष्य के आधार पर कार्रवाई रिपोर्ट भेजी जाएगी। भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़े निर्देश दिए जा रहे हैं। -शिवराम यादव, एसपी क्राइम
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