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Meerut News: अब वादे निभाइए, कस्बे की समस्याओं से निजात दिलाइए

Tue, 30 May 2023 02:26 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 30 May 2023 02:26 AM IST
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Now fulfill the promises, get rid of the problems of the town
लावड़। अंग्रेजों के समय से लावड़ कस्बे को पंचायत का दर्जा प्राप्त है। परंतु, मूलभूत सुविधाओं की बात करें तो आज भी कस्बा अन्य कस्बों के मुकाबले पिछड़ा हुआ है। यहां नेताओं का भी आना-जाना लगा रहता है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी भी यहां आ चुके हैं। सन 2012 में उमा भारती ने भाजपा के फायर ब्रांड संगीत सोम की चुनावी रैली को यहां संबोधित किया था।अतिक्रमण हो या पानी की निकासी, कूड़े के ढेर या टूटी सड़के आज भी कस्बे की शान में बदनुमा दाग लगा रहे हैं। चुनावी दौर में हर समस्या के निस्तारण का दावा किया जाता है। परंतु, पांच साल तक यह समस्याएं लोगों के सामने खड़ी रहती है। कस्बेवासियों ने समस्या के निस्तारण की उम्मीद लगाकर अपना अध्यक्ष चुना। कस्बे में लगभग चार हजार परिवार है, जिनमें लगभग 26 हजार लोग निवास करते हैं। संवाद
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जल निकासी : कस्बे में सबसे बड़ी समस्या जल निकासी है। कस्बे के चारों ओर तालाब है, लेकिन ओवरफ्लो के चलते गांव की जलनिकासी का पानी सड़कों पर ही जमा हो जाता है। बरसात के दिनों में सबसे अधिक परेशानी होती है। ईदगाह के पास स्थित तालाब की बात करें तो यह तालाब सबसे बड़ा है और ओवर फ्लो होने के चलते इस तालाब ने किसानों की सैकड़ों बीघा जमीन को लील लिया है। मार्ग भी अवरूद्ध है। इसके अलावा नवाब कॉलोनी की निकासी नहीं होने के कारण यहां जलभराव से लोगों को जूझना पड़ रहा है।
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कूड़ा : कस्बे में कूड़ा निस्तारण का भी कोई स्थायी समाधान नहीं है। कई बार नगर पंचायत लावड़ की ओर से भूमि खरीदने के लिए विज्ञापन निकाला गया। परंतु, जमीन नहीं मिली। जिस कारण चिंदौड़ी मार्ग, ईदगाह मार्ग, लावड़-समसपुर मार्ग पर सड़क किनारे कूड़े के ढेर लगा दिए गए। यहां से गुजरने वाले लोगों को बदबू का सामना करना पड़ता है।
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अतिक्रमण: कस्बे की सबसे बड़ी समस्या अतिक्रमण है। टैंपो चौराहा हो या सैनी चौराहा। सड़क किनारे लगने वाले ठेले अतिक्रमण का सबब बने हुए हैं। नगर पंचायत से आगे सड़क किनारे लगी सब्जी मंडी सबसे बड़ी समस्या है। स्थायी जगह नहीं होने के कारण सड़क पर ही सब्जी मंडी लगती है। जिस कारण सुबह के समय वाहन तो दूर पैदल निकलने वाले लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
टूटी सड़क व नाली: कस्बे में टूटी सड़क व नाली नासूर बनी हुई है। गलियों में नाली के ऊपर लगे लोहे के चैनल उखड़ चुके हैं। जिस कारण दुपहिया वाहन यहां से नहीं गुजर सकते। चिंदौड़ी मार्ग की बात करें तो यह मार्ग पूरी तरह क्षतिग्रस्त है। 2014 में इस मार्ग का निर्माण किया गया था। घटिया सामग्री लगाए जाने के चलते ठेकेदार को भी ब्लैक लिस्ट कर दिया गया था। उसके बाद से इस मार्ग का निर्माण नहीं कराया गया।


सभी समस्याओं का होगा समाधान
कस्बे की हर समस्या का निस्तारण किया जाएगा। सबसे पहले जल निकासी को लेकर प्राथमिकता है। शपथ ग्रहण के बाद पहली बोर्ड बैठक में सबसे पहले सीवर लाइन के प्रस्ताव को रखा जाएगा। जल्द कूड़ा निस्तारण व टूटी सड़कों की मरम्मत कराई जाएगी। इनके अलावा जाम मुक्त कस्बा, सरकारी जमीन को कब्जा मुक्त कराने, सब्जी मंडी के लिए स्थायी स्थान बनाने आदि को लेकर कार्य किए जाएंगे। - हज्जन आफताब, अध्यक्ष नगर पंचायत लावड़
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