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नहीं मिली एनओसी, नहीं मिलेगी कूड़े के पहाड़ों से निजात

Mon, 23 Nov 2020 02:08 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 23 Nov 2020 02:08 AM IST
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No NOC found, will not get rid of litter mountains
मेरठ। स्वच्छता सर्वेक्षण 2020 की रैंकिंग में 41वें नंबर पर रहने के बाद भी नगर निगम इस साल भी शहरवासियों को कूड़े के पहाड़ों से निजात नहीं दिला पाएगा। शासन से पास होने के बाद भी लोहियानगर डंपिंग ग्राउंड पर लगने वाला बैलेस्टिक सेपरेटर प्लांट अभी तक प्रदूूषण विभाग की एनओसी मिलने का इंतजार कर रहा है। वहीं, शहर में खड़े करीब 20 लाख टन कूड़े के पहाड़ शहरवासियों के साथ ही यहां आने वाले लोगों का भी दूर से ही स्वागत करते दिखाई देते हैं। ये हाल तब है जब हर बार एनजीटी की फटकार लग रही है।
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नगर निगम ने गांवड़ी में बैलेस्टिक सेपरेटर मशीन लगाने के बाद लोहियानगर, मंगतपुरम और नंगलाताशी डंपिंग ग्राउंडों में लगे कूड़े के पहाड़ों को खत्म करने का दावा किया था। इसके लिए शासन ने भी मंजूरी के साथ 14वें वित्त आयोग से धनराशि भी स्वीकृत कर दी थी। सितंबर माह में लोहियानगर डंपिंग ग्राउंड में 300 टन प्रतिदिन क्षमता के बैलेस्टिक सेपरेटर प्लांट का टेंडर भी कर दिया था। निगम अधिकारियों द्वारा आगामी 31 दिसंबर से पहले कूड़ा निस्तारण प्लांट लगाने का दावा किया जा रहा था। लेकिन इसमें अभी तक निगम एक कदम भी आगे नहीं बढ़ सका है। बताया जा रहा है कि प्रदूषण नियंत्रण विभाग ने भी प्लांट को एनओसी नहीं दी है।
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इसके अलावा लोहियानगर डंपिंग ग्राउंड पर खड़े कूड़े के पहाड़ को दिखने से छिपाने के लिए 20 फीट ऊंचे व्यू कटर (टीन की दीवार) लगाई जानी थी, लेकिन इसके टेंडर को भी अभी तक स्वीकृति नहीं मिल सकी है। मंगतपुरम और नंगलाताशी डंपिंग ग्राउंड के बारे में तो अभी कुछ सोचा ही नहीं गया है। अधिकारियों का कहना है कि नवागत नगर आयुक्त के सामने अब नए सिरे से सभी फाइल पेश करनी पड़ेगी। इसके बाद ही आगे की कार्रवाई हो सकेगी।
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अस्थायी खत्ते भी नहीं हो पा रहे दूर
शासन द्वारा मांगी रिपोर्ट में नगर निगम ने शहर में 146 अस्थाई खत्ते बताए थे, जिन पर रोजाना गली मोहल्लों से निकलने वाला कूड़ा कचरा डाला जाता है। मुख्य सड़क से लेकर मोहल्लों के अंदर बने इन अस्थायी खत्तों से न केवल गंदगी और बीमारी फैल रही है बल्कि नगर निगम स्वच्छता सर्वेक्षण की रैंकिंग में भी पिछड़ता जा रहा है। जिले के प्रभारी मंत्री श्रीकांत शर्मा ने भी 26 अगस्त को हुई जिला योजना की बैठक में शहर के स्वच्छता सर्वेक्षण में पिछड़ने पर कड़ी नाराजगी जताई थी और नगर निगम अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक शहर की रैंक सुधारने की दिशा में कदम उठाने के लिए कहा था। इसके अलावा कोविड़-19 के लिए शनिवार और रविवार को चलाए जा रहे विशेष सफाई अभियान में निगम ने शहर के अस्थायी खत्तों को खत्म करने का भी संकल्प लिया था। निगम अधिकारी इनमें से अधिकतर खत्तों को खत्म करने का दावा कर रहे हैं। लेकिन धरातल पर ऐसा नहीं दिख रहा है।

तैयारी पूरी है
डंपिंग ग्राउंड पर कूड़े के निस्तारण के लिए बैलेस्टिक सेपरेटर प्लांट और व्यू कटर लगाने की पूरी तैयारी है। नगर आयुक्त के छुट्टी से वापस आने पर इन सभी प्रस्तावों को उनके सामने रखा जाएगा। -यशवंत कुमार, मुख्य अभियंता निर्माण नगर निगम
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