सीएम योगी के दावे हो रहे हवाई, चीनी मिलों पर अल्टीमेटम का नहीं असर, रालोद ने दी आंदोलन की चेतावनी
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सीएम योगी आदित्यनाथ द्वारा दिया गया 31 दिसंबर तक पिछले पेराई सत्र भुगतान के अल्टीमेटम का असर दागी शुगर मिलों पर नहीं हो रहा है। अल्टीमेटम तिथि के तीन दिन शेष रहने पर भी कोई भी बकाएदार मिल भुगतान करने के लिए तैयार नहीं है। किसानों ने किनौनी मिल के खिलाफ मोर्चा खोलने का एलान भी कर दिया है। दागी शुगर मिलों ने पिछले सत्र के बाद अब चालू सत्र का भी गन्ना मूल्य दबाना शुरू कर दिया है। अल्टीमेटम के नजदीक आने पर गन्ना अधिकारियों की भी परेशानी बढ़ने लगी है।
गन्ना बकाया भुगतान को लेकर किसानों के बीच हो रही किरकिरी के चलते सीएम योगी आदित्यनाथ ने पिछले पेराई सत्र की बकाएदार मिलों को 31 दिसंबर तक संपूर्ण बकाया भुगतान करने का अल्टीमेटम दिया है। नकदी की परेशानी से जूझ रही मिलों को राहत देने के लिए सरकार पहले ही 4500 करोड़ की राशि सॉफ्ट लोन के लिए आवंटित कर चुकी है।
कई मिलों ने जहां इसका लाभ लेकर भुगतान कर दिया है, वहीं मेरठ मंडल की किनौनी, मोदीनगर, मलकपुर, सिंभावली, बृजनाथपुर और बुलंदशहर ने अभी तक बकाए को लटका रखा है। किनौनी शुगर मिल पर 116 करोड़, मलकपुर मिल पर 268 करोड़, सिंभावली मिल पर 137 करोड़, बृजनाथपुर मिल पर 74 करोड़, बुलंदशहर मिल पर 20 करोड़ और मोदीनगर मिल पर 131 करोड़ रुपया बकाया चल रहा है। पुराने बकाये के साथ ही इन मिलों ने अभी तक चालू पेराई सत्र का भी भुगतान करना शुरू नहीं किया है।
मिल की हो चुकी कुर्की
सरकार ने मोदीनगर, बृजनाथपुर, मलकपुर और बुलंदशहर मिल की आरसी जारी कर रखी है। इसमें मोदीनगर मिल में कुर्की की कार्रवाई पूरी हो चुकी है। चीनी स्टॉक को कुर्क करने के साथ ही फार्म हाउस और कई ऑफिस सील किए जा चुके हैं, बाकी मिलों पर भी कुर्की की तलवार लटकी हुई है।
आंदोलन की चेतावनी दी
जनपद की किनौनी मिल ने सॉफ्ट लोन के लिए भी आवेदन नहीं किया है। मिल सूत्रों का कहना है कि मिल पहले ही एनपीए में घिरी हुई है। इसके चलते आवेदन नहीं किया गया। दूसरी तरफ किसान संघर्ष समिति किनौनी ने भी आंदोलन की धमकी दे दी है। इस पर गन्ना विभाग ने भी मिल को पत्र भेजकर चेताया है।
रालोद करेगा आंदोलन
पार्टी के प्रदेश संगठन प्रभारी डॉ. राजकुमार सांगवान का कहना है कि सरकार का 14 दिन में भुगतान करने का दावा हवा हवाई साबित हो रहा है। शुगर मिलें सरकार को ठेंगा दिखाकर चालू पेराई सत्र का भी बकाया दबाने लगी हैं। रालोद इस पर चुप नहीं बैठेगा, जल्द ही आंदोलन शुरू किया जाएगा।
बना रखा है दबाव
सरकार ने पिछले बकाए के लिए 31 दिसंबर तक का अल्टीमेटम दिया हैं। बकाएदार मिलों पर भुगतान के लिए दबाव बनाया हुआ है। किसानों की चेतावनी को देखते हुए भी मिलों को आगाह कर दिया है। -हरपाल सिंह, उप गन्ना आयुक्त
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