मेरठ: आज से बिना पीयूसीसी नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल, 225 में से 203 पंपों पर लगे एएनपीआर कैमरे
मेरठ में एक अक्तूबर से बिना वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र के वाहनों को पेट्रोल-डीजल नहीं मिलेगा। 225 में से 203 पेट्रोल पंपों पर एएनपीआर कैमरे लगाए गए हैं।
विस्तार
मेरठ समेत एनसीआर में एक अक्तूबर से बिना वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र (पीयूसीसी) वाले वाहनों को पेट्रोल, डीजल और सीएनजी नहीं देने की व्यवस्था लागू हो गई है। मेरठ जिले के 225 पेट्रोल पंपों में से 203 पर एएनपीआर कैमरे लगाए जा चुके हैं, जबकि 22 पंपों पर अभी कैमरे नहीं लगे हैं। नियम के तहत बिना तकनीकी व्यवस्था वाले पंपों को भी ईंधन आपूर्ति रोकने की कार्रवाई की जा सकती है।
225 में से 203 पंपों पर लगे कैमरे
पूर्ति विभाग ने सभी पेट्रोल पंपों को 30 सितंबर तक ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकगनेशन (एएनपीआर) कैमरे लगाने का समय दिया था। मेरठ में 225 पेट्रोल पंप हैं, जिनमें से 203 पर कैमरे लगाए जा चुके हैं। 22 पंपों पर अभी कैमरे लगना बाकी है।
जिला पूर्ति अधिकारी विनय कुमार सिंह के अनुसार सभी पेट्रोल पंपों पर एएनपीआर कैमरे लगाने होंगे। कैमरे नहीं लगाने वाले पंपों को तब तक ईंधन की आपूर्ति नहीं की जाएगी।
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ऐसे जांच होगी पीयूसीसी
पेट्रोल पंप पर वाहन पहुंचने के बाद एएनपीआर कैमरा उसकी नंबर प्लेट स्कैन करेगा। इसके बाद वाहन के पीयूसीसी की वैधता की जांच की जाएगी। वैध पीयूसीसी होने पर ही वाहन में ईंधन भरने की अनुमति मिलेगी।
जिन पंपों पर अभी एएनपीआर कैमरे नहीं लगे हैं, वहां कर्मचारियों के मोबाइल में पीयूसीसी एप स्थापित कराया जा रहा है। कर्मचारी वाहन का नंबर डालकर पीयूसीसी की वैधता की जांच करेंगे।
बिना पीयूसीसी ईंधन देने पर कार्रवाई
पूर्ति विभाग के अनुसार यदि कोई पेट्रोल पंप बिना वैध पीयूसीसी वाले वाहन में पेट्रोल या डीजल भरता पाया गया तो उसके फ्यूल सेलिंग लाइसेंस को निरस्त करने की कार्रवाई की जा सकती है। यह व्यवस्था उन पंपों पर लागू होगी जहां पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की बिक्री होती है। केवल सीएनजी बेचने वाले पंपों को इस नियम से अलग रखा गया है।