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बजट के अभाव में अटका ड्राइविंग इंस्टीट्यूट
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मेरठ।
बजट के अभाव में साकेत स्थित आईटीआई में बन रहे ड्राइविंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट का काम महीनों से ठप है। दिसंबर 2018 में यह इंस्टीट्यूट परिवहन विभाग के सुपुर्द किया जाना था, लेकिन तय समय से 14 माह बाद भी यह तैयार नहीं हो पाया है। इसके चलते आरटीओ में ड्राइविंग टेस्ट के नाम पर खानापूर्ति कर डीएल बनाए जा रहे हैं। कई बार तो दलालों की सेटिंग से अभ्यर्थी बिना टेस्ट के ही डीएल हासिल कर लेते हैं।
आरटीओ में हर माह पांच से छह हजार डीएल बनाए जाते हैं। इसके बावजूद वहां ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक नहीं है। विभाग की मांग के बाद शासन ने मेरठ को ड्राइविंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट का तोहफा दिया था। करीब साढ़े चार करोड़ रुपये की लागत से साकेत स्थित आईटीआई में इसका निर्माण शुरू हुआ। यहां संस्थान के भवन के साथ ऑटोमेटिक ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक भी बनाया जाना है। इसका निर्माण उप्र राज्य सहकारी निर्माण संघ लिमिटेड (पैकफेड) कर रही है। अब तक शासन ने करीब चार करोड़ मिल चुका है। करीब 60 लाख रुपये की अंतिम किस्त नहीं मिली है। इसके चलते इंस्टीट्यूट का काम बीच में ही अटका है। कार्यदायी संस्था ने भवन का ढांचा तैयार कर दिया है, लेकिन टेस्टिंग ट्रैक अधूरा है।
भ्रष्टाचार पर लगेगी लगाम
ऑटोमेटिक ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक तैयार होने पर अभ्यर्थी का मशीनों के जरिए लिए जाने वाले टेस्ट के अलावा तकनीकी तौर पर समृद्ध ट्रैक पर वाहन चलाकर दिखाना होगा। इसमें वही अभ्यर्थी पास होगा, जिसने लर्निंग लाइसेंस लेकर गाड़ी चलानी सीखी है। वाहन फिटनेस सेंटर में भी पूर्ण स्वस्थ वाहन को ही प्रमाणपत्र जारी होगा।
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वर्जन===
ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर के लिए अंतिम किस्त की डिमांड लखनऊ भेजी गई है। दो किस्तों से इंस्टीट्यूट का 80 फीसदी काम पूरा हो चुका है। बाकी काम किस्त मिलते ही पूरा करा दिया जाएगा।
एसके सिंह, अधिशासी अभियंता, पैकफेड
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बजट के अभाव में साकेत स्थित आईटीआई में बन रहे ड्राइविंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट का काम महीनों से ठप है। दिसंबर 2018 में यह इंस्टीट्यूट परिवहन विभाग के सुपुर्द किया जाना था, लेकिन तय समय से 14 माह बाद भी यह तैयार नहीं हो पाया है। इसके चलते आरटीओ में ड्राइविंग टेस्ट के नाम पर खानापूर्ति कर डीएल बनाए जा रहे हैं। कई बार तो दलालों की सेटिंग से अभ्यर्थी बिना टेस्ट के ही डीएल हासिल कर लेते हैं।
आरटीओ में हर माह पांच से छह हजार डीएल बनाए जाते हैं। इसके बावजूद वहां ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक नहीं है। विभाग की मांग के बाद शासन ने मेरठ को ड्राइविंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट का तोहफा दिया था। करीब साढ़े चार करोड़ रुपये की लागत से साकेत स्थित आईटीआई में इसका निर्माण शुरू हुआ। यहां संस्थान के भवन के साथ ऑटोमेटिक ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक भी बनाया जाना है। इसका निर्माण उप्र राज्य सहकारी निर्माण संघ लिमिटेड (पैकफेड) कर रही है। अब तक शासन ने करीब चार करोड़ मिल चुका है। करीब 60 लाख रुपये की अंतिम किस्त नहीं मिली है। इसके चलते इंस्टीट्यूट का काम बीच में ही अटका है। कार्यदायी संस्था ने भवन का ढांचा तैयार कर दिया है, लेकिन टेस्टिंग ट्रैक अधूरा है।
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भ्रष्टाचार पर लगेगी लगाम
ऑटोमेटिक ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक तैयार होने पर अभ्यर्थी का मशीनों के जरिए लिए जाने वाले टेस्ट के अलावा तकनीकी तौर पर समृद्ध ट्रैक पर वाहन चलाकर दिखाना होगा। इसमें वही अभ्यर्थी पास होगा, जिसने लर्निंग लाइसेंस लेकर गाड़ी चलानी सीखी है। वाहन फिटनेस सेंटर में भी पूर्ण स्वस्थ वाहन को ही प्रमाणपत्र जारी होगा।
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वर्जन===
ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर के लिए अंतिम किस्त की डिमांड लखनऊ भेजी गई है। दो किस्तों से इंस्टीट्यूट का 80 फीसदी काम पूरा हो चुका है। बाकी काम किस्त मिलते ही पूरा करा दिया जाएगा।
एसके सिंह, अधिशासी अभियंता, पैकफेड