{"_id":"603febe28ebc3e8cbc55ff93","slug":"niyam-mein-ulajhe-vyaapaaree-aaeeteesee-klem-jama-karane-mein-aa-rahee-dikkat-meerut-news-mrt528196294","type":"story","status":"publish","title_hn":"नियम में उलझे व्यापारी, आईटीसी क्लेम जमा करने में आ रही दिक्कत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नियम में उलझे व्यापारी, आईटीसी क्लेम जमा करने में आ रही दिक्कत
विज्ञापन
मेरठ। गुड्स सर्विस टैक्स (जीएसटी) के नियमों में व्यापारी उलझे हैं। करीब 45 फीसदी कारोबारियों का आईटीसी क्लेम जमा नहीं हो पाया है। रिटर्न दाखिल करने को लेकर सीए और अधिवक्ताओं को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
जीएसटी में नए कानून के तहत अब हर माह की 11 तारीख तक जीएसटी में पंजीकृत कारोबारियों को जीएसटीआर-वन दाखिल करना अनिवार्य कर दिया गया है। ऐसा नहीं करने वाले कारोबारियों की आईटीसी क्लेम फंस जाएगा। व्यापारी अगर जीएसटीआर-वन समय से दाखिल नहीं करता है तो जिन व्यापारियों को उसने माल बेचा था, उन्हें इनपुट टैक्स क्रेडिट यानी आईटीसी का लाभ नहीं मिल पाएगा। जीएसटीआर-वन दाखिल करने की अंतिम तिथि हर माह की 11 तारीख रखी गई है। जिन व्यापारियों को उसने माल बेचा है, उन्हें आईटीसी से वंचित रहना पड़ेगा। अधिवक्ता संजीव गुप्ता ने बताया कि करीब 45 फीसदी कारोबारियों का आईटीसी क्लेम फंसा हुआ है। एसजीएसटी के एडिशनल कमिश्नर संपूर्णानंद पांडे ने बताया कि सभी नियम व्यापारियों की बेहतरी के लिए हैं। समय से रिटर्न दाखिल करने पर किसी को कोई समस्या नहीं आती है। समय के बाद अगर रिटर्न दाखिल करेंगे तो परेशानी होगी। संवाद
विज्ञापन