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UP: सैन्य सम्मान के साथ होगा नितिन का अंतिम संस्कार, चार महीने बाद हुई पहचान; सिक्किम आपदा में हुए थे बलिदान
Fri, 16 Feb 2024 07:56 PM IST
श्याम जी.
अमर उजाला नेटवर्क, बिजनौर
अमर उजाला नेटवर्क, बिजनौर
Published by: श्याम जी.
Updated Fri, 16 Feb 2024 07:56 PM IST
सार
तीन अक्तूबर 2023 की रात्रि उनकी पूरी टुकड़ी बादल फटने से आई बाढ़ की चपेट में आ गयी थी। घटना में नितिन भी लापता हुआ। चार महीने के बाद डीएनए जांच के बाद बलिदान जवान के पार्थिव शरीर की पहचान हो सकी है।
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सिक्किम आपदा में बलिदान जवान नितिन
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सिक्किम आपदा में बलिदान हुए सेना के जवान नितिन ढाका का अंतिम संस्कार शनिवार को बालावाली गंगा घाट पर सैन्य सम्मान के साथ किया जाएगा। चार महीने के बाद डीएनए जांच के बाद जवान के पार्थिव शरीर की पहचान हो सकी है।
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मंडावर थाना क्षेत्र में चंडोक के निकट गांव भवानीपुर निवासी राजेश कुमार के पुत्र नितिन कुमार ढाका 2011 से सेना में कार्यरत थे। पिछले वर्ष अक्तूबर के महीने में नितिन की कंपनी सिक्किम में सैन्य अभ्यास करके लौट रही थी। तीन अक्तूबर 2023 की रात्रि उनकी पूरी टुकड़ी बादल फटने से आई बाढ़ की चपेट में आ गयी थी। घटना में नितिन भी लापता हुआ। सेना की ओर लापता हुए जवानों की काफी तलाश की गई थी, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लग पाया था।
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जवान नितिन के लौटने की आस में पत्नी माला और माता की आंखें उसकी राह देखते देखते पथरा गयी थी। सभी को अनहोनी की आशंका तो थी, लेकिन जवान का शव नहीं मिलने के कारण एक आश की किरण भी जागी हुई थी। घटना के चार महीने बाद 13 फरवरी को सेना की ओर से नितिन के परिजनों को जवान के बलिदान होने की खबर दी गयी, जिसके बाद नितिन का छोटा भाई दीपक और साला अवनीश उसी दिन नितिन का पार्थिव शरीर लेने के लिए पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी जनपद के बिनागुड़ी छावनी के लिए रवाना हो गाए थे।
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जवान के बलिदान होने की सूचना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया। साथ क्षेत्र में भी शोक की लहर दौड़ गई। जवान नितिन की शादी 6 वर्ष पूर्व नूरपुर के पास गाजीपुर गाँव से हुई थी। नितिन अपने पीछे पत्नी, एक 4 साल के बेटे और मां को रोता बिलखता छोड़ गया। परिजनों के अनुसार जवान का शव शनिवार की सुबह तक पैतृक गांव पहुंचेगा, जिसमे बाद पूरे सैन्य सम्मान के साथ जवान का अंतिम संस्कार किया जाएगा।