{"_id":"5b0711834f1c1bfa6e8b46d1","slug":"nipaah-virus-se-rahe-satark","type":"story","status":"publish","title_hn":"निपाह वायरस से रहें सतर्क, बरतें सावधानी ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
निपाह वायरस से रहें सतर्क, बरतें सावधानी
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 25 May 2018 12:56 AM IST
विज्ञापन
फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
केरल के कोझिकोड़ में निपाह वायरस से 10 से ज्यादा मौतों की खबर है। अभी तक मेरठ में इसे लेकर अलर्ट तो जारी नहीं किया गया, लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने सावधानी बरतने की हिदायत जरूर दी है। हालांकि गनीमत है कि मेरठ में इस तरह के वायरस का खतरा कम है।
सीएमओ डॉ. राजकुमार ने बताया कि शासन में बात हुई है, वहां से एक-दो दिन में अलर्ट जारी हो सकता है। फिलहाल सावधानी बरतने को कहा गया है। डेंगू की तरह निपाह वायरस का प्रकोप मानने की गलती न करें। आमतौर पर सर्दी, जुकाम और बुखार या किसी तरह की कोई दिक्कत ज्यादा दिन तक रहे तो डॉक्टर से संपर्क जरूर करें। व्यक्तिगत स्वच्छता का ध्यान रखना जरूरी है। फल और सब्जियों को ठीक तरीके से धोकर ही खाएं और हाथ धोते रहें। केरल में चिकित्सीय सेवाएं काफी बेहतर हैं, लिहाजा उम्मीद है कि प्राइमरी स्टेज पर ही इसके वायरस को पहचान लिया है। संभव है कि इस वायरस को वहीं से फैलने से रोक दिया जाए। इस संबंध में फिजिशियन डॉ. तनुराज सिरोही का कहना है कि निपाह वायरस से बीमार लोगों से स्वस्थ व्यक्ति को दूर रहना चाहिए, यह बीमार व्यक्ति के लार से फैल सकता है। अगर यह पता चलता है कि कोई निपाह वायरस से बीमार हुआ है तो उसे अस्पताल में भर्ती कराया जाना चाहिए।
निपाह वायरस
इस वायरस का असर पांच से 14 दिन तक रहता है। यह सीधे सीधे फेफड़े और तंत्रिका तंत्र पर अटैक करता है। यह चमगादड़ के जरिए फल-सब्जी में जाता है और इनका प्रयोग करने से यह इंसानों में आ जाता है। इसके लक्षणों में सर्दी जुकाम, बदन दर्द, सिरदर्द, पेट दर्द, उल्टी आना, खांसी आना, अचानक सांस फूलना, चक्कर आना, बेहोशी आना आदि हैं। यह पहली बार मलेशिया के निपाह इलाके में 1998 में फैला था।
विज्ञापन
ऐसे करें बचाव
- कटे हुए फलों के सेवन से बचें।
- इस बीमारी के मरीज के बिस्तर, बर्तन और कपड़े अलग रखें।
- इस बीमारी से मृत व्यक्ति के शव को छूने में सावधान बरतें।
- ध्यान रखें खाने की वस्तुएं चमगादड़ से संक्रमित न हों।
विज्ञापन
सीएमओ डॉ. राजकुमार ने बताया कि शासन में बात हुई है, वहां से एक-दो दिन में अलर्ट जारी हो सकता है। फिलहाल सावधानी बरतने को कहा गया है। डेंगू की तरह निपाह वायरस का प्रकोप मानने की गलती न करें। आमतौर पर सर्दी, जुकाम और बुखार या किसी तरह की कोई दिक्कत ज्यादा दिन तक रहे तो डॉक्टर से संपर्क जरूर करें। व्यक्तिगत स्वच्छता का ध्यान रखना जरूरी है। फल और सब्जियों को ठीक तरीके से धोकर ही खाएं और हाथ धोते रहें। केरल में चिकित्सीय सेवाएं काफी बेहतर हैं, लिहाजा उम्मीद है कि प्राइमरी स्टेज पर ही इसके वायरस को पहचान लिया है। संभव है कि इस वायरस को वहीं से फैलने से रोक दिया जाए। इस संबंध में फिजिशियन डॉ. तनुराज सिरोही का कहना है कि निपाह वायरस से बीमार लोगों से स्वस्थ व्यक्ति को दूर रहना चाहिए, यह बीमार व्यक्ति के लार से फैल सकता है। अगर यह पता चलता है कि कोई निपाह वायरस से बीमार हुआ है तो उसे अस्पताल में भर्ती कराया जाना चाहिए।
विज्ञापन
निपाह वायरस
इस वायरस का असर पांच से 14 दिन तक रहता है। यह सीधे सीधे फेफड़े और तंत्रिका तंत्र पर अटैक करता है। यह चमगादड़ के जरिए फल-सब्जी में जाता है और इनका प्रयोग करने से यह इंसानों में आ जाता है। इसके लक्षणों में सर्दी जुकाम, बदन दर्द, सिरदर्द, पेट दर्द, उल्टी आना, खांसी आना, अचानक सांस फूलना, चक्कर आना, बेहोशी आना आदि हैं। यह पहली बार मलेशिया के निपाह इलाके में 1998 में फैला था।
विज्ञापन
ऐसे करें बचाव
- कटे हुए फलों के सेवन से बचें।
- इस बीमारी के मरीज के बिस्तर, बर्तन और कपड़े अलग रखें।
- इस बीमारी से मृत व्यक्ति के शव को छूने में सावधान बरतें।
- ध्यान रखें खाने की वस्तुएं चमगादड़ से संक्रमित न हों।